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जीरो ब्लाइंडनेस की ओर अग्रसर औरैया
ब्यूरो/अमर उजाला, औरैया
Updated Sat, 04 Apr 2015 12:56 AM IST
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वर्ष 2018 तक औरैैया जीरो ब्लाइंडनेस की ओर अग्रसर हो गया है। इसके लिए डोर टू डोर लोगों की आई स्क्रीनिंग शुरू हो गई है। अप्रैल में दिबियापुर- फफूंद मार्ग पर ‘नेत्र ज्योति’ केंद्र पर लोगों की स्क्रीनिंग प्रारंभ हो जाएं।
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सलाह, उपचार एवं जरूरत पड़ने पर कानपुर में आंखों का फ्री आपरेशन किया जाएगा। गेल इंडिया ने कानपुर के खैराबाद नेत्र चिकित्सालय की मदद से इस दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं।
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नेत्र मरीजों की संख्या को देखते हुए गेल प्रबंधन सीएसआर नीति के तहत दिबियापुर में खैराबाद नेत्र चिकित्सालय के सहयोग से ‘‘नेत्र ज्योति’’ केंद्र खोलने जा रहा है। गेल महाप्रबंधक (मानव संसाधन) एके श्रीवास्तव एवं वरिष्ठ अधिकारी प्रदोष भारद्वाज बताते हैं कि गेल का लक्ष्य अगले चार वर्ष में अंधापन मुक्त जिला बनाना है।
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इसी उद्देश्य से गांवों में डोर टू डोर आई स्क्रीनिंग शुरू कर दी गई है। मरीजों के स्वास्थ्य परीक्षण को आसपास के 100 गांवों में मोबाइल स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराईं जा रही हैं। इसके माध्यम से मुफ्त परामर्श, दवाएं देने एवं खून की जांच की जाती है। इस योजना से 80 हजार ग्रामीण लाभांवित हो रहे हैं।
गेल सीएसआर नीति के तहत खर्च करेगी छह करोड़ - दिबियापुर ( औरैया )। वित्तीय वर्ष 2015-16 में गेल अपनी सीएसआर नीति के अंतर्गत स्वास्थ्य, शिक्षा, सामुदायिक विकास, नारी सशक्तीकरण, पर्यावरण संरक्षण को छह करोड़ रुपये क्षेत्र में खर्च करेगी। इसके प्रस्ताव अनुमोदन को भेजे गए हैं।
दिबियापुर में नेत्र ज्योति केंद्र की स्थापना, 850 व्यक्तिगत शौचालय, एक हजार घरों को व्यक्तिगत सोलर लाइटों के जरिए रोशन करना, 50 व्यक्तिगत बायोगैस प्लांट स्थापित करना, कक्षा छह से 10 तक के बच्चों के लिए फ्री कोचिंग, प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा एक से पांच तक के विद्यार्थियों को शिक्षा उन्नयन पर फोकस किया जाएगा।
साथ ही वन का पुर्वा से पाता रेलवे स्टेशन तक सवा चार किलोमीटर लंबी डामरीकृत सड़क बनवाना प्राथमिकता में है। जीएम श्रीवास्तव बताते हैं कि पिछले दो वित्तीय वर्षों में 14 करोड़ रुपये सीएसआर के माध्यम से खर्च हुआ।