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30 फीट तक धसी सड़क, मस्जिद व मकान की दीवारों में दरारें

Sun, 16 Feb 2020 10:12 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 16 Feb 2020 10:12 PM IST
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30 feet road sunk in auraiya
बीच सड़क में 30 फीट तक धसी सड़क का नजारा - फोटो : AURAIYA
औरैया। गांव कुदरकोट में रविवार की सुबह सड़क लगभग 30 फीट तक धंस गई। सड़क धंसने से आसपास के पांच मकानों के अलावा मस्जिद व इमाम चौक की दीवार में दरारें आ गई हैं। इससे आक्रोशित इलाकाई लोगों ने जाम लगाकर प्रदर्शन किया और जल निगम के अधिकारियों के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। जाम की सूचना मिलने पर पहुंचे एसडीएम बिधूना और सीओ बिधूना ने भीड़ को समझाबुझा कर शांत कराया। साथ ही जल निगम के अधिशासी अधिकारी से मामले की जांच कराने को कहा। वहीं, आक्रोशित लोगों ने लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए मुआवजा की मांग की है।
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गांव कुदरकोट में पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए जल निगम की ओर से पानी की टंकी का निर्माण कराने के साथ ही सड़कों पर पाइप लाइन बिछाई गई थी। रविवार की सुबह मस्जिद के पास नाथूराम चौधरी के मकान के सामने अचानक 30 फीट सड़क धंस गई। सड़क धंसते ही वहां अफरातफरी मच गई। आसपास के मकानों की दीवारों में दरारें आने से दीवार हिलती महसूस होने पर लोग घरों से निकल कर बाहर आ गए। सड़क धंसने से मस्जिद और इमाम चौक के अलावा नाथूराम, मुलायम सिंह, मु. असलम, नसीम खां, जयविंद कुमार के मकानों की दीवारों में दरारें आ गई हैं और चबूतरा धसक गया। इससे लोगों का गुस्सा भड़क उठा। आक्रोशित लोगों ने सड़क के दोनों ओर बेरीकेडिंग लगाकर जाम लगा दिया। इस बीच जल निगम के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए खूब खरी खोटी सुनाई।
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जाम की सूचना मिलते ही एसडीएम रमापति और क्षेत्राधिकारी बिधूना मुकेश प्रताप सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। आक्रोशित ग्रामीणों ने बताया कि पाइप लाइन बिछाने में अनियमितता की गई। पहले जल निगम के अधिकारियों ने उनकी बात को नहीं सुना और लीकेज पाइप लाइन के चलते पानी भरने से सड़क धंस गई। इससे उनके मकानों को नुकसान पहुंचा है। एसडीएम ने आक्रोशित भीड़ को समझाबुझा कर शांत कराया। जल निगम के अधिशासी अधिकारी को पत्र लिखकर इसकी जांच कराने और दोषी के खिलाफ कार्रवाई की बात कही।
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उधर, जल निगम के प्रभारी अधिशासी अभियंता जगदीश बाबू ने बताया कि दो साल पहले पानी की टंकी को ग्राम पंचायत को हस्तांतरित की गई थी। ग्राम पंचायत ने इसका रखरखाव ठीक से नहीं किया। इस मामले की जांच के लिए सोमवार को संबंधित जेई को भेजा जाएगा। जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
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