फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Auraiya News ›   गठबंधन प्रत्याशी कमलेश मैदान में, भाजपा से विधायक व सांसद ने की दावेदारी

गठबंधन प्रत्याशी कमलेश मैदान में, भाजपा से विधायक व सांसद ने की दावेदारी

Fri, 15 Mar 2019 12:06 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 15 Mar 2019 12:06 AM IST
विज्ञापन
गठबंधन प्रत्याशी कमलेश मैदान में, भाजपा से विधायक व सांसद ने की दावेदारी
गठबंधन प्रत्याशी कमलेश मैदान में, भाजपा से विधायक व सांसद ने की दावेदारी
विज्ञापन

औरैया। जनपद इटावा, देश में मुलायम के गृह जनपद के रूप में पहचान रखता है। सपा का गढ़ कहलाए जाने वाले इटावा की लोकसभा सीट पर हर दलों के नेताओं की निगाह रहती है। मोदी लहर में पिछले लोकसभा चुनाव में यह सीट सपा से भाजपा ने छीन ली थी। एक बार फिर सपा अपनी सीट वापस पाने के लिए जोर आजमाइश में जुट गई है।


लोकसभा चुनाव का बिगुल बजते ही इटावा लोकसभा सीट पर सबसे पहले सपा व बसपा गठबंधन से प्रत्याशी मैदान में है। यह सीट सालों से मुलायम सिंह यादव के प्रभाव से जीती जाती रही है। पिछले चुनाव में यह सीट भाजपा के खाते में पहुंची। सबसे पहले सपा-बसपा ने अपना प्रत्याशी मैदान में उतारा है। राजनीतिक गलियारों से छनकर आ रही खबरों के मुताबिक गठबंधन दल के प्रत्याशी को हराने के लिए भाजपा, कांग्रेस, प्रगतिशील समाजवादी पार्टी व अन्य दल अपने प्रत्याशी के चयन को लेकर असमंजस में बताए जा रहे हैं। इन दलों के सूत्रों की मानें तो गठबंधन प्रत्याशी को हराने के लिए प्रत्याशी का चयन करने में दलों के नेता गोपनीय बैठकें भी कर रहे हैं। इधर भाजपा इस सीट को गंवाना नहीं चाहती। इसलिए पार्टी प्रत्याशी की घोषणा नहीं की है। भाजपा मजबूत प्रत्याशी को मैदान में उतारेगी जो गठबंधन प्रत्याशी को हरा सके और अपना कब्जा बरकरार रख सके।
विज्ञापन



समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के गठबंधन प्रत्याशी के रूप में इटावा लोकसभा सीट से कमलेश कठेरिया मैदान में हैं। वह पूर्व सांसद प्रेमदास कठेरिया के पुत्र है। इससे पहले 2017 में भर्थना विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था। जिसमें हार का सामना करना पड़ा। उनकी पत्नी बकेवर सीट से जिला पंचायत सदस्य भी है। प्रत्याशी कमलेश कठेरिया के परिवार का मुलायम परिवार से करीबी संबंध भी बताया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन



वर्तमान में इटावा लोकसभा सीट से भाजपा से सांसद अशोक दोहरे हैं। वर्ष 2019 के चुनाव में एक बार फिर इसी सीट से वह अपनी दावेदारी कर चुके हैं। सांसद अशोक दोहरे इससे पहले विधायक बनने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री के पद पर भी रह चुके हैं। राजनीति के शुरुआती दौर में ही जनता के लोकप्रिय बने अशोक दोहरे ने बहुत ही कम समय में बड़ी ऊंचाइयों को छुआ। उनकी क्षेत्र में अच्छी पकड़ होने के चलते उनके पास अच्छा वोटबैंक हैं। सूत्रों की माने तो पार्टी के पास विकल्प न होने के चलते उन्हें टिकट मिल सकता है।


शिक्षक रहकर राजनीति करने वाले रमेश दिवाकर ने सदर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। वर्तमान में वह सदर सीट से विधायक हैं। विधानसभा के चुनाव मेें उन्हें उनकी मेहनत को देखकर पार्टी ने टिकट दिया था, जिस पर जीत हासिल की। अपने कद को बढ़ाने के लिए उन्होंने इस बार लोकसभा का चुनाव लडने का मन बनाया है और पार्टी में इटावा लोकसभा सीट से प्रत्याशी बनाए जाने के लिए दावेदारी की है। उनकी दावेदारी की चर्चा पार्टी में जोरों पर है।



प्रत्याशी के चयन को लेकर बैठकों का दौर जारी है। पार्टी की मजबूती के लिए भी बैठके चल रहीं हैं। प्रत्याशी की घोषणा होली बाद होगी। टिकट किसे मिलेगा यह हाईकमान ही तय करेंगे। --- श्रीराम मिश्रा, जिलामंत्री बीजेपी

-वर्तमान में इटावा लोकसभा सीट से भाजपा से सांसद अशोक दोहरे
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed