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खतरे की घंटी बजा सकती है अंजान फोन कॉल
Updated Tue, 31 Jul 2018 11:44 PM IST
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उरई। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से झांसी रोड स्थित बीकेडी एल्ड्रिच पब्लिक स्कूल में आयोजित पुलिस की पाठशाला में मुख्य अतिथि सीओ सिटी संतोष कुमार ने छात्रों को साइबर क्राइम के खतरों से आगाह करते हुए विद्यार्थियों को इनसे बचाव के तरीके भी बताए। कहा कि फोन पर आने वाली अंजान कॉल पर अपनी या फिर परिवार से संबंधित कोई जानकारी किसी को न दें। आप से मिली छोटी सी जानकारी शरारती तत्वों को साइबर क्राइम करने का मौका दे सकती है। सीओ ने छात्र-छात्राओं के जिज्ञासा भरे सवालों के जवाब भी दिए।
छात्र-छात्राओं ने जब मोबाइल पर आने वाले कॉल, फेस बुक और व्हाट्सएप से संबधित अपराधों के बारे में सवाल पूछे कि अगर फोन पर किसी ने कॉल कर एटीएम का पासवर्ड पूछा और फिर बैंक खाते से एक लाख रुपये निकल गए और अगर कुछ लोग व्हाट्सएप के साथ लगने वाली फोटो के साथ खिलवाड़ करते हैं। इसे पुलिस कैसे रोकेगी। इस पर सीओ ने कहा कि साइबर क्राइम से बचाव का सबसे अच्छा तरीका है, सतर्कता।
लिहाजा हमें कभी भी झूठी कॉल का कोई जवाब नहीं देना है, यदि नंबर दोबारा आए तो उसे नोट कर सीधे पुलिस से शिकायत करें, इसके लिए पुलिस विभाग ने साइबर सेल बना रखा है, जहां पर एक्सपर्ट उन नंबरों को चलाने वालों का पता कर उनकी धरपकड़ करते हैं। सीओ ने बताया कि सोशल मीडिया की अच्छाई है तो कुछ बुराईयां भी है, इनसे बचना होगा। इसके लिए बच्चों के साथ उनके अभिभावकों को भी जागरूक होना होगा।
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कक्षा नौ की छात्रा अनुराधा ने सवाल किया कि बढ़ते हुए अपराधों को देखकर नहीं लगता कि पुलिस की संख्या में बढ़ोतरी होनी चाहिए, ताकि हर चौराहे, गली में पुलिस की तैनाती हो सके। इस पर सीओ ने कहा कि समय-समय पर प्रदेश सरकार पुलिस भर्ती कर रही है और संख्या भी बढ़ रही है, लेकिन देश व प्रदेश की आबादी इतनी अधिक है कि उसकी तुलना में पुलिस कम ही नजर आती है।
छात्रा अनुष्का वर्मा ने पूछा कि पुलिस पर भ्रष्टाचार के आरोप क्यों लगते हैं, इस पर सीओ ने कहा कि महकमे में आरोपों की जांच कराई जाती है, जिसमें सभी आरोप सही भी नहीं पाए जाते है। जब आरोप सही होते हैं तो आगे से ऐसा दोबारा न हो, इसके लिए विभाग की ओर से दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी की जाती है। छात्रा दीक्षा द्विवेदी का सवाल रहा कि घर हो या समाज आज भी लोग बेटा, बेटियों में फर्क क्यों करते हैं। इस पर सीओ ने कहा कि बेटियां किसी भी क्षेत्र में बेटों से कम नहीं है।
हाईस्कूल के छात्र दानिश ने पुलिस पर ही तीन सवारी होकर बाइक चलाने व हेलमेट न लगाने की बात कही। सीओ ने समझाया कि हेलमेट सीधे जिंदगी से जुड़ा है, फिर भी यदि कहीं ऐसे पुलिस कर्मियों की शिकायत मिलती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाती है। स्कूल प्रबंधन से अजय इटौरिया ने फाउंडेशन के प्रयासों की सराहना की और मुख्य अतिथि का आभार जताया।
अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से पुलिस की पाठशाला का आयोजन
सीओ ने साइबर क्राइम के खतरे बताए, बचाव के तरीके भी
अमर उजाला ब्यूरो
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छात्र-छात्राओं ने जब मोबाइल पर आने वाले कॉल, फेस बुक और व्हाट्सएप से संबधित अपराधों के बारे में सवाल पूछे कि अगर फोन पर किसी ने कॉल कर एटीएम का पासवर्ड पूछा और फिर बैंक खाते से एक लाख रुपये निकल गए और अगर कुछ लोग व्हाट्सएप के साथ लगने वाली फोटो के साथ खिलवाड़ करते हैं। इसे पुलिस कैसे रोकेगी। इस पर सीओ ने कहा कि साइबर क्राइम से बचाव का सबसे अच्छा तरीका है, सतर्कता।
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लिहाजा हमें कभी भी झूठी कॉल का कोई जवाब नहीं देना है, यदि नंबर दोबारा आए तो उसे नोट कर सीधे पुलिस से शिकायत करें, इसके लिए पुलिस विभाग ने साइबर सेल बना रखा है, जहां पर एक्सपर्ट उन नंबरों को चलाने वालों का पता कर उनकी धरपकड़ करते हैं। सीओ ने बताया कि सोशल मीडिया की अच्छाई है तो कुछ बुराईयां भी है, इनसे बचना होगा। इसके लिए बच्चों के साथ उनके अभिभावकों को भी जागरूक होना होगा।
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कक्षा नौ की छात्रा अनुराधा ने सवाल किया कि बढ़ते हुए अपराधों को देखकर नहीं लगता कि पुलिस की संख्या में बढ़ोतरी होनी चाहिए, ताकि हर चौराहे, गली में पुलिस की तैनाती हो सके। इस पर सीओ ने कहा कि समय-समय पर प्रदेश सरकार पुलिस भर्ती कर रही है और संख्या भी बढ़ रही है, लेकिन देश व प्रदेश की आबादी इतनी अधिक है कि उसकी तुलना में पुलिस कम ही नजर आती है।
छात्रा अनुष्का वर्मा ने पूछा कि पुलिस पर भ्रष्टाचार के आरोप क्यों लगते हैं, इस पर सीओ ने कहा कि महकमे में आरोपों की जांच कराई जाती है, जिसमें सभी आरोप सही भी नहीं पाए जाते है। जब आरोप सही होते हैं तो आगे से ऐसा दोबारा न हो, इसके लिए विभाग की ओर से दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी की जाती है। छात्रा दीक्षा द्विवेदी का सवाल रहा कि घर हो या समाज आज भी लोग बेटा, बेटियों में फर्क क्यों करते हैं। इस पर सीओ ने कहा कि बेटियां किसी भी क्षेत्र में बेटों से कम नहीं है।
हाईस्कूल के छात्र दानिश ने पुलिस पर ही तीन सवारी होकर बाइक चलाने व हेलमेट न लगाने की बात कही। सीओ ने समझाया कि हेलमेट सीधे जिंदगी से जुड़ा है, फिर भी यदि कहीं ऐसे पुलिस कर्मियों की शिकायत मिलती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाती है। स्कूल प्रबंधन से अजय इटौरिया ने फाउंडेशन के प्रयासों की सराहना की और मुख्य अतिथि का आभार जताया।
अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से पुलिस की पाठशाला का आयोजन
सीओ ने साइबर क्राइम के खतरे बताए, बचाव के तरीके भी
अमर उजाला ब्यूरो