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किशोरगंज गोशाला में बीमार दो गोवंशों की मौत
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बिधूना(औरैया)। कस्बे की किशोरगंज गोशाला में बीमार दो गोवंशों की मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पशु चिकित्सकों की टीम ने जांच कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी है।
नगर पंचायत बिधूना द्वारा किशोरगंज में संचालित गोशाला में मंगलवार रात दो गोवंशों की मौत की सूचना से हड़कंप मच गया। बुधवार सुबह गोशाला के इंचार्ज मुकुल कुमार ने पशु विभाग और ब्लाक अधिकारियों को जानकारी दी। मौके पर पहुंचे पशु चिकित्सक एके सिंह ने बताया कि एक गोवंश की बीमार होने के कारण मौत हुई है जबकि एक गोवंश को 13 सितंबर को कोई गोशाला छोड़ गया था, जो पहले से घायल था। उसका इलाज भी किया गया, लेकिन उसकी भी मौत हो गई।
गोवंश के मरने की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई है। उन्होंने कहा कि गोशाला में नियमित पशुओं की जांच की जा रही है। सफाई रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। वहीं मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि उन्हें भी जानकारी मिली है। गोशालाओं में व्यवस्था सुधार के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जहां पर भी किसी गोवंश के बीमार होने की जानकारी मिलती है, तत्काल टीम भेजी जा रही है।
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वहीं बीहड़ स्थित सिखरना गोशाला का खंड विकास अधिकारी बब्बन प्रसाद मौर्य ने बुधवार को निरीक्षण किया। उन्होंने चारे की स्थिति देखी और गोशाला में गंदे पानी भरे गड्ढे को भरवा दिया।
बुधवार दोपहर खंड विकास अधिकारी बब्बन प्रसाद मौर्य सिखरना गोशाला पहुंचे। उन्होंने गोवंशों की संख्या के बारे में पूछा। निरीक्षण के दौरान टूटी टिन शेड को दुरस्त कराने के निर्देश दिए। एनजीओ संचालक रीना पांडेय की मौजूदगी में गोशाला परिसर में स्थित गंदे पानी के गड्ढे को मिट्टी से भरवाया गया। इसी गड्ढे का दूषित पानी पीकर गोवंश बीमार होते थे।
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नगर पंचायत बिधूना द्वारा किशोरगंज में संचालित गोशाला में मंगलवार रात दो गोवंशों की मौत की सूचना से हड़कंप मच गया। बुधवार सुबह गोशाला के इंचार्ज मुकुल कुमार ने पशु विभाग और ब्लाक अधिकारियों को जानकारी दी। मौके पर पहुंचे पशु चिकित्सक एके सिंह ने बताया कि एक गोवंश की बीमार होने के कारण मौत हुई है जबकि एक गोवंश को 13 सितंबर को कोई गोशाला छोड़ गया था, जो पहले से घायल था। उसका इलाज भी किया गया, लेकिन उसकी भी मौत हो गई।
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गोवंश के मरने की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई है। उन्होंने कहा कि गोशाला में नियमित पशुओं की जांच की जा रही है। सफाई रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। वहीं मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि उन्हें भी जानकारी मिली है। गोशालाओं में व्यवस्था सुधार के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जहां पर भी किसी गोवंश के बीमार होने की जानकारी मिलती है, तत्काल टीम भेजी जा रही है।
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वहीं बीहड़ स्थित सिखरना गोशाला का खंड विकास अधिकारी बब्बन प्रसाद मौर्य ने बुधवार को निरीक्षण किया। उन्होंने चारे की स्थिति देखी और गोशाला में गंदे पानी भरे गड्ढे को भरवा दिया।
बुधवार दोपहर खंड विकास अधिकारी बब्बन प्रसाद मौर्य सिखरना गोशाला पहुंचे। उन्होंने गोवंशों की संख्या के बारे में पूछा। निरीक्षण के दौरान टूटी टिन शेड को दुरस्त कराने के निर्देश दिए। एनजीओ संचालक रीना पांडेय की मौजूदगी में गोशाला परिसर में स्थित गंदे पानी के गड्ढे को मिट्टी से भरवाया गया। इसी गड्ढे का दूषित पानी पीकर गोवंश बीमार होते थे।