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औरैया में प्रवासी मजदूरों का हादसा, 26 की मौत-35 घायल
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औरैया में प्रवासी मजदूरों का हादसा, 26 की मौत-35 घायल
औरैया। इटावा-कानपुर हाईवे पर शनिवार भोर में करीब तीन बजे हुए भीषण सड़क हादसे में 26 मजदूरों की मौत हो गई। 35 मजदूर घायल हैं। ये सभी मजदूर लॉकडाउन में रोजगार गंवाने के बाद घर वापसी की कोशिश में थे। भीषण हादसे की जानकारी पर शासन ने दो थानेदारों के निलंबन के निर्देश दिए हैं।
हादसा चिरुहुली गांव के समीप मिहोली में एक ढाबे के करीब हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि चूने की बोरियों से भरे ट्रॉला में लगभग 70 मजदूर बोरियों पर बैठे थे। यह ट्राला चूना लेकर राजस्थान से पश्चिम बंगाल जा रहा था। चालक ढाबे के करीब ट्राला रोकना चाहता था लेकिन ढाबे पर पहले से खड़ी डीसीएम के पिछले हिस्से में जा टकराया। रफ्तार ज्यादा तेज होने के कारण डीसीएम को टक्कर मारने के बाद ट्राला आगे बढ़कर खड्ड में जा पलटा। डीसीएम बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। उसमें सवार 22 में से कई मजदूर घायल हो गए। खड्ड में पलटे ट्राला में सवार मजदूर चूने की बोरियों के ढेर में बुरी तरह दबकर छटपटाने लगे। मजदूरों की चीख-पुकार सुन ढाबे वालों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ट्राला और बोरियों से दबे मजदूरों के हालात देख कुछ देर असहाय बनी रही। जेसीबी मशीन और क्रेन पहुंचने पर मजदूरों को निकालने का सिलसिला शुरू हुआ। तब तक 25 मजदूर दम तोड़ चुके थे। कई एंबुलेंस से घायलों को जिला अस्पताल भेजा गया। इनमें से चार को अस्पताल में भर्ती करने के अलावा 32 गंभीर बताते हुए सैफई चिकित्सा विश्वविद्यालय भेज दिए गए। सैफई में एक घायल ने और दम तोड़ दिया।
मजदूरों ने बताया कि लॉकडाउन में रोजगार छिन जाने के बाद घर वापसी की कोशिश में थे। विशेष बसों और ट्रेनों की जानकारी न होने से गाजियाबाद से सागर (मध्यप्रदेश) के लिए 30 हजार रुपये में डीसीएम बुक करके 22 मजदूर सवार हुए थे। ट्राला में सवार 70 मजदूरों में से किसी से 500 तो किसी से 800 रुपये चालक ने लिए थे। मजदूरों का कहना है कि हादसे से बचे कुछ लोग पैदल ही आगे बढ़ गए।
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कमिश्नर, आईजी मौके पर
औरैया। हादसे की जानकारी मिलते ही डीएम अभिषेक सिंह, एसपी सुनीति, अपर पुलिस अधीक्षक कमलेश कुमार दीक्षित, सीओ सिटी सुरेंद्रनाथ राय मौके पर पहुंचे। कुछ देर बाद ही कानपुर के कमिश्नर सुधीर एम बोबडे, आईजी मोहित अग्रवाल भी मौके पर पहुंच गए। औरैया में कई कोरोना केस मिलने पर इन दोनों अफसरों को जिले का नोडल अधिकारी भी बनाया गया है। एडीजी पुलिस जयनरायन सिंह ने भी मौके से लेकर जिला अस्पताल तक के हालात जाने। अफसरों ने सैफई में भर्ती घायलों का हाल भी पूछा।
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थानेदारों के निलंबन की जिले पर नहीं जानकारी
औरैया। भीषण हादसे में मजदूरों की मौत के बाद शासन ने दो थानेदारों के निलंबन के निर्देश दिए हैं। औरैया की एसपी एसपी सुनीति ने बताया कि उन्हें शासन की ओर से निर्देश नहीं मिला है। स्पष्ट किया जाएगा कि किन थानों के प्रभारियों पर कार्रवाई की जानी है।
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कमिश्नर, आईजी को जांच
औरैया। मजदूरों की भीषण हादसे में मौत के मामले की जांच शासन से कानपुर के कमिश्नर सुधीर एम बोबडे, आईजी मोहित अग्रवाल को सौंपी गई है। कोरोना मामले बढ़ने के बाद इन दोनों अफसरों को औरैया का नोडल अधिकारी बनाया गया था।
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सीएम ने किया दो-दो लाख का एलान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपये मुआवजे का एलान किया है। सीएम के ट्वीट पर संवेदना जताने के साथ मदद का एलान किया गया है।
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सपा से एक-एक लाख की मदद
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ट्वीट पर हादसे के मृतक के परिजनों को समाजवादी पार्टी द्वारा एक लाख रुपये की मदद की बात लिखी है। प्रवासी मजदूरों की मौत पर दुख जताने के साथ ऐसे मामलों को हादसे नहीं, हत्या बताया है। लिखा है, नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए निष्ठुर भाजपा सरकार भी प्रति मृतक 10 लाख रुपये राशि दे।
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पूर्व सीएम मायावती ने उठाए सवाल
पूर्व सीएम एवं बसपा सुप्रीमो मायावती ने पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए लिखा कि मुख्यमंत्री ने यूपी में आने वाले मजदूरों के भोजन, आने-जाने और ठहरने के उचित व्यवस्था के अधिकारियों को निर्देश दिए थे। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अधिकारियों ने सीएम के निर्देश को गंभीरता से नहीं लिया। जिसके चलते हादसा हुआ।
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औरैया। इटावा-कानपुर हाईवे पर शनिवार भोर में करीब तीन बजे हुए भीषण सड़क हादसे में 26 मजदूरों की मौत हो गई। 35 मजदूर घायल हैं। ये सभी मजदूर लॉकडाउन में रोजगार गंवाने के बाद घर वापसी की कोशिश में थे। भीषण हादसे की जानकारी पर शासन ने दो थानेदारों के निलंबन के निर्देश दिए हैं।
हादसा चिरुहुली गांव के समीप मिहोली में एक ढाबे के करीब हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि चूने की बोरियों से भरे ट्रॉला में लगभग 70 मजदूर बोरियों पर बैठे थे। यह ट्राला चूना लेकर राजस्थान से पश्चिम बंगाल जा रहा था। चालक ढाबे के करीब ट्राला रोकना चाहता था लेकिन ढाबे पर पहले से खड़ी डीसीएम के पिछले हिस्से में जा टकराया। रफ्तार ज्यादा तेज होने के कारण डीसीएम को टक्कर मारने के बाद ट्राला आगे बढ़कर खड्ड में जा पलटा। डीसीएम बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। उसमें सवार 22 में से कई मजदूर घायल हो गए। खड्ड में पलटे ट्राला में सवार मजदूर चूने की बोरियों के ढेर में बुरी तरह दबकर छटपटाने लगे। मजदूरों की चीख-पुकार सुन ढाबे वालों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ट्राला और बोरियों से दबे मजदूरों के हालात देख कुछ देर असहाय बनी रही। जेसीबी मशीन और क्रेन पहुंचने पर मजदूरों को निकालने का सिलसिला शुरू हुआ। तब तक 25 मजदूर दम तोड़ चुके थे। कई एंबुलेंस से घायलों को जिला अस्पताल भेजा गया। इनमें से चार को अस्पताल में भर्ती करने के अलावा 32 गंभीर बताते हुए सैफई चिकित्सा विश्वविद्यालय भेज दिए गए। सैफई में एक घायल ने और दम तोड़ दिया।
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मजदूरों ने बताया कि लॉकडाउन में रोजगार छिन जाने के बाद घर वापसी की कोशिश में थे। विशेष बसों और ट्रेनों की जानकारी न होने से गाजियाबाद से सागर (मध्यप्रदेश) के लिए 30 हजार रुपये में डीसीएम बुक करके 22 मजदूर सवार हुए थे। ट्राला में सवार 70 मजदूरों में से किसी से 500 तो किसी से 800 रुपये चालक ने लिए थे। मजदूरों का कहना है कि हादसे से बचे कुछ लोग पैदल ही आगे बढ़ गए।
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कमिश्नर, आईजी मौके पर
औरैया। हादसे की जानकारी मिलते ही डीएम अभिषेक सिंह, एसपी सुनीति, अपर पुलिस अधीक्षक कमलेश कुमार दीक्षित, सीओ सिटी सुरेंद्रनाथ राय मौके पर पहुंचे। कुछ देर बाद ही कानपुर के कमिश्नर सुधीर एम बोबडे, आईजी मोहित अग्रवाल भी मौके पर पहुंच गए। औरैया में कई कोरोना केस मिलने पर इन दोनों अफसरों को जिले का नोडल अधिकारी भी बनाया गया है। एडीजी पुलिस जयनरायन सिंह ने भी मौके से लेकर जिला अस्पताल तक के हालात जाने। अफसरों ने सैफई में भर्ती घायलों का हाल भी पूछा।
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थानेदारों के निलंबन की जिले पर नहीं जानकारी
औरैया। भीषण हादसे में मजदूरों की मौत के बाद शासन ने दो थानेदारों के निलंबन के निर्देश दिए हैं। औरैया की एसपी एसपी सुनीति ने बताया कि उन्हें शासन की ओर से निर्देश नहीं मिला है। स्पष्ट किया जाएगा कि किन थानों के प्रभारियों पर कार्रवाई की जानी है।
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कमिश्नर, आईजी को जांच
औरैया। मजदूरों की भीषण हादसे में मौत के मामले की जांच शासन से कानपुर के कमिश्नर सुधीर एम बोबडे, आईजी मोहित अग्रवाल को सौंपी गई है। कोरोना मामले बढ़ने के बाद इन दोनों अफसरों को औरैया का नोडल अधिकारी बनाया गया था।
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सीएम ने किया दो-दो लाख का एलान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपये मुआवजे का एलान किया है। सीएम के ट्वीट पर संवेदना जताने के साथ मदद का एलान किया गया है।
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सपा से एक-एक लाख की मदद
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ट्वीट पर हादसे के मृतक के परिजनों को समाजवादी पार्टी द्वारा एक लाख रुपये की मदद की बात लिखी है। प्रवासी मजदूरों की मौत पर दुख जताने के साथ ऐसे मामलों को हादसे नहीं, हत्या बताया है। लिखा है, नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए निष्ठुर भाजपा सरकार भी प्रति मृतक 10 लाख रुपये राशि दे।
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पूर्व सीएम मायावती ने उठाए सवाल
पूर्व सीएम एवं बसपा सुप्रीमो मायावती ने पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए लिखा कि मुख्यमंत्री ने यूपी में आने वाले मजदूरों के भोजन, आने-जाने और ठहरने के उचित व्यवस्था के अधिकारियों को निर्देश दिए थे। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अधिकारियों ने सीएम के निर्देश को गंभीरता से नहीं लिया। जिसके चलते हादसा हुआ।
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