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Auraiya News: मंदिर में स्थापति होगीं अष्टविनायक प्रतिमाएं, आज से प्राण प्रतिष्ठा-
Wed, 17 May 2023 12:09 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Wed, 17 May 2023 12:09 AM IST
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अजीतमल। कस्बे के हाईवे किनारे रेशम फार्म के समीप निर्माणाधीन अष्ट विनायक गणेश मंदिर तथा जनपदीय साहित्य संग्रहालय में भव्य आयोजन के साथ भगवान गणेश की प्रतिमा के साथ अष्ट विनायक प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। विद्वान आचार्यों द्वारा पांच दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम बुधवार से शुरू होकर 21 मई तक आयोजित किया जाएगा। इसके लिए मंदिर परिसर में तैयारियां जोरों पर चल रही हैं।
सद्भावना साहित्य संवर्धन जनकल्याण न्यास के कैलाश त्रिपाठी ने बताया कि मंदिर का निर्माण कार्य शुरू होते ही नगर व अन्य शहरों के आस्थावान लोगों ने आर्थिक व शारीरिक सहयोग देकर मंदिर को भव्य बनाने में सहयोग किया। 20 माह के अंतराल में मंदिर में जयपुर, गोवा और क्षेत्रीय कारीगरों ने मंदिर को भव्य रूप दिया। परिसर में लाल पत्थर से निर्मित अष्टविनायक में मयूरेश्वर, सिद्धिविनायक, बल्लालेश्वर, वरदविनायक, चिंतामणी ,गिरिजात्मज ,विघ्नेश्वर, श्री गणपत भगवान की मूर्तियां स्थापित की जाएंगी। कस्बे के मानस सम्मेलन समिति के अध्यक्ष डॉ. उमेश दीक्षित ने बताया कि बाबरपुर-अजीतमल कस्बे में निर्मित अष्टविनायक मंदिर जनपद सहित आसपास के लोगों की आस्था का केंद्र, दर्शनीय स्थल होगा। साथ ही साहित्य प्रेमियों को मंदिर परिसर में स्थित पुस्तकालय व साहित्य संग्रहालय में उच्च कोटि का साहित्य व युवाओं तथा बच्चों के लिए ज्ञानवर्धक पुस्तकें उपलब्ध होगी।
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सद्भावना साहित्य संवर्धन जनकल्याण न्यास के कैलाश त्रिपाठी ने बताया कि मंदिर का निर्माण कार्य शुरू होते ही नगर व अन्य शहरों के आस्थावान लोगों ने आर्थिक व शारीरिक सहयोग देकर मंदिर को भव्य बनाने में सहयोग किया। 20 माह के अंतराल में मंदिर में जयपुर, गोवा और क्षेत्रीय कारीगरों ने मंदिर को भव्य रूप दिया। परिसर में लाल पत्थर से निर्मित अष्टविनायक में मयूरेश्वर, सिद्धिविनायक, बल्लालेश्वर, वरदविनायक, चिंतामणी ,गिरिजात्मज ,विघ्नेश्वर, श्री गणपत भगवान की मूर्तियां स्थापित की जाएंगी। कस्बे के मानस सम्मेलन समिति के अध्यक्ष डॉ. उमेश दीक्षित ने बताया कि बाबरपुर-अजीतमल कस्बे में निर्मित अष्टविनायक मंदिर जनपद सहित आसपास के लोगों की आस्था का केंद्र, दर्शनीय स्थल होगा। साथ ही साहित्य प्रेमियों को मंदिर परिसर में स्थित पुस्तकालय व साहित्य संग्रहालय में उच्च कोटि का साहित्य व युवाओं तथा बच्चों के लिए ज्ञानवर्धक पुस्तकें उपलब्ध होगी।
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