{"_id":"6aa4484e42c0dc03f704fcd1","slug":"a-village-miles-away-from-development-the-unpaved-road-has-become-a-source-of-trouble-auraiya-news-c-211-1-aur1024-151359-2026-09-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Auraiya News: विकास से कोसों दूर गांव कच्ची सड़क बनी मुसीबत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Auraiya News: विकास से कोसों दूर गांव कच्ची सड़क बनी मुसीबत
Fri, 11 Sep 2026 11:58 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Fri, 11 Sep 2026 11:58 PM IST
विज्ञापन
फोटो -15- गांव की मुख्य सड़क पर भरा कीचड़। संवाद
अछल्दा। ब्लॉक की ग्राम पंचायत गुनौली के मजरा छोटी मड़ैया में विकास के दावे हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। यहां लगभग 200 मतदाता निवास करते हैं लेकिन आज तक गांव को पक्की सड़क तक नसीब नहीं हुई है।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव की मुख्य सड़क आज भी कच्ची है। कई बार प्रधान से लेकर ब्लॉक और तहसील स्तर तक के अधिकारियों से सड़क बनवाने की गुहार लगाई गई लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला। नतीजा यह है कि बरसात के मौसम में स्थिति और भी भयावह हो जाती है। बारिश होते ही कच्चा रास्ता कीचड़ में तब्दील हो जाता है। इससे पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। बाइक व साइकिल सवार आए दिन फिसल कर चोटिल हो रहे हैं।
स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ती है। बीमार होने पर मरीज को अस्पताल तक ले जाने में भी परेशानी होती है। ग्रामीण कोमल पाल, गौतम पाल, सौरभ, राजपाल, ओमकार, देवेश सहित अन्य लोगों ने बताया कि चुनाव के समय सभी नेता व जनप्रतिनिधि विकास के बड़े-बड़े वादे करते हैं लेकिन चुनाव बीतते ही कोई सुध नहीं लेता। ग्रामीणों ने डीएम से मांग की है कि छोटी मड़ैया के मुख्य मार्ग को पक्का कराया जाए ताकि ग्रामीणों को इस समस्या से निजात मिल सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
ग्रामीणों ने बताया कि गांव की मुख्य सड़क आज भी कच्ची है। कई बार प्रधान से लेकर ब्लॉक और तहसील स्तर तक के अधिकारियों से सड़क बनवाने की गुहार लगाई गई लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला। नतीजा यह है कि बरसात के मौसम में स्थिति और भी भयावह हो जाती है। बारिश होते ही कच्चा रास्ता कीचड़ में तब्दील हो जाता है। इससे पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। बाइक व साइकिल सवार आए दिन फिसल कर चोटिल हो रहे हैं।
विज्ञापन
स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ती है। बीमार होने पर मरीज को अस्पताल तक ले जाने में भी परेशानी होती है। ग्रामीण कोमल पाल, गौतम पाल, सौरभ, राजपाल, ओमकार, देवेश सहित अन्य लोगों ने बताया कि चुनाव के समय सभी नेता व जनप्रतिनिधि विकास के बड़े-बड़े वादे करते हैं लेकिन चुनाव बीतते ही कोई सुध नहीं लेता। ग्रामीणों ने डीएम से मांग की है कि छोटी मड़ैया के मुख्य मार्ग को पक्का कराया जाए ताकि ग्रामीणों को इस समस्या से निजात मिल सके।
विज्ञापन