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युवक का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला
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फोटो- 18एयूआरपी-24 मृतक अंशुल (फाइल फोटो)
- फोटो : AURAIYA
दिबियापुर (औरैया)। नगर के संजय नगर में रहने वाले एक युवक का शव घर के अंदर फांसी के फंदे पर लटका मिला। सोमवार की सुबह सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों का कहना है कि पॉक्सो एक्ट के एक मुकदमे को लेकर मृतक परेशान रहता था। पिछले दिनों मृतक पर गुंडा एक्ट से लेकर जिला बदर की भी कार्रवाई हुई थी।
कस्बे के संजय नगर में रहने वाले अंशुल (25) पुत्र श्रीराम का शव लोहे के जाल में फंदे पर लटका मिला। शव फंदे पर लटका देख परिजनों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। दिबियापुर थाने के एसआई प्रदीप अवस्थी ने मौके पर पहुंचकर शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इधर, परिजनों का कहना है कि अंशुल पॉक्सो एक्ट के एक मुकदमे को लेकर परेशान रहता था। इसी मुकदमे के कारण मृतक पर पुलिस ने गुंडा एक्ट से लेकर जिला बदर तक की कार्रवाई की थी।
मृतक के पिता सिंचाई विभाग में अमीन के पद पर कार्यरत थे। ड्यूटी के दौरान एक हादसे में उनकी मौत हो गई थी। मृतक आश्रित के तौर पर बड़े भाई अनिल को नौकरी मिली थी। उनकी भी पिछले वर्ष एक सड़क हादसे में मौत हो गई थी। घर में एक छोटा भाई और मां रहते हैं। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक विकास राय का कहना है कि गंभीर श्रेणी के मुकदमे होने के कारण मृतक के खिलाफ गुंडा एक्ट एवं जिला बदर की कार्रवाई की गई थी। गत 24 सितंबर को छह माह की जिला बदर की मियाद पूरी हो गई थी।
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कस्बे के संजय नगर में रहने वाले अंशुल (25) पुत्र श्रीराम का शव लोहे के जाल में फंदे पर लटका मिला। शव फंदे पर लटका देख परिजनों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। दिबियापुर थाने के एसआई प्रदीप अवस्थी ने मौके पर पहुंचकर शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इधर, परिजनों का कहना है कि अंशुल पॉक्सो एक्ट के एक मुकदमे को लेकर परेशान रहता था। इसी मुकदमे के कारण मृतक पर पुलिस ने गुंडा एक्ट से लेकर जिला बदर तक की कार्रवाई की थी।
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मृतक के पिता सिंचाई विभाग में अमीन के पद पर कार्यरत थे। ड्यूटी के दौरान एक हादसे में उनकी मौत हो गई थी। मृतक आश्रित के तौर पर बड़े भाई अनिल को नौकरी मिली थी। उनकी भी पिछले वर्ष एक सड़क हादसे में मौत हो गई थी। घर में एक छोटा भाई और मां रहते हैं। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक विकास राय का कहना है कि गंभीर श्रेणी के मुकदमे होने के कारण मृतक के खिलाफ गुंडा एक्ट एवं जिला बदर की कार्रवाई की गई थी। गत 24 सितंबर को छह माह की जिला बदर की मियाद पूरी हो गई थी।
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