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कुपोषित बच्चों पर भी होगीं क्षय रोग विभाग की नजर ं
Updated Fri, 19 Jan 2018 11:53 PM IST
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उरई। जिले के कुपोषित व अति कुपोषित बच्चों पर अब क्षय विभाग की नजर रहेगी। इसके लिए जिला कार्यक्रम विभाग कुपोषित बच्चों की सूची क्षय विभाग को उपलब्ध कराएगा। साथ ही पोषण पुनर्वास केंद्रों से भी जानकारी जुटाई जाएगी। इसके बाद क्षय रोग से प्रभावित बच्चों की पहचान की जाएगी। फिर पीड़ित बच्चों का डाटा भी क्षय विभाग आनलाइन रखेगा। ताकि इन बच्चों पर हमेशा क्षय विभाग की नजर रहे। साथ ही ये बच्चे जिले से बाहर होने पर भी क्षय रोग की दवा ले सकें।
प्रधानमंत्री के वर्ष 2025 तक देश को क्षय रोग से मुक्त करने के संकल्प को अमली जामा पहनाने के लिए अब जिले के कुपोषित व अति कुपोषित बच्चों की क्षय विभाग को निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए क्षय विभाग को जिला अस्पताल में संचालित पोषण पुनर्वास केंद्र (न्यूट्रेशनल रिहैब्लीटेशन सेंटर)
व कार्यक्रम विभाग से सभी कुपोषित बच्चों की सूची जुटाने को कहा गया है।
क्षय विभाग इनका इलाज करने वाले डॉक्टरों के भी संपर्क में रहेगा। साथ ही जिन बच्चों का वजन पौष्टिक आहार व दवाएं देने के बाद भी नहीं बढ़ रहा है। क्षय विभाग इन बच्चों की स्क्रीनिंग कराते हुए संदिग्ध क्षय रोग से पीड़ित बच्चाें की जांच कराकर समुचित इलाज कराएगा। इतना ही नहीं क्षय विभाग को इन बच्चों के डाटा भी ऑनलाइन अपडेट कराना होगा। ताकि इन पर पूरी नजर रखी जा सके। टीमें कब से गांवों में निकलेगी और कहां कहां जाएगी, जल्द ही इसका कार्यक्रम भी तय किया जाएगा।
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जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सुग्रीव बाबू ने बताया कि बच्चों के लक्षण देखकर उनका इलाज किया जाएगा। जिन बच्चों क ा आंगनबाड़ी व पुनर्वास केंद्रों से मिलने वाले पुष्टाहार व स्वास्थ्य वर्धक दवाएं देने के बाद भी वजन नहीं बढ़ रहा है। ऐसे बच्चों में टीबी की बीमारी की जांच की जाएगी, यदि लक्षण पाए गए तो तत्काल ही इलाज शुरू किया जाएगा। डॉ सुग्रीव के मुताबिक, टीबी का सबसे मुख्य लक्षण ही वजन न बढ़ना होता है।
जिले में 19 स्वास्थ्य केंद्रों पर क्षय विभाग की जांच की सुविधा उपलब्ध है। सभी केंद्रों पर दवाएं भी उपलब्ध है। इनमें जिला पुरुष अस्पताल, राजकीय मेडीकल कालेज, डकोर, कदौरा, आटा, जालौन, छिरिया, बाबई, न्यामतपुर, कालपी, कुठौंद, ईटों, माधौगढ़, रामपुरा, कोंच, नदीगांव, सदूपुरा, पिंडारी, हरदोई गूजर शामिल है।
क्षय रोग से पीड़ित बच्चों का डाटा भी होगा आनलाइन
कार्यक्रम विभाग से जुटाई जाएगी कुपोषित बच्चों की जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
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प्रधानमंत्री के वर्ष 2025 तक देश को क्षय रोग से मुक्त करने के संकल्प को अमली जामा पहनाने के लिए अब जिले के कुपोषित व अति कुपोषित बच्चों की क्षय विभाग को निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए क्षय विभाग को जिला अस्पताल में संचालित पोषण पुनर्वास केंद्र (न्यूट्रेशनल रिहैब्लीटेशन सेंटर)
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व कार्यक्रम विभाग से सभी कुपोषित बच्चों की सूची जुटाने को कहा गया है।
क्षय विभाग इनका इलाज करने वाले डॉक्टरों के भी संपर्क में रहेगा। साथ ही जिन बच्चों का वजन पौष्टिक आहार व दवाएं देने के बाद भी नहीं बढ़ रहा है। क्षय विभाग इन बच्चों की स्क्रीनिंग कराते हुए संदिग्ध क्षय रोग से पीड़ित बच्चाें की जांच कराकर समुचित इलाज कराएगा। इतना ही नहीं क्षय विभाग को इन बच्चों के डाटा भी ऑनलाइन अपडेट कराना होगा। ताकि इन पर पूरी नजर रखी जा सके। टीमें कब से गांवों में निकलेगी और कहां कहां जाएगी, जल्द ही इसका कार्यक्रम भी तय किया जाएगा।
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जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सुग्रीव बाबू ने बताया कि बच्चों के लक्षण देखकर उनका इलाज किया जाएगा। जिन बच्चों क ा आंगनबाड़ी व पुनर्वास केंद्रों से मिलने वाले पुष्टाहार व स्वास्थ्य वर्धक दवाएं देने के बाद भी वजन नहीं बढ़ रहा है। ऐसे बच्चों में टीबी की बीमारी की जांच की जाएगी, यदि लक्षण पाए गए तो तत्काल ही इलाज शुरू किया जाएगा। डॉ सुग्रीव के मुताबिक, टीबी का सबसे मुख्य लक्षण ही वजन न बढ़ना होता है।
जिले में 19 स्वास्थ्य केंद्रों पर क्षय विभाग की जांच की सुविधा उपलब्ध है। सभी केंद्रों पर दवाएं भी उपलब्ध है। इनमें जिला पुरुष अस्पताल, राजकीय मेडीकल कालेज, डकोर, कदौरा, आटा, जालौन, छिरिया, बाबई, न्यामतपुर, कालपी, कुठौंद, ईटों, माधौगढ़, रामपुरा, कोंच, नदीगांव, सदूपुरा, पिंडारी, हरदोई गूजर शामिल है।
क्षय रोग से पीड़ित बच्चों का डाटा भी होगा आनलाइन
कार्यक्रम विभाग से जुटाई जाएगी कुपोषित बच्चों की जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो