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Amroha News: ग्रामीण अंचलों में भी युवा मारेंगे मैदान
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गजरौला। ग्रामीण अंचलों में खेलों को बढ़ावा देने के लिए खेल के मैदान बनाए जा रहे हैं। जिनमें गांव के युवक पुलिस, फौज, अर्ध सैनिक बल की तैयारी के साथ खेलों में मैदान मारेंगे। इसके अलावा ग्रामीण भी शाम को बैडमिंटन, वॉलीबॉल आदि खेलों में प्रतिभाग कर अपना मनोरंजन कर सकेंगे।
मनरेगा की तरफ से प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक खेल का मैदान बनाए जाने पर जोर है। जिससे गांव के युवकों को खेल कूद के लिए भटकना न पड़े। वह सुबह और शाम अपने गांव के ही मैदान में कसरत कर सकें। पुलिस, फौज, अर्धसैनिक बल की तैयारी कर रहे युवा जान जोखिम में डाल सड़क पर दौड़ लगाने के लिए मजबूर न हों। गजरौला ब्लॉक के पपसरा खादर, जलालपुर कलां, बल्दाना हीरा सिंह, रहमापुर माफी, यकबगड़ी, कुमराला, रहदरा में खेल के मैदान बनाए जा रहे हैं। जिन पर मनरेगा की धनराशि खर्च की जा रही है। एपीओ नितिन कुमार का कहना है कि उपरोक्त गांवाें में खेल के मैदान तैयार हो चुके हैं। उनमें खेल के उपकरण लगाने का काम रह गया है। वह भी जल्द हो जाएगा।
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राजनीतिक हस्तक्षेप से अटका मोहम्मदाबाद में मैदान का काम
क्षेत्र के गांव मोहम्मदाबाद में बीते दो साल पूर्व खेल का मैदान बनाने की कवायद शुरू की गई। ब्लॉक के अधिकारियों व कर्मचारियों ने इसके लिए जमीन भी देख ली। मैदान को विकसित करने के लिए मनरेगा द्वारा उसे समतल भी करा दिया गया। उसकी चहारदीवारी कराने की तैयारी थी कि कुछ अवैध कब्जा धारक लोगों ने खेल के मैदान का विरोध शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि वह एक जनप्रतिनिधि के करीबी हैं। अवैध कब्जा धारक ग्रामीणों ने अपने जन प्रतिनिधि को बताया कि उक्त जमीन पर उनके उपले रखे जाते हैं। कूड़ी डालते हैं। खेल का मैदान बन जाने से उनके उपले, बिटौरे कहां पर रखे जाएंगे। कूड़ी डालने की समस्या खड़ी हो जाएगी। ग्रामीणों की मांग पर जनप्रतिनिधि ने ब्लॉक के अधिकारी व कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वह खेल के मैदान की कवायद को ठंडे बस्ते में डाल दें।
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एक विधायक द्वारा खेल के मैदान को तैयार करने में हस्तक्षेप किए जाने की जानकारी मिली है। वह विधायक से बात करेंगे। जिससे खेल के मैदान को विकसित करने में आ रही अड़चन दूर हो सके। विकास मित्तल, पीसीएस अफसर एवं प्रभारी बीडीओ गजरौला।
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मनरेगा की तरफ से प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक खेल का मैदान बनाए जाने पर जोर है। जिससे गांव के युवकों को खेल कूद के लिए भटकना न पड़े। वह सुबह और शाम अपने गांव के ही मैदान में कसरत कर सकें। पुलिस, फौज, अर्धसैनिक बल की तैयारी कर रहे युवा जान जोखिम में डाल सड़क पर दौड़ लगाने के लिए मजबूर न हों। गजरौला ब्लॉक के पपसरा खादर, जलालपुर कलां, बल्दाना हीरा सिंह, रहमापुर माफी, यकबगड़ी, कुमराला, रहदरा में खेल के मैदान बनाए जा रहे हैं। जिन पर मनरेगा की धनराशि खर्च की जा रही है। एपीओ नितिन कुमार का कहना है कि उपरोक्त गांवाें में खेल के मैदान तैयार हो चुके हैं। उनमें खेल के उपकरण लगाने का काम रह गया है। वह भी जल्द हो जाएगा।
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राजनीतिक हस्तक्षेप से अटका मोहम्मदाबाद में मैदान का काम
क्षेत्र के गांव मोहम्मदाबाद में बीते दो साल पूर्व खेल का मैदान बनाने की कवायद शुरू की गई। ब्लॉक के अधिकारियों व कर्मचारियों ने इसके लिए जमीन भी देख ली। मैदान को विकसित करने के लिए मनरेगा द्वारा उसे समतल भी करा दिया गया। उसकी चहारदीवारी कराने की तैयारी थी कि कुछ अवैध कब्जा धारक लोगों ने खेल के मैदान का विरोध शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि वह एक जनप्रतिनिधि के करीबी हैं। अवैध कब्जा धारक ग्रामीणों ने अपने जन प्रतिनिधि को बताया कि उक्त जमीन पर उनके उपले रखे जाते हैं। कूड़ी डालते हैं। खेल का मैदान बन जाने से उनके उपले, बिटौरे कहां पर रखे जाएंगे। कूड़ी डालने की समस्या खड़ी हो जाएगी। ग्रामीणों की मांग पर जनप्रतिनिधि ने ब्लॉक के अधिकारी व कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वह खेल के मैदान की कवायद को ठंडे बस्ते में डाल दें।
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एक विधायक द्वारा खेल के मैदान को तैयार करने में हस्तक्षेप किए जाने की जानकारी मिली है। वह विधायक से बात करेंगे। जिससे खेल के मैदान को विकसित करने में आ रही अड़चन दूर हो सके। विकास मित्तल, पीसीएस अफसर एवं प्रभारी बीडीओ गजरौला।