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Auraiya News: बीत गया साल, नहीं हुआ निजी बसों का अनुबंध
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औरैया। परिवहन निगम की ओर से डिपो की बसों के बेड़े के साथ अनुबंध पर प्राइवेट बसों को संचालित करने की योजना एक साल पहले बनाई गई। इस संबंध में डिपो स्तर पर अधिकारियों को अनुबंध की जिम्मेदारी सौंपी गई। मंशा काफी हद तक दिशा-निर्देशों तक सीमित है। वहीं अब आचार संहिता के फेर में यह कवायद कुछ महीने अब और टलती नजर आ रही है।
औरैया रोडवेज डिपो के बेड़े में 70 बसें हैं। कई रूटों पर बसों को बढ़ाते हुए बेहतर परिवहन सुविधा की जा सकती है। इसके साथ ही डिपो के राजस्व में बढ़ोतरी भी होगी। स्वयं की सीमित बसों के साथ ही अनुबंध पर प्राइवेट बसों को चलाने की तैयारी वर्ष 2023 में परिवहन निगम की ओर से शुरू की गई। साल भर डिपो के अधिकारी इस प्रयास में लगे रहे। प्राइवेट बस संचालकों के साथ बैठकें भी होती रहीं। वहीं निगम के नियमों व शर्तों के आधार पर प्राइवेट बस संचालकों को रिझाया नहीं जा सका। जिले से बड़े शहरों व ग्रामीण क्षेत्र को जोड़ने के लिए डिपो की बसों के साथ अनुबंधित बसों से काफी कुछ सहूलियत मिल सकती है। फिलहाल अधिकारी इस मामले में कुछ सफल होते नजर नहीं आ रहे हैं। डिपो के अधिकारियों के मुताबिक प्राइवेट बसों के अनुबंधीकरण के लिए अभी और इंतजार करना पड़ सकता है।
‘अनुबंधित बसों को लेकर प्रयास किए जा रहे हैं। लोक सभा चुनाव के बाद प्राइवेट बसों के अनुबंध कराए जाएंगे। जिसके लिए टेंडर प्रकि्रया की जाएगी। ’- सीआर पांडेय, क्षेत्रीय प्रबंधक इटावा
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औरैया रोडवेज डिपो के बेड़े में 70 बसें हैं। कई रूटों पर बसों को बढ़ाते हुए बेहतर परिवहन सुविधा की जा सकती है। इसके साथ ही डिपो के राजस्व में बढ़ोतरी भी होगी। स्वयं की सीमित बसों के साथ ही अनुबंध पर प्राइवेट बसों को चलाने की तैयारी वर्ष 2023 में परिवहन निगम की ओर से शुरू की गई। साल भर डिपो के अधिकारी इस प्रयास में लगे रहे। प्राइवेट बस संचालकों के साथ बैठकें भी होती रहीं। वहीं निगम के नियमों व शर्तों के आधार पर प्राइवेट बस संचालकों को रिझाया नहीं जा सका। जिले से बड़े शहरों व ग्रामीण क्षेत्र को जोड़ने के लिए डिपो की बसों के साथ अनुबंधित बसों से काफी कुछ सहूलियत मिल सकती है। फिलहाल अधिकारी इस मामले में कुछ सफल होते नजर नहीं आ रहे हैं। डिपो के अधिकारियों के मुताबिक प्राइवेट बसों के अनुबंधीकरण के लिए अभी और इंतजार करना पड़ सकता है।
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‘अनुबंधित बसों को लेकर प्रयास किए जा रहे हैं। लोक सभा चुनाव के बाद प्राइवेट बसों के अनुबंध कराए जाएंगे। जिसके लिए टेंडर प्रकि्रया की जाएगी। ’- सीआर पांडेय, क्षेत्रीय प्रबंधक इटावा
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