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सफाई कर्मियों ने हंगामा कर मांगा वेतन
Updated Tue, 12 Sep 2017 12:32 AM IST
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उरई। मेडिकल कालेज में सोमवार को सफाई व सुरक्षा कर्मियाें ने काम ठप कर दिया। इससे मरीजों को परेशानियों को सामना करना पड़ा। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें तीन माह से वेतन नहीं मिला है। जबकि सुपरवाइजर का आरोप है कि वेतन के नाम पर कालेज प्रबंधन कमीशन मांगता है।
राजकीय मेडिकल कालेज में सोमवार को 162 सफाई व सुरक्षा कर्मियों ने काम ठप कर दिया। कर्मचारी नारेबाजी करते हुए ओपीडी के बाहर धरने पर बैठ गए। उनका आरोप था कि जून, जुलाई व अगस्त माह का वेतन अब तक नहीं मिला। जिससे आर्थिक स्थिति खराब हो गई है।
हंगामे की खबर पाकर सदर विधायक गौरी शंकर वर्मा पहुंचे और कर्मचारियों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन सफाईकर्मी सहमत नहीं हुए। बात बनती न देख वह सुपरवाइजर को लेकर प्रधानाचार्य आर के सिंह के पास गए लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद कर्मचारी नारेबाजी करते हुए प्रधानाचार्य के कार्यालय तक पहुंच गए।
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इसके बाद सीएमएस संजीव गुप्ता ने आकर कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि दो दिन में वेतन का भुगतान करा दिया जाएगा। तब जाकर सफाई कर्मियों ने हंगामा बंद किया। बताते चले कि कालेज की सफाई व सुरक्षा का ठेका प्राइवेट कंपनी हर्ष इंटरप्राइजेज के पास है।
कंपनी के सुपरवाइजर राजेश द्विवेदी का कहना है प्राइवेट कर्मचारियों का समय पर वेतन मिले इसके लिए वे प्रधानाचार्य से कई बार मिल चुके है। कालेज प्रबंधन को कमीशन न दिए जाने से ही वेतन रोका जा रहा है।
मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य आरके सिंह का कहना है कि वह हर्ष इंटरप्राइजेज को सीधा भुगतान करते है। अब कंपनी अपने कर्मचारियों को कितना भुगतना करती है इसकी उन्हें जानकारी नही है। जहां तक कमीशन की बात है तो वह बेबुनियाद है। उन्होंने कभी भी कमीशन की मांग नहीं की है।
-मेडिकल कालेज की सेवाएं ठप कीं, जमकर नारेबाजी
-विधायक ने किया समझाने का प्रयास पर माने नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
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राजकीय मेडिकल कालेज में सोमवार को 162 सफाई व सुरक्षा कर्मियों ने काम ठप कर दिया। कर्मचारी नारेबाजी करते हुए ओपीडी के बाहर धरने पर बैठ गए। उनका आरोप था कि जून, जुलाई व अगस्त माह का वेतन अब तक नहीं मिला। जिससे आर्थिक स्थिति खराब हो गई है।
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हंगामे की खबर पाकर सदर विधायक गौरी शंकर वर्मा पहुंचे और कर्मचारियों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन सफाईकर्मी सहमत नहीं हुए। बात बनती न देख वह सुपरवाइजर को लेकर प्रधानाचार्य आर के सिंह के पास गए लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद कर्मचारी नारेबाजी करते हुए प्रधानाचार्य के कार्यालय तक पहुंच गए।
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इसके बाद सीएमएस संजीव गुप्ता ने आकर कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि दो दिन में वेतन का भुगतान करा दिया जाएगा। तब जाकर सफाई कर्मियों ने हंगामा बंद किया। बताते चले कि कालेज की सफाई व सुरक्षा का ठेका प्राइवेट कंपनी हर्ष इंटरप्राइजेज के पास है।
कंपनी के सुपरवाइजर राजेश द्विवेदी का कहना है प्राइवेट कर्मचारियों का समय पर वेतन मिले इसके लिए वे प्रधानाचार्य से कई बार मिल चुके है। कालेज प्रबंधन को कमीशन न दिए जाने से ही वेतन रोका जा रहा है।
मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य आरके सिंह का कहना है कि वह हर्ष इंटरप्राइजेज को सीधा भुगतान करते है। अब कंपनी अपने कर्मचारियों को कितना भुगतना करती है इसकी उन्हें जानकारी नही है। जहां तक कमीशन की बात है तो वह बेबुनियाद है। उन्होंने कभी भी कमीशन की मांग नहीं की है।
-मेडिकल कालेज की सेवाएं ठप कीं, जमकर नारेबाजी
-विधायक ने किया समझाने का प्रयास पर माने नहीं
अमर उजाला ब्यूरो