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Auraiya News: 12 करोड़ के मलहम से भरे जाएंगे 38 किमी. के जख्म
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औरैया। जिले में निर्माण विभाग की अनदेखी की मार झेल रही जर्जर सड़कों को सुध अब ली गई है। पीडब्ल्यूडी की ओर से जर्जर सड़कों के कराए गए सर्वे के बाद भेजे गए प्रस्ताव को शासन स्तर से मंजूरी मिल गई है। जिले में 12 करोड़ की लागत से गड्ढों में तब्दील 38 किलोमीटर सड़क को दुरुस्त किया जाएगा।
जिले में पिछले दो सालों से कुछ मार्गों की हालत बहुत की जर्जर हालत में है। यहां पर वाहनों का आवागमन काफी हद तक जोखिमभरा है। गड्ढों में तब्दील सड़कों के बीच आए दिन लोग सड़क हादसों का शिकार भी होते हैं। गड्ढों में हिचकोले मारते हुए वाहनों का सफर लोगों को कमर दर्द की भी समस्या दे रहा है। इस सब के बीच पीडब्ल्यूडी ने इन सड़कों की सुध ली है। नवंबर माह में कराए गए सर्वे में निर्माण खंड व प्रांतीय खंड ने जर्जर सड़कों को चिह्नित किया। निर्माण खंड में 16.5 किलोमीटर सड़कें जर्जर चुनी गईं। वहीं, प्रांतीय खंड में 22 किलोमीटर सड़कें जर्जर पाई गई हैं। दोनों सर्वे के बाद शासन को 38 किलोमीटर सड़कों को बनाने का प्रस्ताव भेजा गया। इसे शासन स्तर से मंजूर कर दिया है। 12.36 करोड़ से इन सड़कों को बेहतर बनाया जाएगा। इन सड़कों की हालत बहुत ही दयनीय है। स्थानीय लोगों की ओर से लगातार इन सड़कों को दुरुस्त कराने की मांग की जाती रही है।
दिबियापुर से सटे घेरा, कैंझरी व जमुहां में छह हजार से ज्यादा आबादी रहती है। यहां जाने वाले मुख्य मार्ग की हालत बहुत खराब है। जलभराव के बीच ये सड़क गड्ढों में तब्दील है। लोगों का आवागमन खतरे के बीच हो रहा है। स्थानीय लोगों की मांग पर पिछले दिनों पीडब्ल्यूडी की ओर से इस सड़क का सर्वे किया गया था।
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पाता रामगढ़ मार्ग की हालत जर्जर है। इस मार्ग पर एक दर्जन गांव के साथ ही पाता पेट्रो केमिकल्स है। वहां के लिए रात दिन कामगारों का आना जाना रहता है। जर्जर सड़क के चलते बड़ी संख्या में आबादी संकट झेल रही है।
रामगढ़ में दिबियापुर रोड से बंबा से पुर्वा भूपत तक जाने वाली सड़क जर्जर हालत में है। 25 साल पहले यह सड़क बनी थी। मरम्मत के अभाव में ये सड़क दिनों दिन जर्जर होती गई। यहां पर लोगों को बारिश के दिनों में आवागमन में संकट का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों की ओर से लगातार इस सड़क को बेहतर बनाने की मांग की जाती रही है।
जिले में 38 किलोमीटर जर्जर सड़कों को चिह्नित किया गया है। इन्हें 12.36 करोड़ से बेहतर किया जाएगा। इसे लेकर शासन स्तर से मंजूरी मिल गई है। जल्द ही टेंडर प्रक्रिया कराते हुए काम शुरू कराए जाएंगे। -अमर सिंह, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी
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जिले में पिछले दो सालों से कुछ मार्गों की हालत बहुत की जर्जर हालत में है। यहां पर वाहनों का आवागमन काफी हद तक जोखिमभरा है। गड्ढों में तब्दील सड़कों के बीच आए दिन लोग सड़क हादसों का शिकार भी होते हैं। गड्ढों में हिचकोले मारते हुए वाहनों का सफर लोगों को कमर दर्द की भी समस्या दे रहा है। इस सब के बीच पीडब्ल्यूडी ने इन सड़कों की सुध ली है। नवंबर माह में कराए गए सर्वे में निर्माण खंड व प्रांतीय खंड ने जर्जर सड़कों को चिह्नित किया। निर्माण खंड में 16.5 किलोमीटर सड़कें जर्जर चुनी गईं। वहीं, प्रांतीय खंड में 22 किलोमीटर सड़कें जर्जर पाई गई हैं। दोनों सर्वे के बाद शासन को 38 किलोमीटर सड़कों को बनाने का प्रस्ताव भेजा गया। इसे शासन स्तर से मंजूर कर दिया है। 12.36 करोड़ से इन सड़कों को बेहतर बनाया जाएगा। इन सड़कों की हालत बहुत ही दयनीय है। स्थानीय लोगों की ओर से लगातार इन सड़कों को दुरुस्त कराने की मांग की जाती रही है।
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दिबियापुर से सटे घेरा, कैंझरी व जमुहां में छह हजार से ज्यादा आबादी रहती है। यहां जाने वाले मुख्य मार्ग की हालत बहुत खराब है। जलभराव के बीच ये सड़क गड्ढों में तब्दील है। लोगों का आवागमन खतरे के बीच हो रहा है। स्थानीय लोगों की मांग पर पिछले दिनों पीडब्ल्यूडी की ओर से इस सड़क का सर्वे किया गया था।
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पाता रामगढ़ मार्ग की हालत जर्जर है। इस मार्ग पर एक दर्जन गांव के साथ ही पाता पेट्रो केमिकल्स है। वहां के लिए रात दिन कामगारों का आना जाना रहता है। जर्जर सड़क के चलते बड़ी संख्या में आबादी संकट झेल रही है।
रामगढ़ में दिबियापुर रोड से बंबा से पुर्वा भूपत तक जाने वाली सड़क जर्जर हालत में है। 25 साल पहले यह सड़क बनी थी। मरम्मत के अभाव में ये सड़क दिनों दिन जर्जर होती गई। यहां पर लोगों को बारिश के दिनों में आवागमन में संकट का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों की ओर से लगातार इस सड़क को बेहतर बनाने की मांग की जाती रही है।
जिले में 38 किलोमीटर जर्जर सड़कों को चिह्नित किया गया है। इन्हें 12.36 करोड़ से बेहतर किया जाएगा। इसे लेकर शासन स्तर से मंजूरी मिल गई है। जल्द ही टेंडर प्रक्रिया कराते हुए काम शुरू कराए जाएंगे। -अमर सिंह, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी