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नोटिस का जबाव न देने पर अमरदीप होटल का पंजीकरण निरस्त
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औरैया। खाद्य एवं औषधि प्रशासन टीम ने छापे के बाद दिए नोटिस का जवाब न मिलने पर अमर दीप होटल का पंजीकरण निरस्त कर दिया है।। तीन फरवरी को निरीक्षण कर टीम ने दो सैंपल लिए थे। वैद्य लाइसेंस की जगह मात्र पंजीकरण नंबर पर होटल संचालन पाया गया था।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन अभिहीत अधिकारी डॉ. मंजुला सिंह ने बताया कि हाईवे स्थित अमर दीप होटल पर तीन फरवरी को छापा मारने के बाद होटल पर नोटिस चस्पा किया गया था। इसमें दो दिन में नोटिस का जवाब मांगा गया था। इस मामले में अभिहीत अधिकारी ने बताया कि नोटिस का जवाब न मिलने पर नगर पालिका परिषद में 100 रुपये के कराए गए पंजीकरण को निरस्त करने की कार्रवाई की गई है।
बताया कि होटल के कागजातों की जांच में अमर दीप होटल नगर पालिका परिषद में कराए गए 100 रुपये के पंजीकरण के आधार पर संचालित होता मिला था। इसके अलावा कई और कमियां पाई गई थीं। बताया कि 12 लाख रुपये सालाना टर्नओवर को देखते हुए होटल संचालन के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग से लाइसेंस लेने की जरूरत होती है। इससे भी अधिक टर्नओवर होने के बावजूद भी होटल का संचालन महज पंजीकरण के आधार पर हो रहा था।
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खाद्य एवं औषधि प्रशासन अभिहीत अधिकारी डॉ. मंजुला सिंह ने बताया कि हाईवे स्थित अमर दीप होटल पर तीन फरवरी को छापा मारने के बाद होटल पर नोटिस चस्पा किया गया था। इसमें दो दिन में नोटिस का जवाब मांगा गया था। इस मामले में अभिहीत अधिकारी ने बताया कि नोटिस का जवाब न मिलने पर नगर पालिका परिषद में 100 रुपये के कराए गए पंजीकरण को निरस्त करने की कार्रवाई की गई है।
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बताया कि होटल के कागजातों की जांच में अमर दीप होटल नगर पालिका परिषद में कराए गए 100 रुपये के पंजीकरण के आधार पर संचालित होता मिला था। इसके अलावा कई और कमियां पाई गई थीं। बताया कि 12 लाख रुपये सालाना टर्नओवर को देखते हुए होटल संचालन के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग से लाइसेंस लेने की जरूरत होती है। इससे भी अधिक टर्नओवर होने के बावजूद भी होटल का संचालन महज पंजीकरण के आधार पर हो रहा था।
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