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मां की जिंदगी बचाने को मदद की गुहार
ब्यूरो/ अमर उजाला, औरैया
Updated Mon, 16 Mar 2015 11:28 PM IST
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पल-पल मौत के करीब जा रही कैंसर पीड़ित मां का दर्द
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11वीं के छात्र को दिन-रात खाये जा रहा है। इलाज करा पाने में असमर्थ पिता
की मजबूरी देख उसने इलाज की जिम्मेदारी खुद उठाने की ठानी है।
परीक्षा के कारण वह पूरी रात पढ़ाई करता है और दिन में लोगों के घरों में जाकर दस्तक देता है। इलाज में खर्च होने वाले 17 लाख रुपये जुटाने के लिए दिन-रात एक कर दिया है। उसे आस है कि शहर के लोग उसकी मां की जिंदगी जरूर बचाएंगे।
शहर की ज्ञानस्थली अकादमी में कक्षा 11 के छात्र विवेक की मां लीवर कैंसर से पीड़ित हैं। पिता देव नारायण अपनी जमा पूंजी से इलाज भी करा रहे हैं, पर वे महंगी दवाएं खरीद पाने में असमर्थ हैं।
पिता की लाचारी देख विवेक ने मां के इलाज की जिम्मेदारी खुद उठाने की ठानी है। इलाज में खर्च होने वाले 17 लाख रुपये जुटाने के लिए उसने दिन-रात एक कर दिए हैं। इन दिनों उसकी परीक्षा भी चल रही है। इस कारण वह रात में पढ़ाई करता है।
दिन में परीक्षा देने के बाद वह घर-घर जाकर लोगों सेे मां के इलाज में सहायता की गुहार लगाता है। सोमवार को उसने साथियों के साथ सदर बाजार होमगंज में व्यापारी से मदद की गुहार लगाई। कई लोगों ने मदद भी की।
आप भी विवेक की मां की जिंदगी बचाने में अपना योगदान दे सकते हैं। विवेक ने अपने मोबाइल नंबर 7417415549 पर आर्थिक मदद की अपील की।
परीक्षा के कारण वह पूरी रात पढ़ाई करता है और दिन में लोगों के घरों में जाकर दस्तक देता है। इलाज में खर्च होने वाले 17 लाख रुपये जुटाने के लिए दिन-रात एक कर दिया है। उसे आस है कि शहर के लोग उसकी मां की जिंदगी जरूर बचाएंगे।
शहर की ज्ञानस्थली अकादमी में कक्षा 11 के छात्र विवेक की मां लीवर कैंसर से पीड़ित हैं। पिता देव नारायण अपनी जमा पूंजी से इलाज भी करा रहे हैं, पर वे महंगी दवाएं खरीद पाने में असमर्थ हैं।
पिता की लाचारी देख विवेक ने मां के इलाज की जिम्मेदारी खुद उठाने की ठानी है। इलाज में खर्च होने वाले 17 लाख रुपये जुटाने के लिए उसने दिन-रात एक कर दिए हैं। इन दिनों उसकी परीक्षा भी चल रही है। इस कारण वह रात में पढ़ाई करता है।
दिन में परीक्षा देने के बाद वह घर-घर जाकर लोगों सेे मां के इलाज में सहायता की गुहार लगाता है। सोमवार को उसने साथियों के साथ सदर बाजार होमगंज में व्यापारी से मदद की गुहार लगाई। कई लोगों ने मदद भी की।
आप भी विवेक की मां की जिंदगी बचाने में अपना योगदान दे सकते हैं। विवेक ने अपने मोबाइल नंबर 7417415549 पर आर्थिक मदद की अपील की।