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इमरजेंसी का मेन रोड वाला गेट किया बंद
Updated Fri, 07 Dec 2018 12:34 AM IST
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उरई। जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक में जिला चिकित्सालय की इमरजेंसी (ट्रामा सेंटर) के मेन रोड पर बना गेट बंद करने के निर्देश मिले थे। फिर सीएमओ ने इसका निरीक्षण किया था और सीएमएस को गेेट को बंद करने के निर्देश दिए थे। गुरुवार को इमरजेंसी के गेट पर ताला डालकर बंद कर दिया गया। गेट पर कोई सूचना न होने से मरीज व तीमारदार परेशान रहे।
अगस्त में एमएलसी यज्ञदत्त त्रिपाठी के प्रतिनिधि भगवानदास, परिवहन मंत्री स्वतंत्रदेव के प्रतिनिधि अरविंद चौहान के साथ सीएमओ अल्पना बरतारिया ने इमरजेंसी के गेट का निरीक्षण किया था। इसके बाद विचार विमर्श पर निगरानी समिति के सदस्यों की सहमति पर मेन रोड पर खुलने वाले इमरजेंसी (ट्रामा) सेंटर में खुलने वाले गेट को बंद करने पर सहमति बनी थी।
इस पर सीएमओ ने जिला अस्पताल के सीएमएस को पत्र भेजकर निर्देशित किया था। गुरुवार को इमरजेंसी के मेन रोड का बना गेट बंद कर दिया गया और अंदर से गेट शुरू कर दिया गया है। इमरजेंसी पहुंचने वाले मरीज अब जिला अस्पताल के अंदर बने गेट से इमरजेंसी पहुंचेंगे।
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सीएमओ अल्पना बरतारिया ने बताया कि तीन माह पहले इस गेट को बंद करने की सहमति बनी थी। तब से गेट बदलने के लिए तैयारियां की जा रही थी। तैयारियां पूरी होते ही गुरुवार को गेट बंद करवा दिया। न्यामतपुर के डढ़वा गांव निवासी दशरथ सिंह जिला अस्पताल इलाज कराने आए थे। इमरजेंसी के मेन गेट पर ताला पड़ा होने से वह काफी देर बैठकर इंतजार करते रहे।
इसके बाद जानकारी की तो पता चला कि अब अस्पताल परिसर के अंदर से इमरजेंसी पहुंचना पड़ेगा। कहा कि अगर गेट बंद किया गया है तो बंद करने का सूचना बोर्ड लगना चाहिए जिससे बाहर से आने वाले मरीजों को भटकना न पड़े। शहर के पटेल नगर निवासी लल्लाबाबू का कहना है कि मेन रोड पर इमरजेंसी का गेट होने से इमरजेंसी मरीजों को इमरजेंसी पहुंचने में काफी सुविधा थी। यह गेट बंद होने से इमरजेंसी मरीजों को पहुंचने में दिक्कत होगी।
डा. विवेक तिवारी का कहना है कि मेन रोड पर इमरजेंसी का गेट होने से अराजकतत्व अक्सर हंगामा करते थे और मेन रोड होने के कारण भाग जाते थे। अंदर से गेट हो जाने से अब अराजकतत्वों का आना जाना कम होगा और अराजकता पर रोक लगेगी। जिससे मरीज व तीमारदार सुरक्षित रहेंगे।
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अगस्त में एमएलसी यज्ञदत्त त्रिपाठी के प्रतिनिधि भगवानदास, परिवहन मंत्री स्वतंत्रदेव के प्रतिनिधि अरविंद चौहान के साथ सीएमओ अल्पना बरतारिया ने इमरजेंसी के गेट का निरीक्षण किया था। इसके बाद विचार विमर्श पर निगरानी समिति के सदस्यों की सहमति पर मेन रोड पर खुलने वाले इमरजेंसी (ट्रामा) सेंटर में खुलने वाले गेट को बंद करने पर सहमति बनी थी।
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इस पर सीएमओ ने जिला अस्पताल के सीएमएस को पत्र भेजकर निर्देशित किया था। गुरुवार को इमरजेंसी के मेन रोड का बना गेट बंद कर दिया गया और अंदर से गेट शुरू कर दिया गया है। इमरजेंसी पहुंचने वाले मरीज अब जिला अस्पताल के अंदर बने गेट से इमरजेंसी पहुंचेंगे।
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सीएमओ अल्पना बरतारिया ने बताया कि तीन माह पहले इस गेट को बंद करने की सहमति बनी थी। तब से गेट बदलने के लिए तैयारियां की जा रही थी। तैयारियां पूरी होते ही गुरुवार को गेट बंद करवा दिया। न्यामतपुर के डढ़वा गांव निवासी दशरथ सिंह जिला अस्पताल इलाज कराने आए थे। इमरजेंसी के मेन गेट पर ताला पड़ा होने से वह काफी देर बैठकर इंतजार करते रहे।
इसके बाद जानकारी की तो पता चला कि अब अस्पताल परिसर के अंदर से इमरजेंसी पहुंचना पड़ेगा। कहा कि अगर गेट बंद किया गया है तो बंद करने का सूचना बोर्ड लगना चाहिए जिससे बाहर से आने वाले मरीजों को भटकना न पड़े। शहर के पटेल नगर निवासी लल्लाबाबू का कहना है कि मेन रोड पर इमरजेंसी का गेट होने से इमरजेंसी मरीजों को इमरजेंसी पहुंचने में काफी सुविधा थी। यह गेट बंद होने से इमरजेंसी मरीजों को पहुंचने में दिक्कत होगी।
डा. विवेक तिवारी का कहना है कि मेन रोड पर इमरजेंसी का गेट होने से अराजकतत्व अक्सर हंगामा करते थे और मेन रोड होने के कारण भाग जाते थे। अंदर से गेट हो जाने से अब अराजकतत्वों का आना जाना कम होगा और अराजकता पर रोक लगेगी। जिससे मरीज व तीमारदार सुरक्षित रहेंगे।