{"_id":"61535dde8ebc3e0a29667e81","slug":"aplicable-for-awas-but-dont-get-kisht-auraiya-news-knp655072013","type":"story","status":"publish","title_hn":"पात्रता सूची में नाम, लेखपाल ने घर पर न रहने की लगाई रिपोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पात्रता सूची में नाम, लेखपाल ने घर पर न रहने की लगाई रिपोर्ट
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फफूंद (औरैया)। कस्बे के वार्ड 11 में सालों से कच्चे और जर्जर आवासों में रह रहे लोगों में पक्का आवास न मिलने से निराशा है। उन्होंने आरोप लगाया कि दो साल पहले जांच के बाद पात्रता सूची में नाम आने के बाद भी उन्हें आवास नहीं मिल पाया है। लेखपाल ने उनके यहां न रहने की रिपोर्ट लगा दी। पात्रों ने एडीएम को प्रार्थनापत्र देकर लेखपाल की शिकायत कर आवास दिलाने की मांग की है।
फफूंद कस्बे में दो साल पहले पात्र होने के बाद भी कई लोग आवास से वंचित रह गए थे। उस समय तत्कालीन डीएम अभिषेक सिंह ने टीम से जांच कराई थी। इसमें 301 पात्रों की सूची स्वीकृत भी हो गई थी। इन्हें कोरोना काल में प्रथम किस्त नहीं मिल पाई। अब फिर से जांच की गई और पात्रों की जियो टैगिंग की गई लेकिन वार्ड 11 में रहने वाले कई पात्रों का वहां निवास ही नहीं दिखाया गया। इसके कारण वह योजना का लाभ पाने से वंचित हैं। वार्ड निवासी मोहम्मद हाशिम ने इसकी शिकायत एडीएम से की है।
इनके थे पात्रता सूची में नाम
पात्रता सूची में शामिल वार्ड की रेखा देवी, निर्मला कुमारी, हाशिम, ताहिर, सुधीर, सर्वेश कुमारी, रेहाना समेत आदि पात्रों ने बताया कि वह सालों से कच्चे घर में रह रहीं हैं। इसके बाद भी जियो टैगिंग के बाद हुई जांच में लेखपाल ने उनका यहां निवास नहीं बताया है। इसके कारण उन्हें प्रथम किस्त का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
फफूंद कस्बे में दो साल पहले पात्र होने के बाद भी कई लोग आवास से वंचित रह गए थे। उस समय तत्कालीन डीएम अभिषेक सिंह ने टीम से जांच कराई थी। इसमें 301 पात्रों की सूची स्वीकृत भी हो गई थी। इन्हें कोरोना काल में प्रथम किस्त नहीं मिल पाई। अब फिर से जांच की गई और पात्रों की जियो टैगिंग की गई लेकिन वार्ड 11 में रहने वाले कई पात्रों का वहां निवास ही नहीं दिखाया गया। इसके कारण वह योजना का लाभ पाने से वंचित हैं। वार्ड निवासी मोहम्मद हाशिम ने इसकी शिकायत एडीएम से की है।
विज्ञापन
इनके थे पात्रता सूची में नाम
पात्रता सूची में शामिल वार्ड की रेखा देवी, निर्मला कुमारी, हाशिम, ताहिर, सुधीर, सर्वेश कुमारी, रेहाना समेत आदि पात्रों ने बताया कि वह सालों से कच्चे घर में रह रहीं हैं। इसके बाद भी जियो टैगिंग के बाद हुई जांच में लेखपाल ने उनका यहां निवास नहीं बताया है। इसके कारण उन्हें प्रथम किस्त का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
विज्ञापन