{"_id":"60df53a58ebc3ec23565ea2d","slug":"51-buses-becomes-khatara-auraiya-news-knp637900574","type":"story","status":"publish","title_hn":"डिपो की 69 में 51 बसें खटारा, भर रही खजाना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डिपो की 69 में 51 बसें खटारा, भर रही खजाना
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
औरैया। सरकार की आय बढ़ाने में रोडवेज का अहम योगदान है। लेकिन डिपो की बसों की हालत जिले में अच्छी नहीं हैं। 69 बसों में 51 बसें खटारा हैं। ये बसे विभाग को राजस्व तो दे रही हैं, लेकिन यात्रियों को इसमें हिचकोले खाते सफर करना पड़ता है। जिम्मेदार बसों को ठीक से देखने के बाद ही रूट पर भेजने की बात कह रहे हैं।
औरैया डिपो में 18 बसें ही सही स्थिति में हैं। इन बसों को लंबे रूटों पर लगाया गया है। वहीं 51 बसों को ठोंक-पीटकर काम में लाया जा रहा है। अधिकतर बसें आठ से 10 साल पुरानी हैं। इन बसों से डिपो के राजस्व में बढ़ोतरी हो रही है। यह बसें अक्सर किसी न किसी रूट पर खराबी के कारण खड़ी हो जाती हैं और यात्रियों को परेशानी होती है। इनकी मरम्मत भी भगवान भरोसे है।
ये है कमियां
बसों में किसी की फर्श टूटी है तो किसी की सीटें फटीं हैं। इसकी जानकारी अधिकारियों को भी है। अधिकांश बसों की खिड़कियां बंद ही नहीं होती हैं।
एआरएम रमाशंकर चौधरी ने बताया कि रूटों पर बसों को रवाना करने से पहले उन्हें अच्छी तरह ठीक किया जाता है। डिपो अच्छा काम कर रहा है। कोरोना के कारण यात्री कम होने से राजस्व पर फर्क पड़ा था। अब यात्रियों के बढ़ने से राजस्व में सुधार हो रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
औरैया डिपो में 18 बसें ही सही स्थिति में हैं। इन बसों को लंबे रूटों पर लगाया गया है। वहीं 51 बसों को ठोंक-पीटकर काम में लाया जा रहा है। अधिकतर बसें आठ से 10 साल पुरानी हैं। इन बसों से डिपो के राजस्व में बढ़ोतरी हो रही है। यह बसें अक्सर किसी न किसी रूट पर खराबी के कारण खड़ी हो जाती हैं और यात्रियों को परेशानी होती है। इनकी मरम्मत भी भगवान भरोसे है।
विज्ञापन
ये है कमियां
बसों में किसी की फर्श टूटी है तो किसी की सीटें फटीं हैं। इसकी जानकारी अधिकारियों को भी है। अधिकांश बसों की खिड़कियां बंद ही नहीं होती हैं।
एआरएम रमाशंकर चौधरी ने बताया कि रूटों पर बसों को रवाना करने से पहले उन्हें अच्छी तरह ठीक किया जाता है। डिपो अच्छा काम कर रहा है। कोरोना के कारण यात्री कम होने से राजस्व पर फर्क पड़ा था। अब यात्रियों के बढ़ने से राजस्व में सुधार हो रहा है।
विज्ञापन