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Amroha News: आपका बेटा दुष्कर्म के मामले में फंसा है... शिक्षक को फोन कर साढ़े चार लाख ठगे

Fri, 29 Nov 2024 12:02 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा Updated Fri, 29 Nov 2024 12:02 AM IST
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Your son is involved in a rape case... 4.5 lakh rupees were defrauded by calling the teacher
कैलसा (अमरोहा)।
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साइबर ठग तरह-तरह के हथकंडे अपनाकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। अमरोहा जिले में एक और बड़ा मामला सामने आया है। बीटेक के छात्र को दुष्कर्म के मामले में गिरफ्तार बताकर उसके शिक्षक पिता से साढ़े चार लाख रुपये ठग लिए। साइबर ठगों के झांसे में आए शिक्षक ने रुपये ट्रांसफर करने के बाद बेटे से फोन पर बात की तो उन्हें अपने साथ हुई ठगी का पता चला। पीड़ित शिक्षक ने देहात थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
अमरोहा देहात थाना क्षेत्र के रघुनाथपुर गांव निवासी कृपाल सिंह केशोपुर प्राइमरी स्कूल में शिक्षक हैं। उनकी पत्नी कविता आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं। उनका बेटा अनिरुद्ध यादव ग्रेटर नोएडा में बीटेक की पढ़ाई कर रहा है। आरोप है कि 31 जुलाई 2024 को उनके फोन पर एक अनजान नंबर से व्हाट्सएप कॉल आई और कहा कि आपका बेटा दुष्कर्म के मुकदमे में पकड़ा गया है। उसे बचाना है तो 4.50 लाख रुपये दे दीजिए। शिक्षक कृपाल सिंह कॉल करने वाले लोगों की मंशा भांप नहीं सके। बेटे के गंभीर मुकदमे में फंसने के डर से वह इतने घबरा गए कि उन्होंने बिना कुछ सोचे समझे साइबर ठगों के बताए खाता पर दो बार में 4.50 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। तब उन्हें धोखाधड़ी होने का पता नहीं था। लेकिन, बाद में उन्होंने अपने बेटे से फोन पर बात की तो हकीकत का पता चला।
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उनके बेटे ने बताया कि उसके साथ कोई घटना नहीं हुई है। यह सुनकर शिक्षक कृपाल सिंह के होश उड़ गए। साइबर ठगी का एहसास होने पर उन्होंने मामले की शिकायत साइबर सेल में की। सीओ अभिषेक कुमार ने बताया कि मामले में मोबाइल नंबरों के आधार पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। साइबर टीम से मदद लेकर आरोपियों को जल्दी पकड़ लिया जाएगा।
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खुद की सजगता भी अधिक जरूरी, डरना नहीं चाहिए
एसपी कुंवर अनुपम सिंह ने बताया कि सख्त कानून और स्वयं की सजगता से ही साइबर ठगी को रोका जा सकता है। हमें किसी को भी अपना ओटीपी नंबर नहीं देना चाहिए। चाहे कोई कैसी भी धमकी दे, हमें डरना नहीं चाहिए। व्हाट्सएप कॉल पर तो कभी भरोसा करना ही नहीं चाहिए। धैर्यपूर्वक सुने और जानकारी कर समस्या का समाधान निकालें। आम जनता धन के लालच में किसी भी अनजाने नंबर और लिंक पर क्लिक न करें। अगर हमें कुछ गलत अंदेशा हो, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। तकनीक के समय में सावधानी अति आवश्यक है, तभी हम साइबर ठगी को रोक सकेंगे।

लोगों का डर साइबर अपराधियों के अपराध का नया हथियार
एसपी ने बताया कि फर्जी मुकदमे में फंसाने का डर साइबर अपराधियों ने अब अपराध का नया तरीका अपना लिया है। ये ज्यादातर वाट्सएप पर काल कर लोगों को ठग रहे हैं। इसके लिए पुलिस अधिकारी का वर्दी पहनकर, कहीं का थानेदार बनकर किसी को भी अचानक काल करते हैं। कहते हैं कि उनका बेटा, पति या अन्य कोई करीबी रिश्तेदार उनके कब्जे में है। उसे दुष्कर्म, मारपीट, हत्या आदि के मामले में पकड़ा गया है। अगर वे छुड़ाना चाहते हैं तो इसके बदले में उन्हें रुपये देने होंगे। इस तरह के कॉल करने वालों के झांसे में कतई न आएं, क्योंकि पुलिस इस तरह से फोन नहीं करती है। ऐसे फोन कॉल आने पर सावधान रहें।
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