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शिखरना गोशाला में फिर हुई दो गोवंशों की मौत
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अयाना (औरैया)। अस्थायी गोशाला शिखरना में हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। मंगलवार को देखरेख के अभाव में बीमार दो गोवंशों की मौत हो गई। इसको लेकर लोगों में रोष है।
शिखरना गोशाला का निरीक्षण करने के बाद अफसर एनजीओ संचालक को व्यवस्था सुधारने के निर्देश दे चुके हैं। लेकिन परिसर में गंदगी और कीचड़ के साथ जलभराव है। इसके कारण गोवंश बीमार पड़ रहे हैं। सोमवार को मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने निरीक्षण किया था। मंगलवार सुबह ही बीमार दो गोवंशों की मौत हो गई। लोगों ने बताया कि इसकी जानकारी तहसील प्रशासन को दी गई है।
टिन शेड लगने का काम शुरू
बारिश से भीग रहे गोवंशों को बचाने के लिए गोशाला परिसर में टिन शेड लगाने का काम शुरू हो गया है। बीडीओ बब्बन प्रसाद मौर्य ने मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया और परिसर में सफाई रखने के निर्देश दिए हैं।
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बचाव में ये तर्क दिया
एनजीओ संचालक केडी राजपूत ने बताया कि गोशाला में गोवंश खुले में घूमते हैं। बड़े गोवंश अक्सर छोटे गोवंशों से लड़ जाते हैं। इसमें घायल होने के बाद गोवंश बीमार पड़ रहे हैं और उनकी मौत हो रही है। गोवंशों को बांधने के लिए व्यवस्था की जा रही है।
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शिखरना गोशाला का निरीक्षण करने के बाद अफसर एनजीओ संचालक को व्यवस्था सुधारने के निर्देश दे चुके हैं। लेकिन परिसर में गंदगी और कीचड़ के साथ जलभराव है। इसके कारण गोवंश बीमार पड़ रहे हैं। सोमवार को मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने निरीक्षण किया था। मंगलवार सुबह ही बीमार दो गोवंशों की मौत हो गई। लोगों ने बताया कि इसकी जानकारी तहसील प्रशासन को दी गई है।
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टिन शेड लगने का काम शुरू
बारिश से भीग रहे गोवंशों को बचाने के लिए गोशाला परिसर में टिन शेड लगाने का काम शुरू हो गया है। बीडीओ बब्बन प्रसाद मौर्य ने मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया और परिसर में सफाई रखने के निर्देश दिए हैं।
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बचाव में ये तर्क दिया
एनजीओ संचालक केडी राजपूत ने बताया कि गोशाला में गोवंश खुले में घूमते हैं। बड़े गोवंश अक्सर छोटे गोवंशों से लड़ जाते हैं। इसमें घायल होने के बाद गोवंश बीमार पड़ रहे हैं और उनकी मौत हो रही है। गोवंशों को बांधने के लिए व्यवस्था की जा रही है।