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Auraiya News: आंधी-बारिश से अंधेरे में रहे 500 गांव
Sat, 30 May 2026 11:45 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Sat, 30 May 2026 11:45 PM IST
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फोटो -31- सड़क पर टूटा पड़ा पोल। संवाद
औरैया/अजीतमल। जनपद में शुक्रवार रात आंधी व झमाझम बारिश के चलते विद्युत व्यवस्था फिर से चरमरा गई। जिले के चार प्रमुख फीडरों कुदरकोट, चपटा, अटसू व कैथावा की बिजली गुल हो गई। इससे फीडरों से 500 गांवों में पूरी रात बिजली नहीं पहुंची। ग्रामीणों ने अंधेरे में रात गुजारी।
आंधी से कई स्थानों पर पेड़ टूटकर बिजली लाइनों पर गिर गए। वहीं कुछ स्थानों पर बिजली के खंभे भी टूट गए। इन लाइनों की मरम्मत शनिवार तड़के शुरू हो गई। 10 बजे के करीब बिजली बहाल होने का क्रम शुरू हुआ। शहर कस्बों से सटे क्षेत्रों में रात के समय ही मरम्मत हो जाने से बिजली बहाल हो गई। अजीतमल में तेज आंधी और बारिश के कारण कस्बा को असेनी से आने वाली लाइन में फॉल्ट हो गया।
खराब मौसम के चलते रात करीब साढ़े नौ बजे उपकेंद्र अजीतमल को असेनी एवं देवकली 132 केवी स्टेशन से मिलने वाली बिजली सप्लाई बंद कर दी गई। बाद में असेनी से आने वाली 132 केवी लाइन में फॉल्ट आ गया। रात 1:10 बजे देवकली स्टेशन से विद्युत आपूर्ति बहाल हो सकी। देवकली से सप्लाई मिलने के बाद कस्बे के चारों फीडर तथा मुरादगंज फीडर चालू कर दिए गए लेकिन रमपुरा ग्रामीण, अनंतराम ग्रामीण, अयाना और कोल्ड स्टोर फीडर बंद रहे।
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इससे इन फीडरों से जुड़े लगभग 100 गांव पूरी रात अंधेरे में रहे। अवर अभियंता विजय कुमार के नेतृत्व में टीम ने असेनी लाइन की पेट्रोलिंग की। जांच के दौरान केंझरी के पास एक पेड़ लाइन पर गिरा मिला था। पेड़ को हटवाकर लाइन ठीक कराई गई। 10 बजे सभी फीडरों पर सप्लाई बहाल हो गई थी।
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बेला में आंधी से टूटे बिजली के पांच खंभे
बेला। तेज आंधी और बारिश में अलग-अलग क्षेत्रों में पेड़ गिरने और तेज हवाओं के कारण कुल पांच बिजली खंभे क्षतिग्रस्त हो गए। इससे कई गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। विद्युत उपकेंद्र में तेज हवाओं के कारण नीम का पेड़ जड़ से उखड़कर बिजली लाइन पर गिर गया। इससे दो बिजली खंभे टूट गए और पूरे क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई।
घटना देर रात होने के कारण सड़क पर आवाजाही नहीं हो रही थी। ग्राम पंचायत गैली में रात करीब 11 बजे तेज आंधी के चलते मेन लाइन के तीन खंभे टूट गए। अवर अभियंता वीरेंद्र कुमार ने बताया कि आंधी से पांच खंभे टूटे थे। गिरे हुए पेड़ को हटा कर लाइन को ठीक कराया गया है। (संवाद)
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बारिश से 20 गांवों की बिजली रही गुल
रुरुगंज। उपकेंद्र नेविलगंज अछल्दा से संचालित रुरुगंज फीडर की बिजली शुक्रवार रात आंधी के चलते बाधित हो गई। इससे क्षेत्र के करीब 20 गांवों में पूरी रात अंधेरा छाया रहा। रुरुगंज, पुरवा गुमानी, कुसमरा कटरा, कोठी, सराय महाजन, कछपुरा, बरके पुरवा, पंडपुर, नंदपुर, कुअरपुर, भुठा सहित आसपास के कई गांवों की बिजली गुल रही।
शनिवार सुबह लाइनमैनों ने जांच के दौरान कुसमरा गांव के जंगल क्षेत्र में विद्युत लाइन में फॉल्ट पाया। फॉल्ट को दुरुस्त करने के बाद शनिवार सुबह 10 बजे बिजली बहाल कराई। अवर अभियंता धीरेंद्र कुमार ने बताया कि कुछ जगह लाइन क्षतिग्रस्त हुई थी। जिसे ठीक कराया गया है। (संवाद)
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दिबियापुर, सहार व एरवाकटरा में भी बिजली ठप
औरैया। रात में आई आंधी के बाद दिबियापुर के तीनों फीडरों की बिजली गुल हो गई। इससे करीब 15 हजार घरों की बिजली बाधित हो गई। दिबियापुर में तीन फीडर ककराही बाजार, भगवतीगंज, सैनिक नगर फीडर हैं।
रात 10 बजे ठप हुई बिजली शनिवार दोपहर दो बजे बहाल हो सकी। करीब 16 घंटे बिजली गुल रही। जेई अरुण वर्मा ने बताया कि करीब 2 बजे ककराही फीडर को चालू कराया गया था लेकिन अन्य फीडरों की लाइन सही करवाने के लिए शटडाउन लेकर साढ़े 4 बजे तक आपूर्ति चालू हुई।
इसी तरह एरवाकटरा में 11 घंटे बाद बिजली बहाल हो सकी। रात करीब 10:20 बजे आंधी के कारण एरवाकटरा विद्युत उपकेंद्र के उमरैन, एरवाकटरा, दोबामाफी, गाजीपुर, समायन आदि पांच फीडरों की सप्लाई बंद हो गई।
विभागीय कर्मचारियों ने रात में ही पेट्रोलिंग की गई। इसके बाद सुबह करीब 9.18 बजे सप्लाई शुरु की जा सकी। वहीं सहार में सुबह छह बजे बिजली बहाल हो सकी। पुर्वा सुजान उपकेंद्र की सप्लाई रात भर बंद रही। (संवाद)
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बिजली गिरने से भैंस की मौत
कंचौसी। शुक्रवार रात आई तेज आंधी और बारिश ने नगर के ज्यादातर इलाकों की बिजली गुल हो गई। रात करीब 10 बजे शुरू हुई कटौती शनिवार दोपहर तक जारी रही।
बिजली कटौती से असेनी पावर हाउस से जुड़े नौगवा फीडर, बिहारीपुर उपकेंद्र, और कंचौसी उपकेंद्र से जुड़े नौगवा, अमरपुर, पुरवा महिपाल, हरतौली, मुरलीपुरवा, रोशनपुर, बिनपुरपुर, सहायपुर, कंचौसी गांव, जमौली, चंद्रपुर,चमरोआ, प्रसाद पुरवा, घसापुरवा, ढीकियापुर, कंचौसी नगर सहित 25 गांवों की बिजली आपूर्ति करीब 12 घंटे तक बाधित रही।
जेई सतीश जायसवाल ने बताया तेज आंधी से फॉल्ट होने से विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई थी। आपूर्ति को बहाल कर दिया गया। इसके अलावा क्षेत्र के ढिकियापुर गांव निवासी पशु पालक सत्यनारायण की भैंस घर के बाहर बंधी थी। इसी बीच बिजली भैंस पर गिर पड़ी। इससे मौके पर ही भैंस की मौत हो गई।
पीड़ित ने इसकी जानकारी तहसील प्रशासन को देते हुए क्षतिपूर्ति दिलाने की मांग की है। लेखपाल राज वर्मा ने बताया मौके का निरीक्षण कर रिपोर्ट बिधूना तहसील प्रशासन को दे दी गई है। (संवाद)
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आंधी और बारिश के कारण चपटा, कैथावा, अटसू और कुदरकोट फीडरों की बिजली पूरी तरह बाधित रही थी। टीमों को फॉल्ट ठीक करने में लगाया गया था। रात भर चले मरम्मत कार्य के बाद सुबह तीन फीडरों चपटा, कैथावा और अटसू की आपूर्ति बहाल कराई गई। हालांकि कुदरकोट फीडर में आई तकनीकी खराबी के कारण वहां सुबह करीब 11 बजे के बाद बिजली बहाल हुई।
- सुनील कुमार, अधीक्षण अभियंता विद्युत
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आंधी से कई स्थानों पर पेड़ टूटकर बिजली लाइनों पर गिर गए। वहीं कुछ स्थानों पर बिजली के खंभे भी टूट गए। इन लाइनों की मरम्मत शनिवार तड़के शुरू हो गई। 10 बजे के करीब बिजली बहाल होने का क्रम शुरू हुआ। शहर कस्बों से सटे क्षेत्रों में रात के समय ही मरम्मत हो जाने से बिजली बहाल हो गई। अजीतमल में तेज आंधी और बारिश के कारण कस्बा को असेनी से आने वाली लाइन में फॉल्ट हो गया।
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खराब मौसम के चलते रात करीब साढ़े नौ बजे उपकेंद्र अजीतमल को असेनी एवं देवकली 132 केवी स्टेशन से मिलने वाली बिजली सप्लाई बंद कर दी गई। बाद में असेनी से आने वाली 132 केवी लाइन में फॉल्ट आ गया। रात 1:10 बजे देवकली स्टेशन से विद्युत आपूर्ति बहाल हो सकी। देवकली से सप्लाई मिलने के बाद कस्बे के चारों फीडर तथा मुरादगंज फीडर चालू कर दिए गए लेकिन रमपुरा ग्रामीण, अनंतराम ग्रामीण, अयाना और कोल्ड स्टोर फीडर बंद रहे।
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इससे इन फीडरों से जुड़े लगभग 100 गांव पूरी रात अंधेरे में रहे। अवर अभियंता विजय कुमार के नेतृत्व में टीम ने असेनी लाइन की पेट्रोलिंग की। जांच के दौरान केंझरी के पास एक पेड़ लाइन पर गिरा मिला था। पेड़ को हटवाकर लाइन ठीक कराई गई। 10 बजे सभी फीडरों पर सप्लाई बहाल हो गई थी।
बेला में आंधी से टूटे बिजली के पांच खंभे
बेला। तेज आंधी और बारिश में अलग-अलग क्षेत्रों में पेड़ गिरने और तेज हवाओं के कारण कुल पांच बिजली खंभे क्षतिग्रस्त हो गए। इससे कई गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। विद्युत उपकेंद्र में तेज हवाओं के कारण नीम का पेड़ जड़ से उखड़कर बिजली लाइन पर गिर गया। इससे दो बिजली खंभे टूट गए और पूरे क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई।
घटना देर रात होने के कारण सड़क पर आवाजाही नहीं हो रही थी। ग्राम पंचायत गैली में रात करीब 11 बजे तेज आंधी के चलते मेन लाइन के तीन खंभे टूट गए। अवर अभियंता वीरेंद्र कुमार ने बताया कि आंधी से पांच खंभे टूटे थे। गिरे हुए पेड़ को हटा कर लाइन को ठीक कराया गया है। (संवाद)
बारिश से 20 गांवों की बिजली रही गुल
रुरुगंज। उपकेंद्र नेविलगंज अछल्दा से संचालित रुरुगंज फीडर की बिजली शुक्रवार रात आंधी के चलते बाधित हो गई। इससे क्षेत्र के करीब 20 गांवों में पूरी रात अंधेरा छाया रहा। रुरुगंज, पुरवा गुमानी, कुसमरा कटरा, कोठी, सराय महाजन, कछपुरा, बरके पुरवा, पंडपुर, नंदपुर, कुअरपुर, भुठा सहित आसपास के कई गांवों की बिजली गुल रही।
शनिवार सुबह लाइनमैनों ने जांच के दौरान कुसमरा गांव के जंगल क्षेत्र में विद्युत लाइन में फॉल्ट पाया। फॉल्ट को दुरुस्त करने के बाद शनिवार सुबह 10 बजे बिजली बहाल कराई। अवर अभियंता धीरेंद्र कुमार ने बताया कि कुछ जगह लाइन क्षतिग्रस्त हुई थी। जिसे ठीक कराया गया है। (संवाद)
दिबियापुर, सहार व एरवाकटरा में भी बिजली ठप
औरैया। रात में आई आंधी के बाद दिबियापुर के तीनों फीडरों की बिजली गुल हो गई। इससे करीब 15 हजार घरों की बिजली बाधित हो गई। दिबियापुर में तीन फीडर ककराही बाजार, भगवतीगंज, सैनिक नगर फीडर हैं।
रात 10 बजे ठप हुई बिजली शनिवार दोपहर दो बजे बहाल हो सकी। करीब 16 घंटे बिजली गुल रही। जेई अरुण वर्मा ने बताया कि करीब 2 बजे ककराही फीडर को चालू कराया गया था लेकिन अन्य फीडरों की लाइन सही करवाने के लिए शटडाउन लेकर साढ़े 4 बजे तक आपूर्ति चालू हुई।
इसी तरह एरवाकटरा में 11 घंटे बाद बिजली बहाल हो सकी। रात करीब 10:20 बजे आंधी के कारण एरवाकटरा विद्युत उपकेंद्र के उमरैन, एरवाकटरा, दोबामाफी, गाजीपुर, समायन आदि पांच फीडरों की सप्लाई बंद हो गई।
विभागीय कर्मचारियों ने रात में ही पेट्रोलिंग की गई। इसके बाद सुबह करीब 9.18 बजे सप्लाई शुरु की जा सकी। वहीं सहार में सुबह छह बजे बिजली बहाल हो सकी। पुर्वा सुजान उपकेंद्र की सप्लाई रात भर बंद रही। (संवाद)
बिजली गिरने से भैंस की मौत
कंचौसी। शुक्रवार रात आई तेज आंधी और बारिश ने नगर के ज्यादातर इलाकों की बिजली गुल हो गई। रात करीब 10 बजे शुरू हुई कटौती शनिवार दोपहर तक जारी रही।
बिजली कटौती से असेनी पावर हाउस से जुड़े नौगवा फीडर, बिहारीपुर उपकेंद्र, और कंचौसी उपकेंद्र से जुड़े नौगवा, अमरपुर, पुरवा महिपाल, हरतौली, मुरलीपुरवा, रोशनपुर, बिनपुरपुर, सहायपुर, कंचौसी गांव, जमौली, चंद्रपुर,चमरोआ, प्रसाद पुरवा, घसापुरवा, ढीकियापुर, कंचौसी नगर सहित 25 गांवों की बिजली आपूर्ति करीब 12 घंटे तक बाधित रही।
जेई सतीश जायसवाल ने बताया तेज आंधी से फॉल्ट होने से विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई थी। आपूर्ति को बहाल कर दिया गया। इसके अलावा क्षेत्र के ढिकियापुर गांव निवासी पशु पालक सत्यनारायण की भैंस घर के बाहर बंधी थी। इसी बीच बिजली भैंस पर गिर पड़ी। इससे मौके पर ही भैंस की मौत हो गई।
पीड़ित ने इसकी जानकारी तहसील प्रशासन को देते हुए क्षतिपूर्ति दिलाने की मांग की है। लेखपाल राज वर्मा ने बताया मौके का निरीक्षण कर रिपोर्ट बिधूना तहसील प्रशासन को दे दी गई है। (संवाद)
आंधी और बारिश के कारण चपटा, कैथावा, अटसू और कुदरकोट फीडरों की बिजली पूरी तरह बाधित रही थी। टीमों को फॉल्ट ठीक करने में लगाया गया था। रात भर चले मरम्मत कार्य के बाद सुबह तीन फीडरों चपटा, कैथावा और अटसू की आपूर्ति बहाल कराई गई। हालांकि कुदरकोट फीडर में आई तकनीकी खराबी के कारण वहां सुबह करीब 11 बजे के बाद बिजली बहाल हुई।
- सुनील कुमार, अधीक्षण अभियंता विद्युत

फोटो -31- सड़क पर टूटा पड़ा पोल। संवाद

फोटो -31- सड़क पर टूटा पड़ा पोल। संवाद