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Auraiya News: दूषित पानी की जांंच के लिए मिली 770 किट सभी गांवों में होगी जांच
Sat, 26 Aug 2023 01:04 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Sat, 26 Aug 2023 01:04 AM IST
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औरैया। बुढ़ानपुर व इटैली ग्राम पंचायत में दूषित पानी मिलने के बाद जल निगम अलर्ट मोड पर आ गया है। उच्चाधिकारियों के निर्देश के बाद विभाग ने जिले की सभी ग्राम पंचायतों में पानी की जांच कराने की बात कही है। इसके लिए 770 किटें आवंटित की गई है। विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर नलकूपाें के पानी की जांच कर सैंपल लेंगे। जिन गांव में पानी की गुणवत्ता में कमी पाए जाएगी वहां आपूर्ति बंद कर निदान के प्रयास किए जाएंगे।
भाग्य नगर व अछल्दा ब्लॉक क्षेत्र के बुढ़ानपुर व इटैली ग्राम पंचायत के सैंपल की जांच में मिले फ्लोराइड व प्रदूषित पानी की आपूर्ति पर रोक लगाने के बाद अब जल निगम सातों ब्लॉकों में लगे नलकूपों के पानी का सैंपल एकत्रित करने में जुट गया है। जिले भर की 477 ग्राम पंचायतों में पानी की जांच किए जाने के लिए टीमों को सक्रिय कर दिया गया है। जिससे पानी के सैंपल लेकर उनकी गुणवत्ता की जांच की जा सके।
बता दें कि उक्त दोनों स्थानों से आई सैंपल रिपोर्ट के बाद पेयजलापूर्ति रोके जाने की खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से 25 अगस्त के अंक में प्रकाशित की थी। जिसके बाद विभागीय अधिकारियों की सक्रियता और तेज हो गई है। हर घर नल से जल योजना के माध्यम से घरों तक पेयजलापूर्ति पहुंचाने को लेकर प्रतिबद्ध शासन हर तरह की चुनौती का सामना कर लोगों को योजना का लाभ देने में लगा हुआ है। इससे जिले की ग्रामीणांचल की आबादी को पानी के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। सभी जांचों के उपरांत आने वाले परिणाम के अनुसार गुणवत्ता बरकरार रखने को हर संभव उपाय किए जाएंगे। इन जांचों के लिए विभाग की ओर से मौजूद 770 किटों में से 521 किटों का वितरण कर दिया गया है। इसके बाद ग्रामीणांचल में जांच के लिए टीमें सक्रिय हो गई हैं।
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किट बताएगी पानी में केमिकल व बैक्टीरिया की मात्रा
टेस्टिंग किट के माध्यम से जांच टीम पानी में मौजूद केमिकल, बैक्टीरिया आदि की मौजूदगी का पता लगाएगी। पानी में उपस्थित केमिकल के प्रतिशत का भी पता लगाया जाएगा। जिसके उपरांत पानी में मिलने वाले केमिकल व बैक्टीरिया पानी का उपयोग करने वाले के लिए कितना हितकर है उसकी अलग से जांच कराई जाएगी। जिससे लोगों को उपयोग किए जाने वाले पानी से किसी भी प्रकार की कोई समस्या या बीमारी न हो सके।
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250 एमजी तक नार्मल होती है पानी में फ्लोराइड की मात्रा
स्टेट लैब से बुढ़ानपुर स्थित नलकूप के पानी के सैंपल की जांच रिपोर्ट में 250 एमजी से अधिक फ्लोराइड पाए जाने पर पेयजलापूर्ति रोक दी गई थी। फिलहाल जल निगम के अधिकारी इस समस्या से निजात दिलाए जाने और पेयजलापूर्ति बहाल करने को लेकर उपाय करने में लगे हुए हैं। जिससे लोगों को पानी की समस्या से बचाया जा सके। अधिकारी बताते हैं कि 250 एमजी तक पानी में फ्लोराइड की मात्रा सामान्य श्रेणी में आती है।
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पानी में केमिकल व बैक्टीरिया कितनी मात्रा में उपलब्ध हैं। इसकी जांच कराए जाने को 770 किटों का प्रयोग किया जाएगा। पहले चरण में 521 किटों से ग्रामीण क्षेत्र में पानी की जांच कराई जा रही है। इसके लिए 2275 स्थानों से सैंपल लिए गए हैं। लगातार सैंपल लेकर पानी की गुणवत्ता परखी जा रही है।
- अरुण कुमार, अधिशासी अभियंता, जल निगम, औरैया।
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भाग्य नगर व अछल्दा ब्लॉक क्षेत्र के बुढ़ानपुर व इटैली ग्राम पंचायत के सैंपल की जांच में मिले फ्लोराइड व प्रदूषित पानी की आपूर्ति पर रोक लगाने के बाद अब जल निगम सातों ब्लॉकों में लगे नलकूपों के पानी का सैंपल एकत्रित करने में जुट गया है। जिले भर की 477 ग्राम पंचायतों में पानी की जांच किए जाने के लिए टीमों को सक्रिय कर दिया गया है। जिससे पानी के सैंपल लेकर उनकी गुणवत्ता की जांच की जा सके।
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बता दें कि उक्त दोनों स्थानों से आई सैंपल रिपोर्ट के बाद पेयजलापूर्ति रोके जाने की खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से 25 अगस्त के अंक में प्रकाशित की थी। जिसके बाद विभागीय अधिकारियों की सक्रियता और तेज हो गई है। हर घर नल से जल योजना के माध्यम से घरों तक पेयजलापूर्ति पहुंचाने को लेकर प्रतिबद्ध शासन हर तरह की चुनौती का सामना कर लोगों को योजना का लाभ देने में लगा हुआ है। इससे जिले की ग्रामीणांचल की आबादी को पानी के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। सभी जांचों के उपरांत आने वाले परिणाम के अनुसार गुणवत्ता बरकरार रखने को हर संभव उपाय किए जाएंगे। इन जांचों के लिए विभाग की ओर से मौजूद 770 किटों में से 521 किटों का वितरण कर दिया गया है। इसके बाद ग्रामीणांचल में जांच के लिए टीमें सक्रिय हो गई हैं।
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किट बताएगी पानी में केमिकल व बैक्टीरिया की मात्रा
टेस्टिंग किट के माध्यम से जांच टीम पानी में मौजूद केमिकल, बैक्टीरिया आदि की मौजूदगी का पता लगाएगी। पानी में उपस्थित केमिकल के प्रतिशत का भी पता लगाया जाएगा। जिसके उपरांत पानी में मिलने वाले केमिकल व बैक्टीरिया पानी का उपयोग करने वाले के लिए कितना हितकर है उसकी अलग से जांच कराई जाएगी। जिससे लोगों को उपयोग किए जाने वाले पानी से किसी भी प्रकार की कोई समस्या या बीमारी न हो सके।
250 एमजी तक नार्मल होती है पानी में फ्लोराइड की मात्रा
स्टेट लैब से बुढ़ानपुर स्थित नलकूप के पानी के सैंपल की जांच रिपोर्ट में 250 एमजी से अधिक फ्लोराइड पाए जाने पर पेयजलापूर्ति रोक दी गई थी। फिलहाल जल निगम के अधिकारी इस समस्या से निजात दिलाए जाने और पेयजलापूर्ति बहाल करने को लेकर उपाय करने में लगे हुए हैं। जिससे लोगों को पानी की समस्या से बचाया जा सके। अधिकारी बताते हैं कि 250 एमजी तक पानी में फ्लोराइड की मात्रा सामान्य श्रेणी में आती है।
पानी में केमिकल व बैक्टीरिया कितनी मात्रा में उपलब्ध हैं। इसकी जांच कराए जाने को 770 किटों का प्रयोग किया जाएगा। पहले चरण में 521 किटों से ग्रामीण क्षेत्र में पानी की जांच कराई जा रही है। इसके लिए 2275 स्थानों से सैंपल लिए गए हैं। लगातार सैंपल लेकर पानी की गुणवत्ता परखी जा रही है।
- अरुण कुमार, अधिशासी अभियंता, जल निगम, औरैया।