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Auraiya News: मिशन ज्योतिर्गमय में शामिल किए गए 70 और स्कूल
Mon, 28 Apr 2025 11:49 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Mon, 28 Apr 2025 11:49 PM IST
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औरैया। बुनियादी शिक्षा को लेकर परिषदीय स्कूलों को संवारने के लिए डीएम का प्रयोग मिशन ज्योतिर्गमय का दायरा अब बढ़ने जा रहा है। 50 स्कूलों को जहां अभी तक इस प्रयोग से संवारा जा रहा है।
अब इस कड़ी में 70 और परिषदीय स्कूलों को शामिल किया गया है। 19 पैरामीटर पर अब इन स्कूलों को योजनाबद्ध ढंग से खरा उतारा जाएगा। डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने मिशन ज्योतिर्गमय का रोडमैप बनाते हुए जनपद के 50 परिषदीय स्कूलों के शिक्षण कार्य से लेकर कायाकल्प मानकों पर काम शुरू कराया।
बेसिक शिक्षा विभाग व विकास विभाग के साझा तालमेल के बीच इन स्कूलों में काफी हद तक बेहतरी की जा चुकी है। स्कूलों की बाउंड्रीवाल, फर्नीचर, बोर्ड, एमडीएम टिनशेड, शौचालय व रोचक अध्ययन सामग्री के इंतजाम किए गए हैं।
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वहीं, स्कूल के प्रधानाध्यापक समेत शिक्षकों के साथ अधिकारियों से हर माह मॉनीटरिंग की जा रही है। छात्र संख्या में भी इजाफा किया जा रहा है। अब इस कड़ी में बीआरसी स्तर पर 70 और परिषदीय स्कूलों को चिह्नित करते हुए मिशन ज्योतिर्गमय के तहत संवारा जाएगा। इसके लिए स्कूलों को चुन भी लिया गया है।
डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि मिशन ज्योतिर्गमय को अब विस्तार दिया जाएगा। 50 के बाद अब 70 और परिषदीय स्कूलों पर इस व्यवस्था के जरिए काम किया जाएगा। ऑडिट भी कराया जाएगा।
डीएलएड प्रशिक्षु हर तीन माह में करेंगे ऑडिट
मिशन ज्योतिर्गमय से संवारे जा रहे इन स्कूलों का हर तीन माह में ऑडिट भी किया जाएगा। इसके लिए डायट के डीएलएड प्रशिक्षुओं की मदद ली जाएगी। बुनियादी शिक्षा में बच्चों की दक्षता व स्कूलों की बेहतरी को परखा जाएगा। खास बात यह है कि शिक्षकों की मेहनत भी इस ऑडिट के जरिए सामने आएगी।
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अब इस कड़ी में 70 और परिषदीय स्कूलों को शामिल किया गया है। 19 पैरामीटर पर अब इन स्कूलों को योजनाबद्ध ढंग से खरा उतारा जाएगा। डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने मिशन ज्योतिर्गमय का रोडमैप बनाते हुए जनपद के 50 परिषदीय स्कूलों के शिक्षण कार्य से लेकर कायाकल्प मानकों पर काम शुरू कराया।
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बेसिक शिक्षा विभाग व विकास विभाग के साझा तालमेल के बीच इन स्कूलों में काफी हद तक बेहतरी की जा चुकी है। स्कूलों की बाउंड्रीवाल, फर्नीचर, बोर्ड, एमडीएम टिनशेड, शौचालय व रोचक अध्ययन सामग्री के इंतजाम किए गए हैं।
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वहीं, स्कूल के प्रधानाध्यापक समेत शिक्षकों के साथ अधिकारियों से हर माह मॉनीटरिंग की जा रही है। छात्र संख्या में भी इजाफा किया जा रहा है। अब इस कड़ी में बीआरसी स्तर पर 70 और परिषदीय स्कूलों को चिह्नित करते हुए मिशन ज्योतिर्गमय के तहत संवारा जाएगा। इसके लिए स्कूलों को चुन भी लिया गया है।
डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि मिशन ज्योतिर्गमय को अब विस्तार दिया जाएगा। 50 के बाद अब 70 और परिषदीय स्कूलों पर इस व्यवस्था के जरिए काम किया जाएगा। ऑडिट भी कराया जाएगा।
डीएलएड प्रशिक्षु हर तीन माह में करेंगे ऑडिट
मिशन ज्योतिर्गमय से संवारे जा रहे इन स्कूलों का हर तीन माह में ऑडिट भी किया जाएगा। इसके लिए डायट के डीएलएड प्रशिक्षुओं की मदद ली जाएगी। बुनियादी शिक्षा में बच्चों की दक्षता व स्कूलों की बेहतरी को परखा जाएगा। खास बात यह है कि शिक्षकों की मेहनत भी इस ऑडिट के जरिए सामने आएगी।