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औरैयाः अन्ना पशुओं से परेशान किसान
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बिधूना क्षेत्र के खेतों पर विचरण करते अन्ना पशु
- फोटो : AURAIYA
औरैया। क्षेत्र में लगभग छह से अधिक अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल संचालित हैं। इसके बाद भी किसानों को अन्ना पशुओं से राहत नहीं मिल रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलाधिकारियों को दस फरवरी तक अन्ना गोवंशो को गोशालाओं में बंद करने के निर्देश दिए थे। फिर भी उनके निर्देशों का कोई पालन नहीं हुआ। अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
ओलावृष्टि व बारिश से गेहूं और सरसों की फसल वैसे ही लगभग 50 प्रतिशत खराब हो चुकी है। बची हुई फसलों को अन्ना पशु नष्ट रहे हैं, जिससे किसान परेशान हैं। बिधूना ब्लॉक क्षेत्र के मढ़ोकमीत, नवादा धांधू अलीपुर, बसई, भटौली, बरहार, भिखरा व नगर में नगर पंचायत द्वारा दो अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल संचालित हो रहे हैं। नगर पंचायत व ब्लॉक क्षेत्र समेत नौ अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल संचालित हो रहे हैं।
इनमें अन्ना गोवंशों को बंद करने के निर्देश दिए गए थे। तहसील अधिकारियों ने उच्च अधिकारियों को दिखाने के लिए 25 से 40 अन्ना गोवंशों को बंद कर खानापूर्ति कर दी है। जबकि गोवंश खेतों पर फसलों को रौंदकर नष्ट कर रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारी गोवंशो को गोशाला में बंद कराने की कोई दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं।
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ओलावृष्टि व बारिश से गेहूं और सरसों की फसल वैसे ही लगभग 50 प्रतिशत खराब हो चुकी है। बची हुई फसलों को अन्ना पशु नष्ट रहे हैं, जिससे किसान परेशान हैं। बिधूना ब्लॉक क्षेत्र के मढ़ोकमीत, नवादा धांधू अलीपुर, बसई, भटौली, बरहार, भिखरा व नगर में नगर पंचायत द्वारा दो अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल संचालित हो रहे हैं। नगर पंचायत व ब्लॉक क्षेत्र समेत नौ अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल संचालित हो रहे हैं।
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इनमें अन्ना गोवंशों को बंद करने के निर्देश दिए गए थे। तहसील अधिकारियों ने उच्च अधिकारियों को दिखाने के लिए 25 से 40 अन्ना गोवंशों को बंद कर खानापूर्ति कर दी है। जबकि गोवंश खेतों पर फसलों को रौंदकर नष्ट कर रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारी गोवंशो को गोशाला में बंद कराने की कोई दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं।
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