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अरुण के घर का बुझ गया चिराग
Auraiya, Uttar pradesh, India
Updated Sun, 01 May 2016 12:13 AM IST
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आक्रोशित भीड़ को समझाती पुलिस
- फोटो : amar ujala beuro
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इकलौते बेटे वरुण की मौत ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया। शनिवार को वरुण अपनी मां से कहकर गया था कि मां खाना बनाकर रख लेना, मोबाइल में रिचार्ज डलवाकर आ रहा हूं। लेकिन होनी ने ऐसा खेल खेला की वरुण वापस नहीं लौट सका। वरुण अपने घर का इकलौता चिराग था।
शहर के इंडियन आयल तिराहे के पास सड़क हादसे में गई वरुण सेंगर (17) की जान ने उसके परिजनों को सदमा दे दिया है। वरुण की मौत की सूचना जब उसकी मां प्रतिमा को मिली तो उसे विश्वास ही नहीं हुआ। लेकिन वरुण का शव घर आते ही कोहराम मच गया। जिस किसी ने भी इकलौते पुत्र की मौत की सूचना सुनी उसकी आंखों में आंसू आ गए। मां प्रतिमा तो पुत्र के शव पर बेहोश होकर गिर-गिर जा रही थी। वरुण की मां रो-रोकर कह रही थी कि उसका पुत्र उससे खाना बनाने की बात कहकर गया था, जब काफी देर तक वह वापस नहीं लौटा तो उसने पति अरुण उर्फ बबलू सेंगर से उसे फोन करने को कहा। लेकिन चंद मिनट बाद ही बबलू के पास वरुण की मौत की खबर आई।
आईएएस बनना चाहता था वरुण
औरैया। खेती-किसानी कर अरुण अपने इकलौते पुत्र को पढ़ा लिखाकर आईएएस बनाने का सपना संजोए थे। अपने पिता के सपनों को पूरा करने के लिए वरुण मन लगाकर पढ़ाई भी कर रहा था। वह शहर के सेंट फ्रांसिस स्कूल आनेपुर में इंटर का छात्र था। लेकिन शनिवार को हादसे में वरुण की मौत हो जाने के बाद उसके माता-पिता के सपने चकनाचूर हो गए हैं।
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अब किसकी कलाई में बांधूगी राखी
औरैया। ब्रह्मनगर निवासी अरुण कुमार के 17 वर्षीय पुत्र वरुण की मौत की सूचना जब उसकी बहन तान्या को मिली तो उसका रो-रोकर बुरा हाल था। वह रो-रोकर बस एक ही सवाल पूछ रही थी कि अब मैं किसकी कलाई में राखी बाधूंगी।
ओवरब्रिज की मांग में हुआ था पथराव
औरैया। शहर के इंडियन आयल तिराहे पर 13 अप्रैल को अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार मोहन सिंह (28) पुत्र देव सिंह निवासी बैजामऊ जिला कानपुर देहात की मौके पर मौत हो गई। घटना से आक्रोशित भीड़ ने करीब दो घंटे तक जाम लगाए रखा था। वहीं 14 अप्रैल को डिवाइडर बनते देख दयालपुर गांव के वाशिंदों ने करीब दो घंटे तक जाम लगाया था। ओवर ब्रिज बनवाए जाने की मांग को लेकर पथराव भी किया था। इसके अलावा पांच अप्रैल को अज्ञात वाहन ने इंडियन आयल तिराहे पर बाइक सवार राजू व लखन निवासी सिंकदरा को टक्कर मार दी थी। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इंडियन आयल तिराहे पर बढ़ते हादसों को देखकर अब ओवरब्रिज बनवाए जाने की मांग तेज हो गई है।
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शहर के इंडियन आयल तिराहे के पास सड़क हादसे में गई वरुण सेंगर (17) की जान ने उसके परिजनों को सदमा दे दिया है। वरुण की मौत की सूचना जब उसकी मां प्रतिमा को मिली तो उसे विश्वास ही नहीं हुआ। लेकिन वरुण का शव घर आते ही कोहराम मच गया। जिस किसी ने भी इकलौते पुत्र की मौत की सूचना सुनी उसकी आंखों में आंसू आ गए। मां प्रतिमा तो पुत्र के शव पर बेहोश होकर गिर-गिर जा रही थी। वरुण की मां रो-रोकर कह रही थी कि उसका पुत्र उससे खाना बनाने की बात कहकर गया था, जब काफी देर तक वह वापस नहीं लौटा तो उसने पति अरुण उर्फ बबलू सेंगर से उसे फोन करने को कहा। लेकिन चंद मिनट बाद ही बबलू के पास वरुण की मौत की खबर आई।
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आईएएस बनना चाहता था वरुण
औरैया। खेती-किसानी कर अरुण अपने इकलौते पुत्र को पढ़ा लिखाकर आईएएस बनाने का सपना संजोए थे। अपने पिता के सपनों को पूरा करने के लिए वरुण मन लगाकर पढ़ाई भी कर रहा था। वह शहर के सेंट फ्रांसिस स्कूल आनेपुर में इंटर का छात्र था। लेकिन शनिवार को हादसे में वरुण की मौत हो जाने के बाद उसके माता-पिता के सपने चकनाचूर हो गए हैं।
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अब किसकी कलाई में बांधूगी राखी
औरैया। ब्रह्मनगर निवासी अरुण कुमार के 17 वर्षीय पुत्र वरुण की मौत की सूचना जब उसकी बहन तान्या को मिली तो उसका रो-रोकर बुरा हाल था। वह रो-रोकर बस एक ही सवाल पूछ रही थी कि अब मैं किसकी कलाई में राखी बाधूंगी।
ओवरब्रिज की मांग में हुआ था पथराव
औरैया। शहर के इंडियन आयल तिराहे पर 13 अप्रैल को अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार मोहन सिंह (28) पुत्र देव सिंह निवासी बैजामऊ जिला कानपुर देहात की मौके पर मौत हो गई। घटना से आक्रोशित भीड़ ने करीब दो घंटे तक जाम लगाए रखा था। वहीं 14 अप्रैल को डिवाइडर बनते देख दयालपुर गांव के वाशिंदों ने करीब दो घंटे तक जाम लगाया था। ओवर ब्रिज बनवाए जाने की मांग को लेकर पथराव भी किया था। इसके अलावा पांच अप्रैल को अज्ञात वाहन ने इंडियन आयल तिराहे पर बाइक सवार राजू व लखन निवासी सिंकदरा को टक्कर मार दी थी। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इंडियन आयल तिराहे पर बढ़ते हादसों को देखकर अब ओवरब्रिज बनवाए जाने की मांग तेज हो गई है।