{"_id":"6287e1c532a60128bf021ca8","slug":"18-crore-business-affected-in-three-days-auraiya-news-knp697930696","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन दिन में 18 करोड़ का करोबार प्रभावित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीन दिन में 18 करोड़ का करोबार प्रभावित
विज्ञापन
गल्ला मंडी बंद रहने से पसरा सन्नाटा। संवाद
- फोटो : AURAIYA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
औरैया। आढ़तियों के आक्रोश के चलते तीसरे दिन भी गल्ला मंडी बंद रहने से 18 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ। वहीं मंडी प्रशासन को 75 लाख रुपये के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ा है। अधिकारियों के समझाने के बाद भी आढ़ती अभी हड़ताल खत्म करने को राजी नहीं है।
सरकार की ओर से की गई लेवी के बाद बंदरगाहों पर आढ़तियों के गेहूं लदे खड़े एक सैकड़ा ट्रकों के खाली न होने से आढ़ती खासे परेशान हैं। जिसके चलते शुक्रवार को तीसरे दिन भी गल्ला मंडी बंद रही। छह करोड़ रुपये प्रति दिन के हिसाब से तीन दिन में लगभग 18 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है, जबकि मंडी प्रशासन को 25 लाख रुपये प्रतिदिन के हिसाब से राजस्व मिलता है।
जिसमें अब तक 75 लाख का नुकसान माना जा रहा है। शुक्रवार को भी गल्ला मंडी बंद रहने से ट्रैक्टरों पर गेहूं लादकर पहुंचे कई किसानों का गेहूं नहीं उतर सका है। जिससे वह ट्रैक्टर पर ही लदा आढ़त के बाहर उतारे जाने का इंतजार कर रहा है।
विज्ञापन
वहीं भीषण गर्मी में गेहूं आदि जिंस लेकर गल्ला मंडी पहुंच रहा किसान भी परेशान हो रहा है। ऐसे में बंदरगाहों पर ट्रकों के उतरने की अभी कोई समय सीमा का पता नहीं चल पा रहा है। जिससे गल्ला मंडी कब खुलेगी यह कह पाना संभव नहीं है। गल्ला आढ़ती एसोसिएशन के महामंत्री जमाली सिंह ने बताया कि जब तक आढ़तियों की तरफ से मंडी खोलने को नहीं कहा जाएगा, तब तक मंडी नहीं खुलेगी।
विज्ञापन
सरकार की ओर से की गई लेवी के बाद बंदरगाहों पर आढ़तियों के गेहूं लदे खड़े एक सैकड़ा ट्रकों के खाली न होने से आढ़ती खासे परेशान हैं। जिसके चलते शुक्रवार को तीसरे दिन भी गल्ला मंडी बंद रही। छह करोड़ रुपये प्रति दिन के हिसाब से तीन दिन में लगभग 18 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है, जबकि मंडी प्रशासन को 25 लाख रुपये प्रतिदिन के हिसाब से राजस्व मिलता है।
विज्ञापन
जिसमें अब तक 75 लाख का नुकसान माना जा रहा है। शुक्रवार को भी गल्ला मंडी बंद रहने से ट्रैक्टरों पर गेहूं लादकर पहुंचे कई किसानों का गेहूं नहीं उतर सका है। जिससे वह ट्रैक्टर पर ही लदा आढ़त के बाहर उतारे जाने का इंतजार कर रहा है।
विज्ञापन
वहीं भीषण गर्मी में गेहूं आदि जिंस लेकर गल्ला मंडी पहुंच रहा किसान भी परेशान हो रहा है। ऐसे में बंदरगाहों पर ट्रकों के उतरने की अभी कोई समय सीमा का पता नहीं चल पा रहा है। जिससे गल्ला मंडी कब खुलेगी यह कह पाना संभव नहीं है। गल्ला आढ़ती एसोसिएशन के महामंत्री जमाली सिंह ने बताया कि जब तक आढ़तियों की तरफ से मंडी खोलने को नहीं कहा जाएगा, तब तक मंडी नहीं खुलेगी।