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यूएम पावर प्लांट पर सेंपलिंग का काम बंद
Auraiya
Updated Fri, 08 Feb 2013 05:30 AM IST
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कंचौसी(औरैया)। किसानों के विरोध के चलते यूएम पावर कारपोरेशन की कोल आधारित 250 मेगावाट बिजली परियोजना में मिट्टी सेंपलिंग के कार्य बंद हो गया है। नाराज किसानों का कहना है कि उनकी भूमि का बिना मुआवजा दिए परियोजना के कर्मचारी मशीनें लगवाकर खुदाई करवा रहे हैं। जब तक मुआवजा नहीं मिल जाता किसान अपनी जमीन पर खुदाई नहीं होने देंगे।
किसान हरीबाबू, प्रेमशंकर, राजाराम, जितेंद्र यादव, सियाराम, सूबेदार तिवारी, चंद्रशेखर तिवारी, रामप्रकाश एवं कमलेश ने बताया कि यूएम पावर कारपोरेशन ने अभी तक उनकी जमीन का मुआवजा नहीं दिया है। उनकी जमीन पर बड़ी बड़ी मशीनों से खुदाई करवाकर मिट्टी परीक्षण का कार्य शुरू करा दिया है। किसानों ने मौके पर पहुंचकर इसका विरोध किया। किसानों के विरोध के चलते काम बंद कर दिया गया। फील्ड कर्मचारी विनोद अपने कुछ सुरक्षा गार्डों के साथ किसानों से जोर जबरदस्ती कर मशीन चलाने का दबाव बनाने लगे। इससे किसानों में और आक्रोश फैल गया। बाद में उन्होंने काम बंद कराते हुए किसानों को उनकी मांगों पर विचार का आश्वासन दिया। परियोजना निदेशक आरबी सिंह ने किसानों की एक बैठक भी मानस इंटर कालेज में बुलाई। किसानों ने उनके समक्ष भी मांग मजबूती से रखी। किसानाें ने दो टूक कहा कि जब तक उनकी भूमि का उचित मुआवजा नहीं मिल जाता वे विरोध करते रहेंगे।
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किसान हरीबाबू, प्रेमशंकर, राजाराम, जितेंद्र यादव, सियाराम, सूबेदार तिवारी, चंद्रशेखर तिवारी, रामप्रकाश एवं कमलेश ने बताया कि यूएम पावर कारपोरेशन ने अभी तक उनकी जमीन का मुआवजा नहीं दिया है। उनकी जमीन पर बड़ी बड़ी मशीनों से खुदाई करवाकर मिट्टी परीक्षण का कार्य शुरू करा दिया है। किसानों ने मौके पर पहुंचकर इसका विरोध किया। किसानों के विरोध के चलते काम बंद कर दिया गया। फील्ड कर्मचारी विनोद अपने कुछ सुरक्षा गार्डों के साथ किसानों से जोर जबरदस्ती कर मशीन चलाने का दबाव बनाने लगे। इससे किसानों में और आक्रोश फैल गया। बाद में उन्होंने काम बंद कराते हुए किसानों को उनकी मांगों पर विचार का आश्वासन दिया। परियोजना निदेशक आरबी सिंह ने किसानों की एक बैठक भी मानस इंटर कालेज में बुलाई। किसानों ने उनके समक्ष भी मांग मजबूती से रखी। किसानाें ने दो टूक कहा कि जब तक उनकी भूमि का उचित मुआवजा नहीं मिल जाता वे विरोध करते रहेंगे।
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