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Auraiya News: 19 साल पुराने जानलेवा हमले के मामले में आरोपी को मिली जमानत
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- अजीतमल के 2007 के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने सुनाया फैसला
- उच्च न्यायालय के स्थगन आदेश और लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद अदालत ने दिए आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। अजीतमल कोतवाली क्षेत्र के वर्ष 2007 में दर्ज किए गए जानलेवा हमले के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने आरोपी राजाबाबू का जमानत प्रार्थना पत्र स्वीकार कर लिया है। अदालत ने 25-25 हजार रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र और दो जमानगीर पेश करने पर रिहाई के आदेश दिए हैं।
कोतवाली के गांव चपटा में 27 जून 2007 को पेड़ काटने को लेकर विवाद शुरू हुआ था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, वादी के घर पर कुल्हाड़ी, फावड़ा और डंडों से लैस होकर हमला किया गया था, जिसमें मन्नू सिंह उर्फ उमेश कुमार सिंह के सिर में गंभीर चोटें आई थीं। हालात गंभीर होने पर उसे रीजेंसी अस्पताल कानपुर में भर्ती कराना पड़ा था।
विचारण के दौरान राजाबाबू समेत अन्य को तलब किया गया था, जिसके खिलाफ अभियुक्त उच्च न्यायालय चले गए थे। माननीय उच्च न्यायालय के आदेश से इस मामले की कार्यवाही लंबे समय तक स्थगित रही। छह दिसंबर 2022 को स्थगन आदेश समाप्त होने के बाद कार्यवाही दोबारा शुरू हुई थी।
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बुधवार को दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने पाया कि इस मामले के अन्य सह-अभियुक्तों दीपू उर्फ रामकुमार, सीता उर्फ अर्चना और रेखा देवी उर्फ गुड्डी की जमानतें पहले ही स्वीकृत हो चुकी हैं। इन सभी परिस्थितियों और मामले की लंबी समयावधि को देखते हुए न्यायालय ने अभियुक्त राजाबाबू को जमानत का लाभ दिए जाने के लिए पर्याप्त आधार पाए और प्रार्थना पत्र मंजूर कर लिया।
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आठ साल बाद हत्या के मामले में आरोपी को मिली जमानत
औरैया। अजीतमल थाना क्षेत्र के अंतर्गत वर्ष 2018 में हत्या मामले अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कैलाश कुमार की अदालत ने आरोपी रामदयाल उर्फ राजकुमार की दूसरा जमानत प्रार्थना-पत्र स्वीकार कर लिया है। अदालत के आदेश के बाद अब आरोपी को एक लाख रुपये का व्यक्तिगत बन्धपत्र और इसी राशि के दो जमानतगीर पेश करने पर जेल से रिहा किया जाएगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपी रामदयाल पर वादी के भाई ओमप्रकाश के सिर पर लगातार डंडे से वार कर हत्या करने का गंभीर आरोप है। बुधवार को सुनवाई के दौरान बचाव ने कोर्ट को बताया कि आरोपी पूर्व में जमानत पर था और शर्तों का पालन कर रहा था। प्रार्थी आर्थिक रूप से कमजोर है और बाहर मजदूरी करता है। इस बीच उसकी मां की तबीयत खराब होने के कारण वह उनकी देखरेख में व्यस्त रहा और आर्थिक तंगी के चलते पूर्व अधिवक्ता को फीस व हाजिरी माफी के कागजात नहीं दे सका। अदालत में पेश न हो पाने के कारण 18 सितंबर 2025 को उसके खिलाफ गैर जमानतीय वारंट जारी हो गए थे। वह 27 अगस्त 2026 से जिला कारागार में निरुद्ध चल रहा था। वहीं, अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी को जमानत पर छोड़े जाने के पर्याप्त आधार मानते हुए उसकी अर्जी मंजूर कर ली। (संवाद)
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गोली मारकर घायल करने वाले आरोपी की जामनत याचिका खारिज
औरैया। अछल्दा थाना क्षेत्र गांव भीखेपुर में हुए जानलेवा हमले के मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश मयंक चौहान की अदालत ने मुख्य आरोपी सगे भतीजे पुष्पेंद्र यादव का जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया है। अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को राहत देने से इंकार कर दिया है।
वादी मुकदमा अजब सिंह यादव ने थाना अछल्दा में लिखित तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया था कि उनका जमीन के बंटवारे को लेकर बड़े भाई मुलायम सिंह और उनके लड़कों से विवाद चल रहा है। इसी रंजिश के चलते 16 जुलाई 2026 की शाम मुलायम सिंह के बेटे पुष्पेंद्र यादव, जीतू यादव और अन्य लोग गुल्ले यादव के घर से कट्टा लेकर उनके घर आ धमके। वादी के बेटे राजीव कुमार ने गाली-गलौज का विरोध किया तो आरोपियों ने बेरहमी से पीटा। आरोप है कि पुष्पेंद्र यादव ने जान से मारने की नीयत से तमंचे से फायर कर दिया, जिससे गोली राजीव कुमार की दाहिनी जांघ में जा लगी। बुधवार को बचाव पक्ष ने कोर्ट में दलील दी कि आरोपी झूठा फंसाया गया है। उसने न्यायालय में आत्मसमर्पण किया था, जिसके बाद पुलिस ने कस्टडी रिमांड लेकर थाने पर फर्जी तरीके से तमंचा बरामद दिखाया। यह भी तर्क दिया कि सह-अभियुक्त की जमानत पहले ही स्वीकार की जा चुकी है। वहीं, अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद सत्र न्यायाधीश मयंक चौहान ने आरोपी का जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया। (संवाद)
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- उच्च न्यायालय के स्थगन आदेश और लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद अदालत ने दिए आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। अजीतमल कोतवाली क्षेत्र के वर्ष 2007 में दर्ज किए गए जानलेवा हमले के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने आरोपी राजाबाबू का जमानत प्रार्थना पत्र स्वीकार कर लिया है। अदालत ने 25-25 हजार रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र और दो जमानगीर पेश करने पर रिहाई के आदेश दिए हैं।
कोतवाली के गांव चपटा में 27 जून 2007 को पेड़ काटने को लेकर विवाद शुरू हुआ था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, वादी के घर पर कुल्हाड़ी, फावड़ा और डंडों से लैस होकर हमला किया गया था, जिसमें मन्नू सिंह उर्फ उमेश कुमार सिंह के सिर में गंभीर चोटें आई थीं। हालात गंभीर होने पर उसे रीजेंसी अस्पताल कानपुर में भर्ती कराना पड़ा था।
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विचारण के दौरान राजाबाबू समेत अन्य को तलब किया गया था, जिसके खिलाफ अभियुक्त उच्च न्यायालय चले गए थे। माननीय उच्च न्यायालय के आदेश से इस मामले की कार्यवाही लंबे समय तक स्थगित रही। छह दिसंबर 2022 को स्थगन आदेश समाप्त होने के बाद कार्यवाही दोबारा शुरू हुई थी।
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बुधवार को दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने पाया कि इस मामले के अन्य सह-अभियुक्तों दीपू उर्फ रामकुमार, सीता उर्फ अर्चना और रेखा देवी उर्फ गुड्डी की जमानतें पहले ही स्वीकृत हो चुकी हैं। इन सभी परिस्थितियों और मामले की लंबी समयावधि को देखते हुए न्यायालय ने अभियुक्त राजाबाबू को जमानत का लाभ दिए जाने के लिए पर्याप्त आधार पाए और प्रार्थना पत्र मंजूर कर लिया।
आठ साल बाद हत्या के मामले में आरोपी को मिली जमानत
औरैया। अजीतमल थाना क्षेत्र के अंतर्गत वर्ष 2018 में हत्या मामले अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कैलाश कुमार की अदालत ने आरोपी रामदयाल उर्फ राजकुमार की दूसरा जमानत प्रार्थना-पत्र स्वीकार कर लिया है। अदालत के आदेश के बाद अब आरोपी को एक लाख रुपये का व्यक्तिगत बन्धपत्र और इसी राशि के दो जमानतगीर पेश करने पर जेल से रिहा किया जाएगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपी रामदयाल पर वादी के भाई ओमप्रकाश के सिर पर लगातार डंडे से वार कर हत्या करने का गंभीर आरोप है। बुधवार को सुनवाई के दौरान बचाव ने कोर्ट को बताया कि आरोपी पूर्व में जमानत पर था और शर्तों का पालन कर रहा था। प्रार्थी आर्थिक रूप से कमजोर है और बाहर मजदूरी करता है। इस बीच उसकी मां की तबीयत खराब होने के कारण वह उनकी देखरेख में व्यस्त रहा और आर्थिक तंगी के चलते पूर्व अधिवक्ता को फीस व हाजिरी माफी के कागजात नहीं दे सका। अदालत में पेश न हो पाने के कारण 18 सितंबर 2025 को उसके खिलाफ गैर जमानतीय वारंट जारी हो गए थे। वह 27 अगस्त 2026 से जिला कारागार में निरुद्ध चल रहा था। वहीं, अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी को जमानत पर छोड़े जाने के पर्याप्त आधार मानते हुए उसकी अर्जी मंजूर कर ली। (संवाद)
गोली मारकर घायल करने वाले आरोपी की जामनत याचिका खारिज
औरैया। अछल्दा थाना क्षेत्र गांव भीखेपुर में हुए जानलेवा हमले के मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश मयंक चौहान की अदालत ने मुख्य आरोपी सगे भतीजे पुष्पेंद्र यादव का जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया है। अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को राहत देने से इंकार कर दिया है।
वादी मुकदमा अजब सिंह यादव ने थाना अछल्दा में लिखित तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया था कि उनका जमीन के बंटवारे को लेकर बड़े भाई मुलायम सिंह और उनके लड़कों से विवाद चल रहा है। इसी रंजिश के चलते 16 जुलाई 2026 की शाम मुलायम सिंह के बेटे पुष्पेंद्र यादव, जीतू यादव और अन्य लोग गुल्ले यादव के घर से कट्टा लेकर उनके घर आ धमके। वादी के बेटे राजीव कुमार ने गाली-गलौज का विरोध किया तो आरोपियों ने बेरहमी से पीटा। आरोप है कि पुष्पेंद्र यादव ने जान से मारने की नीयत से तमंचे से फायर कर दिया, जिससे गोली राजीव कुमार की दाहिनी जांघ में जा लगी। बुधवार को बचाव पक्ष ने कोर्ट में दलील दी कि आरोपी झूठा फंसाया गया है। उसने न्यायालय में आत्मसमर्पण किया था, जिसके बाद पुलिस ने कस्टडी रिमांड लेकर थाने पर फर्जी तरीके से तमंचा बरामद दिखाया। यह भी तर्क दिया कि सह-अभियुक्त की जमानत पहले ही स्वीकार की जा चुकी है। वहीं, अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद सत्र न्यायाधीश मयंक चौहान ने आरोपी का जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया। (संवाद)