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प्रदेश सरकार के दो साल के कार्यकाल में जिले को मिली दो सौगातें और चार में मिला सिर्फ आश्वासन
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औरैया। प्रदेश में भाजपा की सरकार बने लगभग दो साल का समय बीत चुका है। इन दो सालों में जिले को सिर्फ दो सौगात हाथ लगी हैं। इनमें बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे व औरैया-फफूंद फोरलेन मार्ग शामिल है। एक सौगात अभी पूरी नहीं हो सकी है। जबकि सालों से चार विकास कार्यों पर आश्वासन ही जिलेवासियों को मिल रहा है।
औरैया जनपद हक की लड़ाई लड़ रहा है। जिले को जिले का नाम तो मिला, लेकिन सुविधाओं से आज भी वंचित हैं। प्रदेश में भाजपा सरकार आने पर जिलेवासियों को उम्मीद थी कि उन्हें उनका हक मिलेगा। जिले को पूर्ण रूप से दर्जा नहीं मिला है। भाजपा शासनकाल में जिले में दो सौगातें मिली हैं। इनमें एक बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे और दूसरा फफूंद रोड चौड़ीकरण शामिल हैं। बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे में किसानों से जमीन खरीद का काम जोरों पर है। जबकि औरैया फफूंद मार्ग के चौड़ीकरण का काम धन के अभाव में रुका हुआ है।
जिले से होकर निकलने वाले बुंदलेखंड एक्सप्रेस वे में औरैया तहसील क्षेत्र में 2300 किसानों से 165 हेक्टेयर, अजीतमल तहसील क्षेत्र में 1507 किसानों से 37.352 हेक्टेयर और बिधूना तहसील क्षेत्र में 2400 किसानों से 209 हेक्टेयर जमीन खरीदी जाएगी। यह एक्सप्रेस वे बुंदेलखंड के विकास और उसे सीधे दिल्ली से जोड़ने का काम करेगा। इस एक्सप्रेस वे जिले के सैकड़ों गांव के लोग लाभान्वित होंगे। उन्हें एक्सप्रेस से जोड़ा जाएगा।
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औरैया फफूंद मार्ग की हालत सालों पहले किसी से छिपी नहीं हैं। यहां तीन से चार फीट गहरे गड्डे 22 किलो मीटर तक देखने को मिलते थे। इस 22 किलो मीटर का सफर तय करने में वाहन स्वामियों को तीन से चार घंटे का समय भी लगता था। इस मार्ग का निर्माण एवं चौड़ीकरण 111 करोड़ की लागत से किया जा रहा है। हालांकि अभी कुछ महीने पहले धन के अभाव में काम रोका गया है। अधिकारियों का कहना है कि शीघ्र काम शुरू होगा। बजट मिलने का आश्वासन मिला है। काम 15 से 20 दिनों में शुरू होने के आसार है।
जिले में जिला कारागार के लिए जमीन तीन स्थानों पर देखी गई, लेकिन नहीं बनी बात। पुलिस लाइन आवास विकास के किराए के भवनों में चल रहा है। जमीन देखी लेकिन नहीं खरीदी जा सकी। यूएम पावर प्लांट और प्लास्टिक सिटी का काम भी लगभग 15 साल से अधूरा पड़ा है। कई किसानों से जमीन भी खरीदी गई, लेकिन काम शुरू न होने से क्षेत्र के लोग प्रभावित हैं।
-चार में मिला सिर्फ आश्वासन
-बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे के लिए जमीन खरीदने का काम जोरों पर
अमर उजाला ब्यूरो
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औरैया जनपद हक की लड़ाई लड़ रहा है। जिले को जिले का नाम तो मिला, लेकिन सुविधाओं से आज भी वंचित हैं। प्रदेश में भाजपा सरकार आने पर जिलेवासियों को उम्मीद थी कि उन्हें उनका हक मिलेगा। जिले को पूर्ण रूप से दर्जा नहीं मिला है। भाजपा शासनकाल में जिले में दो सौगातें मिली हैं। इनमें एक बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे और दूसरा फफूंद रोड चौड़ीकरण शामिल हैं। बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे में किसानों से जमीन खरीद का काम जोरों पर है। जबकि औरैया फफूंद मार्ग के चौड़ीकरण का काम धन के अभाव में रुका हुआ है।
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जिले से होकर निकलने वाले बुंदलेखंड एक्सप्रेस वे में औरैया तहसील क्षेत्र में 2300 किसानों से 165 हेक्टेयर, अजीतमल तहसील क्षेत्र में 1507 किसानों से 37.352 हेक्टेयर और बिधूना तहसील क्षेत्र में 2400 किसानों से 209 हेक्टेयर जमीन खरीदी जाएगी। यह एक्सप्रेस वे बुंदेलखंड के विकास और उसे सीधे दिल्ली से जोड़ने का काम करेगा। इस एक्सप्रेस वे जिले के सैकड़ों गांव के लोग लाभान्वित होंगे। उन्हें एक्सप्रेस से जोड़ा जाएगा।
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औरैया फफूंद मार्ग की हालत सालों पहले किसी से छिपी नहीं हैं। यहां तीन से चार फीट गहरे गड्डे 22 किलो मीटर तक देखने को मिलते थे। इस 22 किलो मीटर का सफर तय करने में वाहन स्वामियों को तीन से चार घंटे का समय भी लगता था। इस मार्ग का निर्माण एवं चौड़ीकरण 111 करोड़ की लागत से किया जा रहा है। हालांकि अभी कुछ महीने पहले धन के अभाव में काम रोका गया है। अधिकारियों का कहना है कि शीघ्र काम शुरू होगा। बजट मिलने का आश्वासन मिला है। काम 15 से 20 दिनों में शुरू होने के आसार है।
जिले में जिला कारागार के लिए जमीन तीन स्थानों पर देखी गई, लेकिन नहीं बनी बात। पुलिस लाइन आवास विकास के किराए के भवनों में चल रहा है। जमीन देखी लेकिन नहीं खरीदी जा सकी। यूएम पावर प्लांट और प्लास्टिक सिटी का काम भी लगभग 15 साल से अधूरा पड़ा है। कई किसानों से जमीन भी खरीदी गई, लेकिन काम शुरू न होने से क्षेत्र के लोग प्रभावित हैं।
-चार में मिला सिर्फ आश्वासन
-बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे के लिए जमीन खरीदने का काम जोरों पर
अमर उजाला ब्यूरो