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भूखे मर गए गोवंश, कुत्ते नोच रहे शव
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फोटो 17 एयूआरपी-20- सूखा चारा खाते गोवंश
- फोटो : AURAIYA
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बिधूना(औरैया)। जिले की गोशालाएं अफसरों की अनदेखी के चलते बदहाल होती जा रही है। खाने में सूखा भूसा और पीने के लिए समय से पानी न मिलने पर गोवंश कुपोषित होने के साथ घुट-घुट कर मर रहे हैं। शुक्रवार को क्षेत्र की भिखरा गोशाला में दो गोवंशों ने देखरेख के अभाव में दम तोड़ दिया। किसी भी कर्मचारी के न होने पर गोशाला में घुसे कुत्ते गोवंशों के शवों को नोचते दिखे। मामला संज्ञान में आने के बाद अफसर जांच कर कार्रवाई की बात कह रहे हैं।
मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल गोवंश आश्रय स्थल पूरी तरह से फेल होती नजर आ रही है। चारा, दाना और पानी के साथ ही सेवादारों के लिए धनराशि भी दी जा रही है। इसके बाद भी अफसरों की लचर कार्यशैली और गोशालाओं के प्रति उदासीन रवैया गोवंशों को भुखमरी की कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है। हालात यह है कि अधिकांश गोशालाओं में गोवंश भूख-प्यास से तड़प रहे हैं। गुरुवार को बिधूना ब्लॉक की भिखरा में गोवंशों की सूखा भूसा खाने और समय से पानी न मिलने के कारण बीमार हो जाने के बाद मौत हो गई। हद तो तब हो गई जब गोवंशों की मौत के बाद उनके शव उठाने कोई नहीं पहुंचा और कुत्ते शवों को नोचते नजर आए। गोवंशों की इस दुर्दशा पर गोरक्षा प्रेमी प्रशासन के रवैये के प्रति खासे नाराज हैं।
भिखरा में 48 गोवंश हैं दर्ज
गोशाला में 48 गोवंश दर्ज हैं। जिसमें से दो की गुरुवार रात मौत हो गई। मौजूदा समय में छह-सात गोवंश बीमार थे। इनमें से अधिकांश कुपोषित नजर आए।
बीमार गोवंशों का नहीं होता इलाज
गांव के लोगों ने बताया कि प्रशासन ने गोवंशों को भले ही पकड़ कर यहां रखा हो, लेकिन गोवंशों को न तो दाना, हरा चारा मिल रहा है और नहीं कोई इनकी देखरेख करता है। बीमार होने के बाद गोवंश तड़पते रहते हैं। इनका इलाज भी नहीं होता है।
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लापरवाह लोगों पर होगी कार्रवाई
गोशाला में बीमार चल रहे गोवंशों की मौत की खबर मिली है। जिनका पोस्टमार्टम कराया जाएगा। साथ ही लापरवाही की जांच कर ग्राम प्रधान व सचिव के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-सौरभ श्रीवास्तव, बीडीओ
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मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल गोवंश आश्रय स्थल पूरी तरह से फेल होती नजर आ रही है। चारा, दाना और पानी के साथ ही सेवादारों के लिए धनराशि भी दी जा रही है। इसके बाद भी अफसरों की लचर कार्यशैली और गोशालाओं के प्रति उदासीन रवैया गोवंशों को भुखमरी की कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है। हालात यह है कि अधिकांश गोशालाओं में गोवंश भूख-प्यास से तड़प रहे हैं। गुरुवार को बिधूना ब्लॉक की भिखरा में गोवंशों की सूखा भूसा खाने और समय से पानी न मिलने के कारण बीमार हो जाने के बाद मौत हो गई। हद तो तब हो गई जब गोवंशों की मौत के बाद उनके शव उठाने कोई नहीं पहुंचा और कुत्ते शवों को नोचते नजर आए। गोवंशों की इस दुर्दशा पर गोरक्षा प्रेमी प्रशासन के रवैये के प्रति खासे नाराज हैं।
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भिखरा में 48 गोवंश हैं दर्ज
गोशाला में 48 गोवंश दर्ज हैं। जिसमें से दो की गुरुवार रात मौत हो गई। मौजूदा समय में छह-सात गोवंश बीमार थे। इनमें से अधिकांश कुपोषित नजर आए।
बीमार गोवंशों का नहीं होता इलाज
गांव के लोगों ने बताया कि प्रशासन ने गोवंशों को भले ही पकड़ कर यहां रखा हो, लेकिन गोवंशों को न तो दाना, हरा चारा मिल रहा है और नहीं कोई इनकी देखरेख करता है। बीमार होने के बाद गोवंश तड़पते रहते हैं। इनका इलाज भी नहीं होता है।
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लापरवाह लोगों पर होगी कार्रवाई
गोशाला में बीमार चल रहे गोवंशों की मौत की खबर मिली है। जिनका पोस्टमार्टम कराया जाएगा। साथ ही लापरवाही की जांच कर ग्राम प्रधान व सचिव के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-सौरभ श्रीवास्तव, बीडीओ