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कागजों में 24 घंटे, पर होती सिर्फ 16 घंटे बिजली आपूर्ति
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औरैया। बिजली विभाग की ओर से सदर डिवीजन में अधिकारी भोर से लेकर शाम तक चेकिंग अभियान चलाए जाने के बाद भी लाइन लॉस को कम करने में नाकाम साबित हो रहे हैं। साथ ही बकाया पड़े करोड़ों रुपये भी वसूलने में काफी पीछे हैं। जिससे विभाग को नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं हर माह बिल अदा करने के बाद भी उपभोक्ताओं को कटौती का दंश झेलना पड़ रहा है।
सदर डिवीजन में बिजली विभाग के अधिकारियों द्वारा प्रतिदिन मॉर्निंग चेकिंग अभियान में 15 से 20 लोगों पर कार्रवाई कर जुर्माना वसूला जा रहा है। बावजूद इसके अधिकारी लाइन लॉस कम करने में नाकाम हैं। जिससे बिजली विभाग को हर माह लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। अहम बात यह है कि अधिकारियों की ओर से चेकिंग अभियान के दौरान बिजली आपूर्ति बंद करा दी जाती है।
जिससे हर माह बिल देने वाले उपभोक्ताओं को इस भीषण गर्मी में कटौती का दंश झेलना पड़ रहा है। शहरी क्षेत्र में निर्धारित रोस्टर के अनुसार 24 घंटे बिजली आपूर्ति और ग्रामीण क्षेत्र में 18 घंटे बिजली आपूर्ति दिए जाने का रोस्टर है। जबकि हकीकत में शहरी क्षेत्र में अघोषित कटौती के चलते महज 16 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों को महज 8-10 घंटे ही आपूर्ति मिल पा रही है। इसके बावजूद वर्तमान में चल रहे लाइन लॉस के 16.32 प्रतिशत के स्तर को विभागीय अधिकारी कम कर पाने में नाकाम साबित हो रहे हैं।
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करोड़ों बकाया वसूलने में अधिकारी नाकाम
सदर बिजली डिवीजन में 85199 उपभोक्ता हैं। इसमें शहरी क्षेत्र के घरेलू 22150, ग्रामीणांचल के घरेलू 54523, कामर्शियल शहरी 3416, ग्रामीण कामर्शियल के 225 के अलावा ट्यूबवेल के 3466 उपभोक्ता, बीपीएल कार्ड धारक 475 उपभोक्ता शामिल हैं। जिन पर विभाग का एक अरब 23 करोड़ पांच लाख 733 रुपये बिजली बिल का बकाया है।
यह हैं सदर डिवीजन के सब डिवीजन केंद्र
सदर बिजली डिवीजन में चार सब डिवीजन केंद्र हैं। जिसमें औरैया शहर, ग्रामीणांचल, भगौतीपुर व अजीतमल शामिल है। इसके साथ ही सदर डिवीजन में 13 बिजली केंद्र के 50 फीडर शामिल हैं।
लाइन लॉस को कम करने के लिए लगातार बिजली विभाग की टीमें छापेमारी कर रही हैं। पहले की तुलना में कुछ सुधार हुआ है। उम्मीद है आगे और सुधार होगा। बकाया वसूली के लिए भी शहर में आए दिन शिविर लगाकर वसूली अभियान चलाया जाता है। जल्द ही फिर अभियान चलाकर बकाया वसूली के स्तर को बढ़ाया जाएगा। -लेखराज सिंह, अधिशासी अभियंता, सदर बिजली डिवीजन, औरैया।
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सदर डिवीजन में बिजली विभाग के अधिकारियों द्वारा प्रतिदिन मॉर्निंग चेकिंग अभियान में 15 से 20 लोगों पर कार्रवाई कर जुर्माना वसूला जा रहा है। बावजूद इसके अधिकारी लाइन लॉस कम करने में नाकाम हैं। जिससे बिजली विभाग को हर माह लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। अहम बात यह है कि अधिकारियों की ओर से चेकिंग अभियान के दौरान बिजली आपूर्ति बंद करा दी जाती है।
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जिससे हर माह बिल देने वाले उपभोक्ताओं को इस भीषण गर्मी में कटौती का दंश झेलना पड़ रहा है। शहरी क्षेत्र में निर्धारित रोस्टर के अनुसार 24 घंटे बिजली आपूर्ति और ग्रामीण क्षेत्र में 18 घंटे बिजली आपूर्ति दिए जाने का रोस्टर है। जबकि हकीकत में शहरी क्षेत्र में अघोषित कटौती के चलते महज 16 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों को महज 8-10 घंटे ही आपूर्ति मिल पा रही है। इसके बावजूद वर्तमान में चल रहे लाइन लॉस के 16.32 प्रतिशत के स्तर को विभागीय अधिकारी कम कर पाने में नाकाम साबित हो रहे हैं।
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करोड़ों बकाया वसूलने में अधिकारी नाकाम
सदर बिजली डिवीजन में 85199 उपभोक्ता हैं। इसमें शहरी क्षेत्र के घरेलू 22150, ग्रामीणांचल के घरेलू 54523, कामर्शियल शहरी 3416, ग्रामीण कामर्शियल के 225 के अलावा ट्यूबवेल के 3466 उपभोक्ता, बीपीएल कार्ड धारक 475 उपभोक्ता शामिल हैं। जिन पर विभाग का एक अरब 23 करोड़ पांच लाख 733 रुपये बिजली बिल का बकाया है।
यह हैं सदर डिवीजन के सब डिवीजन केंद्र
सदर बिजली डिवीजन में चार सब डिवीजन केंद्र हैं। जिसमें औरैया शहर, ग्रामीणांचल, भगौतीपुर व अजीतमल शामिल है। इसके साथ ही सदर डिवीजन में 13 बिजली केंद्र के 50 फीडर शामिल हैं।
लाइन लॉस को कम करने के लिए लगातार बिजली विभाग की टीमें छापेमारी कर रही हैं। पहले की तुलना में कुछ सुधार हुआ है। उम्मीद है आगे और सुधार होगा। बकाया वसूली के लिए भी शहर में आए दिन शिविर लगाकर वसूली अभियान चलाया जाता है। जल्द ही फिर अभियान चलाकर बकाया वसूली के स्तर को बढ़ाया जाएगा। -लेखराज सिंह, अधिशासी अभियंता, सदर बिजली डिवीजन, औरैया।