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स्कूली वाहनों पर सख्ती की तो 12 ने कराई फिटनेस

Mon, 02 May 2022 11:55 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 02 May 2022 11:55 PM IST
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12 got fitness done if school vehicles were strictly enforced
शैलेंद्र कुमार। संवाद - फोटो : AURAIYA
औरैया। गाजियाबाद के मोदीनगर में बस हादसे और जिले में लगातार कार्रवाई बढ़ती देख अब तक 70 में 12 वाहनों की फिटनेस हो सकी है। जबकि परिवहन विभाग ने शिकंजा कसते हुए सैकड़ों वाहनों का चालान किया है।
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जिले में संचालित हो रहे स्कूलों में मानकों की अनदेखी कर वाहनों से स्कूली बच्चे ले जाए जा रहे हैं। इनमें तमाम स्कूल ऐसे हैं, जिनमें प्राइवेट वाहनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। जिन स्कूलों में स्कूली बस, वाहनों का इस्तेमाल हो भी रहा है, उनमें से कई वाहन अनफिट है। किसी की फिटनेस नहीं तो किसी का बीमा नहीं है।
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विभाग के आंकड़ों की बात करें तो जिले में 70 स्कूली वाहन अनफिट है, जो नौनिहालों की जिंदगी से खिलवाड़ रहे हैं। इन पर शिकंजा कसने के लिए पिछले एक सप्ताह से विभाग अभियान चला कर ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रहा है। इसके बाद भी सुधार नहीं हो रहा है। एक सप्ताह की कार्रवाई और चालान, वाहनों के सीज किए जाने के बाद 12 वाहनों की फिटनेस हो सकी है।
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आरआई बलवंत यादव ने बताया कि अब कार्रवाई से बचने के लिए कुछ वाहन स्वामी मानक पूरी करने के लिए विभाग के दौड़ लगा रहे हैं। स्कूलों में वहीं वाहन संचालित होंगे जो मानकों को पूरा करके नियमों के तहत चलेंगे। लगातार मानकों की अनदेखी करने वाले वाहनों पर पीटीओ रेहाना बानो व एआरटीओ अशोक कुमार अभियान चलाकर कार्रवाई कर रहे हैं।
प्राइवेट स्कूल नौनिहालों की सुरक्षा से कर रहे खिलवाड़
बिधूना। अपने बच्चों को नामी स्कूलों में पढ़ाने के लिए कमाई का बड़ा हिस्सा खर्च करने वाले अभिभावक बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित है। प्राइवेट स्कूलों के चालक कई घटनाएं होने के बाद भी सबक नहीं ले रहे है। बच्चों की सुरक्षा के प्रति लापरवाही व अनदेखी के चलते निजी कार चालक व ई-रिक्शा चालक बच्चों को स्कूल ले जा रहे हैं। इनमें किसी भी प्रकार के सुरक्षा इंतजाम तक नहीं किए गए। वाहनों के चालक बिना सीट बेल्ट लगाए व बच्चों को ठूंस कर बैठाने के साथ फर्राटा भर रहे हैं। परिवहन विभाग ने क्षेत्र में ऐसे वाहनों के खिलाफ अभियान चलाकर कई वाहनों पर कार्रवाई भी की पर स्थिति जस की तस है।
बिधूना निवासी शैलेंद्र कुमार सिंह सेंगर बताया कि निजी स्कूलों में अच्छी शिक्षा के नाम पर मनमानी फीस वसूली जाती है। जबकि स्कूल प्रशासन स्कूली वाहनों को लेकर जरा भी गंभीर नहीं है। इसके चलते अभिभावक एवं नौनिहाल को असुविधा को सामना करना पड़ता है।
गौरव पाठक का कहना है कि विद्यालय प्रशासन को बच्चों की सुरक्षा का पूर्ण प्रबंध करना चाहिए। स्कूली प्रशासन बच्चों से मुंह मांगी फीस वसूल करता है, लेकिन स्कूली वाहनों में मूलभूत सुविधाओं को अभाव है, इससे दुर्घटनाओं को भय बना रहता है

बिधूना क्षेत्र में अभियान चलाया जा रहा है। हाल में कुछ बसों व वैन के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। अभियान बराबर चलता रहेगा। स्कूल के प्रबंधकों के साथ बैठक कर सलाह दी गई है कि सर्वोच्च न्यायालय के मानकों के अनुरूप वाहनों को स्कूलों में संचालन करें - रेहाना बानो पीटीओ

गौरव पाठक। संवाद

गौरव पाठक। संवाद- फोटो : AURAIYA

ई-रिक्शे में बैठकर जाते बच्चे। संवाद

ई-रिक्शे में बैठकर जाते बच्चे। संवाद- फोटो : AURAIYA

मानकविहीन वैन से घर जाते बच्चे। संवाद

मानकविहीन वैन से घर जाते बच्चे। संवाद- फोटो : AURAIYA

स्कूली वाहन चेक करतीं पीटीओ। संवाद

स्कूली वाहन चेक करतीं पीटीओ। संवाद- फोटो : AURAIYA

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