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रेलपथ सुरक्षा समिति करेगी रेलवे ट्रैक की निगरानी
Updated Sat, 10 Nov 2018 11:41 PM IST
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उरई। रेल पटरियों व उसके आसपास होने वाले हादसों से सबक लेते हुए रेलवे ट्रैक को एक बीट मानकर इसकी निगरानी करने का निर्णय लिया है। इसमें रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग के अलावा आरपीएफ, जीआरपी तथा सिविल पुलिस को भी शामिल किया गया है। इसे रेलपथ सुरक्षा समिति का नाम दिया गया है। यह समिति अपने बीट क्षेत्र में होने वाले हादसों को रोकेगी।
बता दें कि रेलवे एरिया में होने वाले हादसों को लेकर आरपीएफ, जीआरपी व सिविल पुलिस में अक्सर विवाद होता था। इसे लेकर 11 सितंबर को पुलिस महानिदेशक की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय सुरक्षा समिति की बैठक में कई निर्णय लिए गए है। इसके बाद अपर पुलिस महानिदेशक (रेलवे) ने आरपीएफ के वरिष्ठ कमांडेंट व जीआरपी अनुभाग के एसपी को पत्र जारी किया है।
पत्र के मुताबिक, रेलवे ट्रैक की सुरक्षा के संबंध में सहायक मंडलीय अभियंता (एडीईएन) रेलपथ के प्राधिकार क्षेत्र को एक बीट मानते हुए उसकी निगरानी व सुरक्षा के लिए एक समिति बनाई जाए। उस समिति में सहायक अभियंता का स्टाफ, आरपीएफ तथा जीआरपी का एक स्टाफ तथा संबंधित सिविल पुलिस का उपनिरीक्षक रहेगा। जो बीट की सुरक्षा के लिए उत्तरदायी होंगे।
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उरई के रेलवे थाने का एरिया-पामा, तिलौंची, लालपुर, मलासा, पुखरायां चौराहा (कानपुर देहात जनपद), कालपी, आटा, भुआ, एट, कोंच, पिरौना (जालौन जनपद) व एरच रोड, मोंठ, नंदखास, चिरगांव (झांसी जनपद) के अंतर्गत 159 किलोमीटर आता है।
जीआरपी थानाध्यक्ष ब्रजमोहन सैनी ने बताया कि एडीजी के आदेश के अनुपालन में उनके थाने के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में उरई, भुआ व एट बीट का इंचार्ज जयलाल, पिरौना, कोंच एवं एरच रोड का मदनलाल, मोंठ व नंदखास का मोहित द्विवेदी, आटा व कालपी का देवेंद्र कुमार वाजपेयी को बीट प्रभारी बनाकर जिम्मेदारी दी गई है।
आरपीएफ इंस्पेक्टर राजीव उपाध्याय के मुताबिक, वरिष्ठ कमांडेंट आरपीएफ झांसी के आदेश के अनुपालन में थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले स्टाफ की जिम्मेदारी तय कर दी गई है। संयुक्त रुप से पेट्रोलिंग करने से निश्चित रुप से हादसों व अपराधों में कमी आएगी।
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बता दें कि रेलवे एरिया में होने वाले हादसों को लेकर आरपीएफ, जीआरपी व सिविल पुलिस में अक्सर विवाद होता था। इसे लेकर 11 सितंबर को पुलिस महानिदेशक की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय सुरक्षा समिति की बैठक में कई निर्णय लिए गए है। इसके बाद अपर पुलिस महानिदेशक (रेलवे) ने आरपीएफ के वरिष्ठ कमांडेंट व जीआरपी अनुभाग के एसपी को पत्र जारी किया है।
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पत्र के मुताबिक, रेलवे ट्रैक की सुरक्षा के संबंध में सहायक मंडलीय अभियंता (एडीईएन) रेलपथ के प्राधिकार क्षेत्र को एक बीट मानते हुए उसकी निगरानी व सुरक्षा के लिए एक समिति बनाई जाए। उस समिति में सहायक अभियंता का स्टाफ, आरपीएफ तथा जीआरपी का एक स्टाफ तथा संबंधित सिविल पुलिस का उपनिरीक्षक रहेगा। जो बीट की सुरक्षा के लिए उत्तरदायी होंगे।
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उरई के रेलवे थाने का एरिया-पामा, तिलौंची, लालपुर, मलासा, पुखरायां चौराहा (कानपुर देहात जनपद), कालपी, आटा, भुआ, एट, कोंच, पिरौना (जालौन जनपद) व एरच रोड, मोंठ, नंदखास, चिरगांव (झांसी जनपद) के अंतर्गत 159 किलोमीटर आता है।
जीआरपी थानाध्यक्ष ब्रजमोहन सैनी ने बताया कि एडीजी के आदेश के अनुपालन में उनके थाने के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में उरई, भुआ व एट बीट का इंचार्ज जयलाल, पिरौना, कोंच एवं एरच रोड का मदनलाल, मोंठ व नंदखास का मोहित द्विवेदी, आटा व कालपी का देवेंद्र कुमार वाजपेयी को बीट प्रभारी बनाकर जिम्मेदारी दी गई है।
आरपीएफ इंस्पेक्टर राजीव उपाध्याय के मुताबिक, वरिष्ठ कमांडेंट आरपीएफ झांसी के आदेश के अनुपालन में थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले स्टाफ की जिम्मेदारी तय कर दी गई है। संयुक्त रुप से पेट्रोलिंग करने से निश्चित रुप से हादसों व अपराधों में कमी आएगी।