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सेक्टर प्रभारियाें की बैठक बनी अखाड़ा
Auraiya
Updated Tue, 17 Sep 2013 05:37 AM IST
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कार्यकर्ता आपस में भिड़े, बांहें चढ़ाईं
औरैया। सोमवार को सपा कार्यालय पर नवनियुक्त जिलाध्यक्ष की अध्यक्षता में संपन्न हुई सेक्टर प्रभारियाें की बैठक रणक्षेत्र बन गई। देखते ही देखते कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए और नौबत मारपीट तक पहुंच गई। अन्य कार्यकर्ताआें की समझदारी से मामला शांत हो गया।
सोमवार को पार्टी कार्यालय पर बैठक तो विधानसभा क्षेत्र के सेक्टर प्रभारियाें की थी लेकिन वह अखाड़े में तब्दील हो गई। देखते ही देखते हालात बिगड़ने लगी और कार्यकर्ता बेकाबू होकर आपस में भिड़ गए। नौबत तो मारपीट तक आ गई थी लेकिन कुछ कार्यकर्ताआें के बीच बचाव कर देने पर मामला शांत हो गया। यह झगड़ा केवल सांसद प्रेमदास कठेरिया को लेकर हुआ। जब एक कार्यकर्ता सांसद को पूर्ण बहुमत से जिताने को कहने लगा तभी एक सेक्टर प्रभारी खड़ा होकर बोला कि जब तक प्रत्याशी जनता से नहीं मिलेंगे और लोगाें की भावनाएं नहीं समझेंगे, तब तक सीट नहीं निकाली जा सकती है। इसी बीच दूसरा कार्यकर्ता खड़ा हुआ और जमकर तू तू मैं मैं होने लगी। जब तक पार्टी कार्यकर्ता दोनाें को समझा पाते। तब तक दूसरे कार्यकर्ताआें की भी आपस में कहासुनी होने लगी। देखते ही देखते नौबत मारपीट तक आ गई। मामला शांत होने पर नवनियुक्त जिलाध्यक्ष चौ. शिवनाथ सिंह यादव ने कार्यकर्ताआें से एकजुट रहने की अपील की और कहा कि लोकसभा चुनाव में सभी गिले शिकवे भूलकर पार्टी कार्यकर्ता केवल मिशन 2014 के लिए जुट जाएं। बैठक में राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त ठाकुर भोला सिंह, अवधेश भदौरिया, मनीष भदौरिया, पप्पू नेता, योगेंद्र उर्फ नन्हूं, नरेंद्र तोमर समेत सभी सेक्टर प्रभारी व अध्यक्ष मौजूद रहे।
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औरैया। सोमवार को सपा कार्यालय पर नवनियुक्त जिलाध्यक्ष की अध्यक्षता में संपन्न हुई सेक्टर प्रभारियाें की बैठक रणक्षेत्र बन गई। देखते ही देखते कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए और नौबत मारपीट तक पहुंच गई। अन्य कार्यकर्ताआें की समझदारी से मामला शांत हो गया।
सोमवार को पार्टी कार्यालय पर बैठक तो विधानसभा क्षेत्र के सेक्टर प्रभारियाें की थी लेकिन वह अखाड़े में तब्दील हो गई। देखते ही देखते हालात बिगड़ने लगी और कार्यकर्ता बेकाबू होकर आपस में भिड़ गए। नौबत तो मारपीट तक आ गई थी लेकिन कुछ कार्यकर्ताआें के बीच बचाव कर देने पर मामला शांत हो गया। यह झगड़ा केवल सांसद प्रेमदास कठेरिया को लेकर हुआ। जब एक कार्यकर्ता सांसद को पूर्ण बहुमत से जिताने को कहने लगा तभी एक सेक्टर प्रभारी खड़ा होकर बोला कि जब तक प्रत्याशी जनता से नहीं मिलेंगे और लोगाें की भावनाएं नहीं समझेंगे, तब तक सीट नहीं निकाली जा सकती है। इसी बीच दूसरा कार्यकर्ता खड़ा हुआ और जमकर तू तू मैं मैं होने लगी। जब तक पार्टी कार्यकर्ता दोनाें को समझा पाते। तब तक दूसरे कार्यकर्ताआें की भी आपस में कहासुनी होने लगी। देखते ही देखते नौबत मारपीट तक आ गई। मामला शांत होने पर नवनियुक्त जिलाध्यक्ष चौ. शिवनाथ सिंह यादव ने कार्यकर्ताआें से एकजुट रहने की अपील की और कहा कि लोकसभा चुनाव में सभी गिले शिकवे भूलकर पार्टी कार्यकर्ता केवल मिशन 2014 के लिए जुट जाएं। बैठक में राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त ठाकुर भोला सिंह, अवधेश भदौरिया, मनीष भदौरिया, पप्पू नेता, योगेंद्र उर्फ नन्हूं, नरेंद्र तोमर समेत सभी सेक्टर प्रभारी व अध्यक्ष मौजूद रहे।
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