{"_id":"5bf3022abdec22098d6af4a5","slug":"111542652458-auraiya-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंचायत मित्र के खिलाफ जांच के निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंचायत मित्र के खिलाफ जांच के निर्देश
Updated Tue, 20 Nov 2018 12:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सरावन (जालौन)। माधौगढ़ तहसील की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत सरावन में जिला प्रशासन के कराए गए विकास कार्यों को स्थिति को धरातल पर परखने के लिए सोमवार को अपर आयुक्त झांसी आरबी भास्कर ने गांव का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने गांव में चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं भी सुनीं। जिसमें सबसे ज्यादा शिकायतें पंचायत मित्र धर्मेंद्र कुमार की मिली। इस पर उन्होंने पंचायत मित्र के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
सोमवार को अपर आयुक्त आरबी भास्कर अचानक सरावन पहुंचे, उनके वहां पहुंचने की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। आनन फानन में अपर आयुक्त ने गांव में खड़ंजा, सीसी व इंटरलॉकिंग, शौचालय, आवास आदि योजनाओं की धरातल पर स्थिति देखी।
इसके बाद उन्होंने गांव का निरीक्षण किया। निरीक्षण में गंदगी देख उन्होंने जिम्मेदार अफसरों को फटकार लगाकर व्यवस्था दुरुस्त करने का निर्देश दिया। इसके बाद गांव में लगी चौपाल में द्रौपदी पत्नी रामगोपाल, रमजान खां पुत्र इनायत खां, इस्लाम पुत्र गनी आदि ने अपर आयुक्त से शिकायत की कि हम लोगों के आवास पूर्ण हो चुके हैं लेकिन मजदूरी का 16,500 रुपये एवं शौचालय के 12 हजार रुपये अभी तक नहीं मिले हैं।
विज्ञापन
इस पर अपर आयुक्त ने पंचायत मित्र से जवाब मांगा तो वह बगले झांकने लगे। इसी दौरान अन्य ग्रामीणों ने भी पंचायत मित्र पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। इस पर अपर आयुक्त ने पंचायत मित्र के खिलाफ जांच के निर्देश दिए। उन्होंने माधौगढ़ बीडीओ को निर्देश दिए कि सात दिन में जांच रिपोर्ट भेजें। इस दौरान जिला विकास अधिकारी मिथलेश सचान, डीसी मनरेगा खंड विकास अधिकारी आदित्य कुमार, पंचायत सचिव पवन तिवारी, ग्राम प्रधान सोमवती याज्ञिक व प्रधान प्रतिनिधि अनिल याज्ञिक मौजूद रहे।
विज्ञापन
सोमवार को अपर आयुक्त आरबी भास्कर अचानक सरावन पहुंचे, उनके वहां पहुंचने की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। आनन फानन में अपर आयुक्त ने गांव में खड़ंजा, सीसी व इंटरलॉकिंग, शौचालय, आवास आदि योजनाओं की धरातल पर स्थिति देखी।
विज्ञापन
इसके बाद उन्होंने गांव का निरीक्षण किया। निरीक्षण में गंदगी देख उन्होंने जिम्मेदार अफसरों को फटकार लगाकर व्यवस्था दुरुस्त करने का निर्देश दिया। इसके बाद गांव में लगी चौपाल में द्रौपदी पत्नी रामगोपाल, रमजान खां पुत्र इनायत खां, इस्लाम पुत्र गनी आदि ने अपर आयुक्त से शिकायत की कि हम लोगों के आवास पूर्ण हो चुके हैं लेकिन मजदूरी का 16,500 रुपये एवं शौचालय के 12 हजार रुपये अभी तक नहीं मिले हैं।
विज्ञापन
इस पर अपर आयुक्त ने पंचायत मित्र से जवाब मांगा तो वह बगले झांकने लगे। इसी दौरान अन्य ग्रामीणों ने भी पंचायत मित्र पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। इस पर अपर आयुक्त ने पंचायत मित्र के खिलाफ जांच के निर्देश दिए। उन्होंने माधौगढ़ बीडीओ को निर्देश दिए कि सात दिन में जांच रिपोर्ट भेजें। इस दौरान जिला विकास अधिकारी मिथलेश सचान, डीसी मनरेगा खंड विकास अधिकारी आदित्य कुमार, पंचायत सचिव पवन तिवारी, ग्राम प्रधान सोमवती याज्ञिक व प्रधान प्रतिनिधि अनिल याज्ञिक मौजूद रहे।