Auraiya Crime: किशोरी से दुष्कर्म का मामला, कोर्ट ने सुनाई 20 साल की सजा, 50 हजार का अर्थदंड भी ठोका
किशोरी से दुष्कर्म के मामले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो ने दोषी को 20 साल की सजा सुनाई है। साथ ही, कोर्ट ने दोषी को 50 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
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औरैया जिले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम मनराज सिंह ने सदर कोतवाली क्षेत्र के साढ़े तीन साल पुराने मामले के एक दोषी को 20 साल की सजा से दंडित किया है। कोर्ट ने दोषी को 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा भी सुनाई है।
अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे डीजीसी अभिषेक मिश्रा व विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो जितेंद्र सिंह तोमर व मृदुल मिश्रा ने बताया कि शहर के एक मोहल्ला निवासी ने सदर कोतवाली में रिपोर्ट लिखाई थी कि नौ सितंबर 2019 की रात लगभग 10 बजे उसकी 15 वर्षीय पुत्री घर पर अकेली थी।
वादी व उसकी पत्नी किसी काम से इलाहाबाद गए थे। तभी पुत्री के कमरे से चिल्लाने की आवाज सुनकर उनका पुत्र कमरे की तरफ गया तो देखा कि पड़ोसी वीरू उर्फ दुर्गेश उसकी नाबालिग पुत्री के साथ था। पीड़िता ने बताया कि वीरू चुपचाप उसके कमरे में घुस आया।
इसके बाद गलत काम किया। वादी व उसकी पत्नी जब इलाहाबाद से वापस आए तो उसने कोतवाली औरैया में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपी वीरू के खिलाफ चार्ज शीट कोर्ट में दाखिल की। यह मुकदमा विशेष न्यायाधीश पॉक्सो मनराज सिंह की कोर्ट में चला।
अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो जितेंद्र सिंह तोमर व मृदुल मिश्रा ने घर में घुसकर किशोरी से दुष्कर्म के दोषी को कठोर दंड देने की बहस की। सुनवाई के बाद एडीजे मनराज सिंह ने दोषी वीरू उर्फ दुर्गेश को 20 साल के कठोर कारावास व कुल 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया।
वहीं, अर्थदंड अदा न करने पर से एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। अर्थदंड की धनराशि में से आधी धनराशि पीड़िता को देने का भी आदेश कोर्ट ने जारी किया है। सजा पाए दोषी वीरू को जिला कारागार इटावा भेज दिया गया है।