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औरैयाः स्कूलों में लटक रहा प्लास्टर तो कहीं चटकीं दीवारें

Fri, 15 Jul 2022 12:09 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 15 Jul 2022 12:09 AM IST
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Auraiya, If the plaster hanging in the schools, the walls cracked
पुरवा लक्षी के स्कूल की चटकी दीवार पढ़ते बच्चे। संवाद - फोटो : AURAIYA
बेला। जिले के कई विद्यालयों के भवन जर्जर हो चुके हैं। बारिश में छत से पानी टपकता रहता है। दीवारों में दरारें हैं, छत से टूटा हुआ प्लास्टर लटक रहा है। ऐसे में जान हथेली पर रखकर बच्चे पढ़ाई करने को मजबूर हैं।
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यह आलम तब है जब मिशन कायाकल्प के तहत स्कूलों को हाईटेक और मॉर्डन बनाने का दावा किया जा रहा है। रखरखाव के अभाव में इन स्कूलों के भवन व छत जीर्णशीर्ण हालत में हैं। कई की चहारदीवारी भी गायब है। बेसिक शिक्षा विभाग एक ओर स्कूलों में मिशन कायाकल्प के तहत सुधार का दावा कर रहा है पर जमीनी हकीकत कुछ और है। स्कूलों की हकीकत देख कायाकल्प योजना पर लोग सवाल भी खड़े कर रहे हैं।
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आखिर कायाकल्प के धन का उपयोग कहां किया जा रहा है। बीईओ बिधूना अवधेश सोनकर ने कहा कि पुरवा भवानी के स्कूल को जर्जर होने की जानकारी उच्चाधिकारियों को भेजी जा चुकी है। शासन से अनुमति मिलने के बाद नया भवन बनवाया जाएगा। शेष विद्यालयों में कायाकल्प की क्या स्थिति रही, इसकी जानकारी की जाएगी। यदि भवन जर्जर हैं तो उसकी जानकारी अधिकारियों को भेजी जाएगी।
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चटकी छत के नीचे पढ़ रहे नौनिहाल
बिधूना विकास खंड के पुरवा भवानी स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय में 50 बच्चे पंजीकृत है। इन्हें हर वक्त खतरा बना रहता है। इसका कारण स्कूल का भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है। स्कूल के कमरों की दीवारों पर दरारें पड़ गईं हैं। वहीं जर्जर छत से लेंटर लटक रहा है। स्कूल की छत कब गिर जाए, इसका कोई भरोसा नहीं है। प्रधानाध्यापक अजय पाठक ने बताया कि बारिश में सभी कमरों से पानी टपकने लगता है। बताया कि इसकी सूचना बीईओ बिधूना सहित बीडीओ, ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम प्रधान को कई बार दी जा चुकी है लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया है।
विद्यालय निर्माण के बाद से नहीं हुई मरम्मत
ग्राम पंचायत बेला के मजरा पुरवा लक्षी स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय का निर्माण वर्ष 1995 में हुआ था। इसके बाद बिल्डिंग में कभी कोई मरम्मत कार्य नहीं हुआ। इससे बिल्डिंग क्षतिग्रस्त होती जा रही है। अधिकांश दीवारें चटक गईं हैं। इससे यहां पढ़ने वाले 65 बच्चों को हादसे की आशंका बनी हुई है। प्रधानाध्यापक रमेश कुमार ने बताया कि कई बार ग्राम सचिव से कायाकल्प के तहत कार्य कराने को कहा गया पर बजट न होने की बात कहकर टाल दिया गया।

लेंटर चटक, छत से दिख रही सरिया
बिधूना विकास खंड क्षेत्र के ग्राम सिमरापूर्वा स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय में एक कमरे का लेंटर चटका हुआ है। छत से सरिया दिख रही है, फिर भी बच्चे उस कमरे में पढ़ाई करने को विवश है। कायाकल्प के तहत हुआ कार्य भी अभी अधूरा पड़ा है। प्रधानाध्यापक पहचान सिंह ने बताया कि कायाकल्प के तहत कराया जाने वाला काम ठेकेदार अधूरा छोड़ कर चला गया है।

पुरवा भवानी स्कूल की छट का टूटा प्लास्टर नीचे बैठकर पढ़ाई करते बच्चे। संवाद

पुरवा भवानी स्कूल की छट का टूटा प्लास्टर नीचे बैठकर पढ़ाई करते बच्चे। संवाद- फोटो : AURAIYA

सिमरापुर्वा स्थित स्कूल में चटकी दीवार व छत का टूटा प्लास्टर। संवाद

सिमरापुर्वा स्थित स्कूल में चटकी दीवार व छत का टूटा प्लास्टर। संवाद- फोटो : AURAIYA

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