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मुड़िया मेले में गईं 25 बसें, यात्री हुए बेबस
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औरैया। मथुरा के गोवर्धन में आयोजित मुड़िया मेले में रोडवेज की 25 बसों के जाने से यात्रियों की मुसीबत बढ़ गई है। मंगलवार को आगरा-कानपुर रूट पर आवागमन में यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। एक-एक घंटे तक इंतजार करने के बाद लोगों को कानपुर व आगरा जाने के लिए रोडवेज बस मिली।
कोरोना महामारी के कारण मुड़िया मेला दो साल बाद हो रहा है। इससे श्रद्धालुओं की भीड़ अधिक होने की संभावना है। इसे देखते हुए इटावा रीजन के आठ डिपो से 150 बसें मेले में भेजी गई हैं। श्रद्धालुओं को लाने व छोड़ने की जिम्मेदारी उप्र परिवहन निगम की है। इसी के चलते औरैया डिपो से 25 रोडवेज बसों की मांग की गई थी। डिपो से 11 जुलाई को 25 बसों के मेले में चले जाने पर यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मंगलवार को सुभाष चौराहा, देवकली चौराहा व जालौन चौराहा पर रोडवेज बसों के लिए लोगों को घंटे-घंटे भर इंतजार करना पड़ा। जो बसें आईं वह पहले से ही भरी हुई थीं। कुछ यात्रियों को तो खड़े होकर भी सफर तय करना पड़ा। इन सबमें सबसे अधिक परेशानी महिलाओं व बच्चों को हुई। एआरएम आरएस चौधरी ने बताया कि डिपो में 43 बसें मौजूद हैं, जिनका संचालन किया जा रहा है।
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कोरोना महामारी के कारण मुड़िया मेला दो साल बाद हो रहा है। इससे श्रद्धालुओं की भीड़ अधिक होने की संभावना है। इसे देखते हुए इटावा रीजन के आठ डिपो से 150 बसें मेले में भेजी गई हैं। श्रद्धालुओं को लाने व छोड़ने की जिम्मेदारी उप्र परिवहन निगम की है। इसी के चलते औरैया डिपो से 25 रोडवेज बसों की मांग की गई थी। डिपो से 11 जुलाई को 25 बसों के मेले में चले जाने पर यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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मंगलवार को सुभाष चौराहा, देवकली चौराहा व जालौन चौराहा पर रोडवेज बसों के लिए लोगों को घंटे-घंटे भर इंतजार करना पड़ा। जो बसें आईं वह पहले से ही भरी हुई थीं। कुछ यात्रियों को तो खड़े होकर भी सफर तय करना पड़ा। इन सबमें सबसे अधिक परेशानी महिलाओं व बच्चों को हुई। एआरएम आरएस चौधरी ने बताया कि डिपो में 43 बसें मौजूद हैं, जिनका संचालन किया जा रहा है।
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