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विद्यालय का गेट और जंगला टूटा, दरकी दीवार
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फोटो 05एयूआरपी02 कक्षा का टूटा पड़ा दरवाजा एवं अंदर बिखरा मलबा
- फोटो : AURAIYA
दिबियापुर (औरैया)। टूटा गेट, कक्षा व किचन का टूटा जंगला, दरकती कक्षा की दीवार, टूटी पड़ी लोहे की अलमारी। यह दृश्य है दिबियापुर कस्बे के मुख्य बाजार में स्थित प्राथमिक विद्यालय दिबियापुर का है। विद्यालय का कायाकल्प तो दूर नियमित मरम्मत भी नहीं होती।
इस समय शासन के निर्देश पर कायाकल्प योजना के तहत परिषदीय विद्यालयों के कायाकल्प के लिए प्रशासन तेजी से काम करा रहा है। लेकिन, रेलवे स्टेशन फफूंद और थाने के बीच में स्थित प्राथमिक स्कूल दिबियापुर की हालत बहुत खराब है। यहां पर गेट टूटा होने के कारण जानवर भी स्कूल के अंदर घुस जाते हैं। इंटरलॉकिंग भी उखड़ी पड़ी है। अंदर कमरे में दरवाजा नहीं है। निर्माणाधीन वॉटर टैंक की टोटियां और कमरे, किचन के जंगले चोरी हो गए हैं। कमरे में जाने के लिए बने रैंप की रेलिंग गायब है। साथ ही एक कमरे की दीवारें दरक गईं हैं।
इस संबंध में स्कूल की प्रधानाध्यापिका अनीता राजपूत का कहना है कि स्कूल के पीछे चाहरदीवारी कम ऊंची होने के कारण चोरी हो जाती है। चोरों ने सरिया निकालने के लिए स्लैब ही तोड़ डाली। कई बार इसकी शिकायत थाने में की गई। नगर पंचायत द्वारा स्कूल में कायाकल्प के अंतर्गत काम कराया जाना है, लेकिन अभी तक केवल शौचालय निर्माण कराया जा रहा है।
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ये काम होने हैं
कायाकल्प योजना के अंतर्गत स्कूलों में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था, चहारदीवारी का निर्माण, टाइल्स, इंटरलॉकिंग, दिव्यांग बच्चों के लिए अलग शौचालय आदि व्यवस्थाएं होनी चाहिए।
अधिकारी बोलीं
अधिकारियों से केवल शौचालय बनवाने का आदेश मिला है। फिनिशिंग का काम चल रहा है। - मोनिका उमराव, अधिशासी अधिकारी, दिबियापुर नगर पंचायत
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इस समय शासन के निर्देश पर कायाकल्प योजना के तहत परिषदीय विद्यालयों के कायाकल्प के लिए प्रशासन तेजी से काम करा रहा है। लेकिन, रेलवे स्टेशन फफूंद और थाने के बीच में स्थित प्राथमिक स्कूल दिबियापुर की हालत बहुत खराब है। यहां पर गेट टूटा होने के कारण जानवर भी स्कूल के अंदर घुस जाते हैं। इंटरलॉकिंग भी उखड़ी पड़ी है। अंदर कमरे में दरवाजा नहीं है। निर्माणाधीन वॉटर टैंक की टोटियां और कमरे, किचन के जंगले चोरी हो गए हैं। कमरे में जाने के लिए बने रैंप की रेलिंग गायब है। साथ ही एक कमरे की दीवारें दरक गईं हैं।
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इस संबंध में स्कूल की प्रधानाध्यापिका अनीता राजपूत का कहना है कि स्कूल के पीछे चाहरदीवारी कम ऊंची होने के कारण चोरी हो जाती है। चोरों ने सरिया निकालने के लिए स्लैब ही तोड़ डाली। कई बार इसकी शिकायत थाने में की गई। नगर पंचायत द्वारा स्कूल में कायाकल्प के अंतर्गत काम कराया जाना है, लेकिन अभी तक केवल शौचालय निर्माण कराया जा रहा है।
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ये काम होने हैं
कायाकल्प योजना के अंतर्गत स्कूलों में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था, चहारदीवारी का निर्माण, टाइल्स, इंटरलॉकिंग, दिव्यांग बच्चों के लिए अलग शौचालय आदि व्यवस्थाएं होनी चाहिए।
अधिकारी बोलीं
अधिकारियों से केवल शौचालय बनवाने का आदेश मिला है। फिनिशिंग का काम चल रहा है। - मोनिका उमराव, अधिशासी अधिकारी, दिबियापुर नगर पंचायत