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नए साल से जैविक खेती को मिलेगा बढ़ावा, उन्नतशील होंगी फसलें
Updated Fri, 29 Dec 2017 12:17 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
औरैया। गिर रही फसल की पैदावार और मृदा की उर्वरा शक्ति को बढ़ावा देेने के लिए जिले में नए साल से किसानों को फर्टिलाइजर मुक्त जैविक खेती की ओर कृषि विभाग रुख करेगा। फल, फूल और सब्जी की खेती की ओर किसानों की रुचि बढ़ाने के लिए विभाग अनुदान देगा जिससे पारंपरिक खेती के अलावा किसान इन फसलों पर अधिक आय कर सके और उनका जीवन स्तर भी ऊंचा उठ सके।
इसके अलावा राजकीय कृषि बीज भंडार को आधुनिक बनाने की तैयारी चल रही है। नए साल में कृषि विभाग के पास किसानों के लिए बहुत कुछ है जिससे वह जिले के किसानों को उन्नतशील बना सके। नये साल में पांच दिवसीय मेला लगाया जाएगा। मेले में फर्टिलाइजर मुक्त जैविक खेती का किसानों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसी के साथ स्टाल लगाकर प्रत्येक फसल को उन्नतशील बनाने के तरीके भी सिखाए जाएंगेे।
बीज और यंत्रों पर मिलेगी सब्सिडी
नए साल में किसानों को एक नया तोहफा मिलेगा। पहले बीज और यंत्र एग्रो से खरीदने पर सब्सिडी मिलती थी लेकिन अब किसान बाजार में कहीं से खरीद सकते हैं। उसके कागज कृषि अधिकारी से वेरीफाई कराकर विभाग में जमा करने होंगे। मध्यम वर्ग के किसानों को अनुदान पर बीज और अच्छे यंत्र उपलब्ध कराए जाएंगे। अब सब्सिडी पर खरीददारी में बाध्यता खत्म कर दी गई है। डीवीटी से बीज खरीददारी की सब्सिडी दी जाएगी।
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सब्जी और मक्का पर मिलेगा अनुदान
मक्का उत्पादन क्षेत्र पांच हजार से बढ़कर सात हजार हेक्टेयर हो गया है। प्याज और लहसुन में किसानों की अधिक रुचि है इसलिए नये साल में 100 हेक्टेयर के लिए किसानों को अनुदान दिया जाएगा। खीरा, करेला बीते साल में 200 हेक्टेयर था जो कि नये साल में 300 हेक्टेयर में होगा। इसके लिए विभाग 50 हेक्टेयर का अनुदान देगा।
गेंदा और ग्लेडियोलस से बढ़ेगी आमदनी
उद्यान विभाग की ओर से गेंदा और ग्लेडियोलस पुष्प की खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों से आवेदन मांगे गए है। आवेदन करने वाले किसानों को बीज अनुदान पर मिलेगा, इसके बाद उन्हें फूल बेचने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। उद्यान विभाग स्वयं व्यापारियों को खरीदारी के लिए लगाएगा। इससे किसानों का रुझान फूल की खेती के प्रति बढ़ेगा और अच्छी आमदनी भी होगी।
बीज भंडार होगा आधुनिक
राजकीय बीज भंडार को साधारण से आधुनिकीकरण में परिवर्तित किया जाएगा। भंडार स्थल पर कंप्यूटर लगाए जाएंगे, इससे किसानों को अपना पंजीकरण कराने में मदद मिलेगी और किसान ने कितना बीज खरीदा है उसकी पर्ची दी जाएगी। बीज खरीदने के एक सप्ताह बाद किसान के खाते में सब्सिडी पहुंच जाएगी।
वर्जन
अगले साल में किसानों के लिए ढेरों सौगातें हैं। फलों से लेकर फूल तक की फसल पर अनुदान मिलेगा। मध्यम वर्गीय किसानों को इसका अधिक लाभ मिलेगा। - राजेंद्र कुमार, जिला उद्यान अधिकारी
वर्जन
किसानों को यंत्रों और बीज की खरीदारी पर बाध्यता खत्म होगी और किसी भी जगह से खरीदे गए यंत्र, बीज की सब्सिडी किसान के खाते में भेजी जाएगी। जैविक खेती का किसानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। - विजय कुमार, उपकृषि निदेशक
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औरैया। गिर रही फसल की पैदावार और मृदा की उर्वरा शक्ति को बढ़ावा देेने के लिए जिले में नए साल से किसानों को फर्टिलाइजर मुक्त जैविक खेती की ओर कृषि विभाग रुख करेगा। फल, फूल और सब्जी की खेती की ओर किसानों की रुचि बढ़ाने के लिए विभाग अनुदान देगा जिससे पारंपरिक खेती के अलावा किसान इन फसलों पर अधिक आय कर सके और उनका जीवन स्तर भी ऊंचा उठ सके।
इसके अलावा राजकीय कृषि बीज भंडार को आधुनिक बनाने की तैयारी चल रही है। नए साल में कृषि विभाग के पास किसानों के लिए बहुत कुछ है जिससे वह जिले के किसानों को उन्नतशील बना सके। नये साल में पांच दिवसीय मेला लगाया जाएगा। मेले में फर्टिलाइजर मुक्त जैविक खेती का किसानों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसी के साथ स्टाल लगाकर प्रत्येक फसल को उन्नतशील बनाने के तरीके भी सिखाए जाएंगेे।
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बीज और यंत्रों पर मिलेगी सब्सिडी
नए साल में किसानों को एक नया तोहफा मिलेगा। पहले बीज और यंत्र एग्रो से खरीदने पर सब्सिडी मिलती थी लेकिन अब किसान बाजार में कहीं से खरीद सकते हैं। उसके कागज कृषि अधिकारी से वेरीफाई कराकर विभाग में जमा करने होंगे। मध्यम वर्ग के किसानों को अनुदान पर बीज और अच्छे यंत्र उपलब्ध कराए जाएंगे। अब सब्सिडी पर खरीददारी में बाध्यता खत्म कर दी गई है। डीवीटी से बीज खरीददारी की सब्सिडी दी जाएगी।
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सब्जी और मक्का पर मिलेगा अनुदान
मक्का उत्पादन क्षेत्र पांच हजार से बढ़कर सात हजार हेक्टेयर हो गया है। प्याज और लहसुन में किसानों की अधिक रुचि है इसलिए नये साल में 100 हेक्टेयर के लिए किसानों को अनुदान दिया जाएगा। खीरा, करेला बीते साल में 200 हेक्टेयर था जो कि नये साल में 300 हेक्टेयर में होगा। इसके लिए विभाग 50 हेक्टेयर का अनुदान देगा।
गेंदा और ग्लेडियोलस से बढ़ेगी आमदनी
उद्यान विभाग की ओर से गेंदा और ग्लेडियोलस पुष्प की खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों से आवेदन मांगे गए है। आवेदन करने वाले किसानों को बीज अनुदान पर मिलेगा, इसके बाद उन्हें फूल बेचने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। उद्यान विभाग स्वयं व्यापारियों को खरीदारी के लिए लगाएगा। इससे किसानों का रुझान फूल की खेती के प्रति बढ़ेगा और अच्छी आमदनी भी होगी।
बीज भंडार होगा आधुनिक
राजकीय बीज भंडार को साधारण से आधुनिकीकरण में परिवर्तित किया जाएगा। भंडार स्थल पर कंप्यूटर लगाए जाएंगे, इससे किसानों को अपना पंजीकरण कराने में मदद मिलेगी और किसान ने कितना बीज खरीदा है उसकी पर्ची दी जाएगी। बीज खरीदने के एक सप्ताह बाद किसान के खाते में सब्सिडी पहुंच जाएगी।
वर्जन
अगले साल में किसानों के लिए ढेरों सौगातें हैं। फलों से लेकर फूल तक की फसल पर अनुदान मिलेगा। मध्यम वर्गीय किसानों को इसका अधिक लाभ मिलेगा। - राजेंद्र कुमार, जिला उद्यान अधिकारी
वर्जन
किसानों को यंत्रों और बीज की खरीदारी पर बाध्यता खत्म होगी और किसी भी जगह से खरीदे गए यंत्र, बीज की सब्सिडी किसान के खाते में भेजी जाएगी। जैविक खेती का किसानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। - विजय कुमार, उपकृषि निदेशक