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कैसे हों थाने हाईटेक कंप्यूटर बने शोपीस
Auraiya
Updated Sat, 03 Aug 2013 05:34 AM IST
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औरैया। पुलिस प्रशासन को हाईटेक बनाने के लिए आए कंप्यूटर जिले के थानों और कोतवालियों में शोपीस बने हुए हैं। कई थानों में तो आपरेटर तक नहीं है। वहीं कई जगह तो स्टाफ को कंप्यूटर चलाने की जानकारी तक नहीं है।
प्रदेश सरकार ने पुलिस विभाग को हाईटेक बनाने के लिए सभी थाने व कोतवाली में कंप्यूटराइज्ड डाटा फीडिंग किये जाने के निर्देश दिये थे। इसके लिए ज्यादातर थाने व कोतवाली में कंप्यूटर भी पहुंचवा दिये थे। इसके बावजूद जिले के कई थानों में पुराने ढर्रे पर काम हो रहा है। जनपद में तीन कोतवाली व दस थाने संचालित है। इसमें सदर कोतवाली औरैया में पिछले वर्ष ही पांच कंप्यूटर सेट भेजे गये थे। साथ ही प्राइवेट कंप्यूटर को तैनात कर एक दो माह कंप्यूटराइज्ड कार्य भी कराया गया था लेकिन कंप्यूटर आपरेटर की कमी होने के चलते वह भी बंद हो गया। इसी प्रकार अजीतमल कोतवाली में भी सरकार द्वारा कंप्यूटर भेज दिये गये है। यहां पर तो अभी तक कंप्यूटर के बारे में किसी को जानकारी नहीं है। बिधूना कोतवाली में कंप्यूटर उपलब्ध है लेकिन उनका उपयोग बहुत कम ही होता है। इसी प्रकार सभी दस थानों में कंप्यूटर उपलब्ध करा दिये गये है। इन थानाें में से मात्र दो तीन थाने ही ऐसे है जिनमें कंप्यूटर कभी चलता है। बाकी थानाें में कंप्यूटर मात्र शोपीस बने हुए हैं। उनका कोई भी उपयोग नहीं किया जा रहा है जो रखे रखे धूल खा रहे हैं। यह नहीं कि यहां पर कंप्यूटर चलाने वालाें की कमी है। अभी हाल ही में अपर पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में सभी थाने व कोतवाली के एसआई व सिपाहियाें को प्रशिक्षण दिया गया था। फिलहाल जो कुछ भी हो थाने व कोतवालियाें को हाईटेक बनाने के लिए प्रदेश सरकार यह मंशा अधूरी होती नजर आ रहीं है।
इनसेट
बोले जिम्मेदार
सभी थाने व कोतवाली में कंप्यूटर उपलब्ध हैं। साथ ही सभी को प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। जल्द ही सभी थानाें व कोतवालियाें में कंप्यूटराइज्ड डाटा फीडिंग शुरू हो जाएगी।
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श्रवण कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक
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प्रदेश सरकार ने पुलिस विभाग को हाईटेक बनाने के लिए सभी थाने व कोतवाली में कंप्यूटराइज्ड डाटा फीडिंग किये जाने के निर्देश दिये थे। इसके लिए ज्यादातर थाने व कोतवाली में कंप्यूटर भी पहुंचवा दिये थे। इसके बावजूद जिले के कई थानों में पुराने ढर्रे पर काम हो रहा है। जनपद में तीन कोतवाली व दस थाने संचालित है। इसमें सदर कोतवाली औरैया में पिछले वर्ष ही पांच कंप्यूटर सेट भेजे गये थे। साथ ही प्राइवेट कंप्यूटर को तैनात कर एक दो माह कंप्यूटराइज्ड कार्य भी कराया गया था लेकिन कंप्यूटर आपरेटर की कमी होने के चलते वह भी बंद हो गया। इसी प्रकार अजीतमल कोतवाली में भी सरकार द्वारा कंप्यूटर भेज दिये गये है। यहां पर तो अभी तक कंप्यूटर के बारे में किसी को जानकारी नहीं है। बिधूना कोतवाली में कंप्यूटर उपलब्ध है लेकिन उनका उपयोग बहुत कम ही होता है। इसी प्रकार सभी दस थानों में कंप्यूटर उपलब्ध करा दिये गये है। इन थानाें में से मात्र दो तीन थाने ही ऐसे है जिनमें कंप्यूटर कभी चलता है। बाकी थानाें में कंप्यूटर मात्र शोपीस बने हुए हैं। उनका कोई भी उपयोग नहीं किया जा रहा है जो रखे रखे धूल खा रहे हैं। यह नहीं कि यहां पर कंप्यूटर चलाने वालाें की कमी है। अभी हाल ही में अपर पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में सभी थाने व कोतवाली के एसआई व सिपाहियाें को प्रशिक्षण दिया गया था। फिलहाल जो कुछ भी हो थाने व कोतवालियाें को हाईटेक बनाने के लिए प्रदेश सरकार यह मंशा अधूरी होती नजर आ रहीं है।
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इनसेट
बोले जिम्मेदार
सभी थाने व कोतवाली में कंप्यूटर उपलब्ध हैं। साथ ही सभी को प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। जल्द ही सभी थानाें व कोतवालियाें में कंप्यूटराइज्ड डाटा फीडिंग शुरू हो जाएगी।
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श्रवण कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक