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Auraiya News: डेढ़ घंटे का सफर बना दो घंटे की परीक्षा
Sat, 06 Jun 2026 12:02 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Sat, 06 Jun 2026 12:02 AM IST
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फोटो-24 महटौली स्थित ढाबे में खड़ी बस। संवाद
- फोटो : विकास प्राधिकरण सभागार में आयोजित बैठक में मौजूद कारखानेदार व श्रमिक संगठन पदाधिकारी। स्रोत: विभाग
औरैया। डिपो से चलने वाली बसों के आने-जाने का कोई समय तय नहीं है। औरैया से कानपुर तक जाने में दो से ढाई घंटे तक का समय लग जा रहा है। इस तरफ कोई ध्यान देने वाला नहीं है। चालक, परिचालक व अन्य अधिकारियों की कमीशनबाजी के चलते यह खेल जारी है।
इटावा की डिपो की एक बस बृहस्पतिवार शाम 6:30 बजे औरैया डिपो से कानपुर की ओर चली। करीब 12 किलोमीटर चलने के बाद बस चालक ने यात्री प्लाजा में बस को रोक दिया। यात्रियों ने सोचा कि कुछ देर में बस चल जाएगी लेकिन 10 मिनट इंतजार के बाद सवारी नीचे उतरी और महिला परिचालक से चलने के लिए कहा तो जवाब मिला कि नाश्ता कर लें, फिर चलते हैं।
यात्री अरविंद सिंह, शुभम गुप्ता ने बताया कि ढाबा में बिजली और पानी की व्यवस्था नहीं थी। वहां जबरन रोक दिया गया। जब यात्री विरोध जताया तो चालक चल दिया। करीब 15 किलोमीटर और आगे चलने के बाद बस में एक पंचर की दुकान फिर रोक दी गई। यहां पर बस का इमरजेंसी दरवाजा खोलकर एक के बाद एक ट्रक के दो टायर उतारे, यहां पर भी 15 मिनट समय बर्बाद हो गया। ऐसी स्थिति में 7:43 बजे बस अकबरपुर पहुंची। एक घंटे बाद भौती बाईपास तक पहुंची।
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इसी तरह एक बस रात 8:18 बजे औरैया डिपो से चलकर महटौली स्थित एक यात्री प्लाजा में चालक ने रोक दी। 8:50 बजे बस कानपुर के लिए रवाना हो गई। यह बस 10 बजे भौंती बाईपास पहुंची थी। जबकि अधिकारियों का दावा है कि एक से डेढ़ घंटे के बीच में बस कानपुर तक पहुंच जाती व आ जाती है।
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आय बढ़ाने पर रहता जोर
बस के चालक व परिचालकों में खुद की आय बढ़ाने पर ज्यादा जोर रहता है। कानपुर तक पार्सल भेजने के लिए न्यूनतम 200 रुपये निर्धारित हैं, अगर कोई बड़ा सामान हुआ तो 500 रुपये तक भी लिया जाता है।
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बसों का हाल भी खराब
औरैया डिपो से चलनी वाली बसों का हाल भी बेहाल है। फर्श से लेकर खिड़कियों तक में गंदगी जमा रहती है। सीट के कवर फट चुके हैं, सीट के पीछे लगी प्लास्टिक भी कई बसों में टूट गई थी।
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बोले यात्री-बीच में खड़ी कर देते हैं बस
औरैया से कानपुर जाने में दो घंटे तक का समय लग जाता है। बस चालक महटौली स्थित ढाबा में बस आधा घंटा तक खड़ी कर रखते, बीच-बीच में पार्सल देते हुए जाते हैं।
-अमित तिवारी, यात्री
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बस में इतना ज्यादा लग जाता है कि जाने का मन नहीं होता। कई बार बस से गए तो चालक होटल में आधा घंटा तक बस खड़ी रखता है। डिपो से चलने वाली किसी बस का समय भी निश्चित नहीं रहता।
-सात्विक, यात्री
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रोडवेज बसों की समय से अपने गंतव्य स्थान पर पहुंचे। इसके लिए चालकाें को लगातार निर्देशित किया जा रहा है। अगर यात्रियों को कहीं समस्या आ रही है तो उसका भी हाल निकाला जाएगा।
-अर्पणा मीनाक्षी, एआरएम
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इटावा की डिपो की एक बस बृहस्पतिवार शाम 6:30 बजे औरैया डिपो से कानपुर की ओर चली। करीब 12 किलोमीटर चलने के बाद बस चालक ने यात्री प्लाजा में बस को रोक दिया। यात्रियों ने सोचा कि कुछ देर में बस चल जाएगी लेकिन 10 मिनट इंतजार के बाद सवारी नीचे उतरी और महिला परिचालक से चलने के लिए कहा तो जवाब मिला कि नाश्ता कर लें, फिर चलते हैं।
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यात्री अरविंद सिंह, शुभम गुप्ता ने बताया कि ढाबा में बिजली और पानी की व्यवस्था नहीं थी। वहां जबरन रोक दिया गया। जब यात्री विरोध जताया तो चालक चल दिया। करीब 15 किलोमीटर और आगे चलने के बाद बस में एक पंचर की दुकान फिर रोक दी गई। यहां पर बस का इमरजेंसी दरवाजा खोलकर एक के बाद एक ट्रक के दो टायर उतारे, यहां पर भी 15 मिनट समय बर्बाद हो गया। ऐसी स्थिति में 7:43 बजे बस अकबरपुर पहुंची। एक घंटे बाद भौती बाईपास तक पहुंची।
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इसी तरह एक बस रात 8:18 बजे औरैया डिपो से चलकर महटौली स्थित एक यात्री प्लाजा में चालक ने रोक दी। 8:50 बजे बस कानपुर के लिए रवाना हो गई। यह बस 10 बजे भौंती बाईपास पहुंची थी। जबकि अधिकारियों का दावा है कि एक से डेढ़ घंटे के बीच में बस कानपुर तक पहुंच जाती व आ जाती है।
आय बढ़ाने पर रहता जोर
बस के चालक व परिचालकों में खुद की आय बढ़ाने पर ज्यादा जोर रहता है। कानपुर तक पार्सल भेजने के लिए न्यूनतम 200 रुपये निर्धारित हैं, अगर कोई बड़ा सामान हुआ तो 500 रुपये तक भी लिया जाता है।
बसों का हाल भी खराब
औरैया डिपो से चलनी वाली बसों का हाल भी बेहाल है। फर्श से लेकर खिड़कियों तक में गंदगी जमा रहती है। सीट के कवर फट चुके हैं, सीट के पीछे लगी प्लास्टिक भी कई बसों में टूट गई थी।
बोले यात्री-बीच में खड़ी कर देते हैं बस
औरैया से कानपुर जाने में दो घंटे तक का समय लग जाता है। बस चालक महटौली स्थित ढाबा में बस आधा घंटा तक खड़ी कर रखते, बीच-बीच में पार्सल देते हुए जाते हैं।
-अमित तिवारी, यात्री
बस में इतना ज्यादा लग जाता है कि जाने का मन नहीं होता। कई बार बस से गए तो चालक होटल में आधा घंटा तक बस खड़ी रखता है। डिपो से चलने वाली किसी बस का समय भी निश्चित नहीं रहता।
-सात्विक, यात्री
रोडवेज बसों की समय से अपने गंतव्य स्थान पर पहुंचे। इसके लिए चालकाें को लगातार निर्देशित किया जा रहा है। अगर यात्रियों को कहीं समस्या आ रही है तो उसका भी हाल निकाला जाएगा।
-अर्पणा मीनाक्षी, एआरएम

फोटो-24 महटौली स्थित ढाबे में खड़ी बस। संवाद- फोटो : विकास प्राधिकरण सभागार में आयोजित बैठक में मौजूद कारखानेदार व श्रमिक संगठन पदाधिकारी। स्रोत: विभाग

फोटो-24 महटौली स्थित ढाबे में खड़ी बस। संवाद- फोटो : विकास प्राधिकरण सभागार में आयोजित बैठक में मौजूद कारखानेदार व श्रमिक संगठन पदाधिकारी। स्रोत: विभाग

फोटो-24 महटौली स्थित ढाबे में खड़ी बस। संवाद- फोटो : विकास प्राधिकरण सभागार में आयोजित बैठक में मौजूद कारखानेदार व श्रमिक संगठन पदाधिकारी। स्रोत: विभाग