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सर्जरी न करने पर तीन डॉक्टरों से मांगा जवाब
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औरैया। सरकार के सख्त आदेश के बाद भी अस्पतालों में तैनात चिकित्सक अपनी जिम्मेदारी के प्रति सजग नहीं है। शहर के 50 शैया संयुक्त जिला चिकित्सालय के तीन डॉक्टरों से सीएमएस ने पांच माह में एक भी सर्जरी न करने पर जवाब मांगा है। सही जवाब न मिलने पर कार्रवाई के लिए शासन को लिखा जाएगा।
शहर स्थित 50 शैया संयुक्त जिला चिकित्सालय में तैनात कुछ डॉक्टर ऐसे हैं, जो सर्जरी या ऑपरेशन करने से परहेज करते हैं। हालात ये हैं कि ओपीडी में कुछ समय बैठने के बाद वह चले जाते हैं। अस्पताल में सुविधाएं होने के बाद भी लापरवाह चिकित्सक न तो सर्जरी कर रहे हैं और न ही समय से ओपीडी में ही बैठ रहे हैं। ऐसे चिकित्सकों पर शासन ने सख्ती करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इस साल जनवरी माह से लेकर 11 जून तक दस महिलाओं का ऑपरेशन से प्रसव हुआ और 48 मरीजों की जनरल सर्जरी की गई। इसके बावजूद तीन डॉक्टरों की सर्जरी व ऑपरेशन बीते पांच माह से शून्य है।
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सीएमएस डॉ. राजेश मोहन गुप्ता ने बताया कि अस्पताल की डॉ. मंजू सचान, नेत्र सर्जन डॉ. अंजली सिंह व ईएनटी सर्जन डॉ. रामजी लाल ने किसी मरीज की सर्जरी व ऑपरेशन नहीं किया है। न ही सरकारी रजिस्टर में सर्जरी या ऑपरेशन करने की एंट्री है। कई माह से सर्जरी न करने पर तीनों डॉक्टरों से तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण मांगा गया है। स्पष्टीकरण न देने पर तीनों डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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शहर स्थित 50 शैया संयुक्त जिला चिकित्सालय में तैनात कुछ डॉक्टर ऐसे हैं, जो सर्जरी या ऑपरेशन करने से परहेज करते हैं। हालात ये हैं कि ओपीडी में कुछ समय बैठने के बाद वह चले जाते हैं। अस्पताल में सुविधाएं होने के बाद भी लापरवाह चिकित्सक न तो सर्जरी कर रहे हैं और न ही समय से ओपीडी में ही बैठ रहे हैं। ऐसे चिकित्सकों पर शासन ने सख्ती करने के निर्देश दिए गए हैं।
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स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इस साल जनवरी माह से लेकर 11 जून तक दस महिलाओं का ऑपरेशन से प्रसव हुआ और 48 मरीजों की जनरल सर्जरी की गई। इसके बावजूद तीन डॉक्टरों की सर्जरी व ऑपरेशन बीते पांच माह से शून्य है।
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सीएमएस डॉ. राजेश मोहन गुप्ता ने बताया कि अस्पताल की डॉ. मंजू सचान, नेत्र सर्जन डॉ. अंजली सिंह व ईएनटी सर्जन डॉ. रामजी लाल ने किसी मरीज की सर्जरी व ऑपरेशन नहीं किया है। न ही सरकारी रजिस्टर में सर्जरी या ऑपरेशन करने की एंट्री है। कई माह से सर्जरी न करने पर तीनों डॉक्टरों से तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण मांगा गया है। स्पष्टीकरण न देने पर तीनों डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।