{"_id":"679be56d9abb9c6f66016ad9","slug":"work-will-be-done-in-gajraula-with-272-crores-jpnagar-news-c-284-1-smbd1015-133410-2025-01-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amroha News: गजरौला में 2.72 करोड़ से कराए जाएंगे कार्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amroha News: गजरौला में 2.72 करोड़ से कराए जाएंगे कार्य
Fri, 31 Jan 2025 02:17 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Fri, 31 Jan 2025 02:17 AM IST
विज्ञापन
गजरौला (अमरोहा)।
नगर और औद्योगिक क्षेत्र में 2.72 करोड़ रुपये से विकास कार्य कराए जाएंगे। इसके तहत फैक्टरी क्षेत्र में सड़क बनवाई जाएगी। इंदिरा चौक से कुमराला चौकी तक पथ प्रकाश के लिए लाइट लगाई जाएंगी।
यूपीसीडा की ओर से औद्योगिक क्षेत्र वापस लेने पर ईओ ने नगर विकास विभाग के मुख्य सचिव से संपत्ति कर से प्राप्त धनराशि से विकास कार्य कराए जाने के लिए दिशा निर्देश मांगे थे। पालिका को काम कराने की अनुमति मिल गई है।
औद्योगिक क्षेत्र की साइट-1 और 2 में स्थित औद्योगिक इकाइयों से पालिका को संपत्ति कर के रूप में 2.72 करोड़ रुपये मिले है। पालिका ने संपत्ति कर से प्राप्त धनराशि से नगर व फैक्टरी इलाके में विकास कार्य के लिए कार्ययोजना तैयार की। वहीं, यूपीसीडा ने पालिका पर फैक्टरी इलाके में विकास कार्यों में अनदेखी और उपेक्षा का आरोप लगाते हुए औद्योगिक क्षेत्र को वापस ले लिया था। जिस पर पालिका इस दुविधा में फंस गई कि उसे संपत्ति कर से प्राप्त धनराशि से नगर और उस फैक्टरी इलाके में काम कराना चाहिए, जिसे यूपीसीडा ने वापस ले लिया है। इस दुविधा को दूर करने के लिए ईओ दीपिका शुक्ला ने नगर विकास विभाग के मुख्य सचिव से दिशा निर्देश मांगे। मुख्य सचिव ने काम कराने की अनुमति प्रदान कर दी है। अब फैक्टरी इलाके में सड़क बनवाई जाएगी और इंदिरा चौक से पक्के पुल तक विद्युतीकरण का कार्य कराया जाएगा। जिससे नगर में बदायूं-बिल्सी-बिजनौर मार्ग का अंधेरा दूर होगा। ईओ ने बताया कि नगर में जल्द काम कराए जाएंगे।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- --
60 प्रतिशत धनराशि फैक्टरी इलाके में होती थी खर्च
20 मई 2020 तक फैक्टरी क्षेत्र यूपीसीडा के अधीन था। जिसे नगर पालिका को हस्तांतरित कर दिया गया। नगर पालिका के अधीन आने पर औद्योगिक इकाइयों से संपत्ति कर के रूप में जो धनराशि प्राप्त होती थी। उसकी 60 फीसदी धनराशि फैक्टरी इलाके में जबकि 40 प्रतिशत धनराशि से नगर क्षेत्र में विकास कार्य कराए जाने का प्रावधान था। इसके संचालन के लिए एक समिति गठित थी। डीएम समिति के अध्यक्ष होते थे। जो धनराशि प्राप्त हो गई थी, उससे ही काम कराए जाएंगे। इसके बाद पालिका फैक्टरी इलाके में कोई काम नहीं कराएगी। क्योंकि, फैक्टरी इलाका बीते साल सितंबर में यूपीसीडा ने वापस ले लिया। इसलिए पालिका संपत्ति कर भी नहीं वसूल सकेगी।
विज्ञापन
नगर और औद्योगिक क्षेत्र में 2.72 करोड़ रुपये से विकास कार्य कराए जाएंगे। इसके तहत फैक्टरी क्षेत्र में सड़क बनवाई जाएगी। इंदिरा चौक से कुमराला चौकी तक पथ प्रकाश के लिए लाइट लगाई जाएंगी।
यूपीसीडा की ओर से औद्योगिक क्षेत्र वापस लेने पर ईओ ने नगर विकास विभाग के मुख्य सचिव से संपत्ति कर से प्राप्त धनराशि से विकास कार्य कराए जाने के लिए दिशा निर्देश मांगे थे। पालिका को काम कराने की अनुमति मिल गई है।
विज्ञापन
औद्योगिक क्षेत्र की साइट-1 और 2 में स्थित औद्योगिक इकाइयों से पालिका को संपत्ति कर के रूप में 2.72 करोड़ रुपये मिले है। पालिका ने संपत्ति कर से प्राप्त धनराशि से नगर व फैक्टरी इलाके में विकास कार्य के लिए कार्ययोजना तैयार की। वहीं, यूपीसीडा ने पालिका पर फैक्टरी इलाके में विकास कार्यों में अनदेखी और उपेक्षा का आरोप लगाते हुए औद्योगिक क्षेत्र को वापस ले लिया था। जिस पर पालिका इस दुविधा में फंस गई कि उसे संपत्ति कर से प्राप्त धनराशि से नगर और उस फैक्टरी इलाके में काम कराना चाहिए, जिसे यूपीसीडा ने वापस ले लिया है। इस दुविधा को दूर करने के लिए ईओ दीपिका शुक्ला ने नगर विकास विभाग के मुख्य सचिव से दिशा निर्देश मांगे। मुख्य सचिव ने काम कराने की अनुमति प्रदान कर दी है। अब फैक्टरी इलाके में सड़क बनवाई जाएगी और इंदिरा चौक से पक्के पुल तक विद्युतीकरण का कार्य कराया जाएगा। जिससे नगर में बदायूं-बिल्सी-बिजनौर मार्ग का अंधेरा दूर होगा। ईओ ने बताया कि नगर में जल्द काम कराए जाएंगे।
विज्ञापन
60 प्रतिशत धनराशि फैक्टरी इलाके में होती थी खर्च
20 मई 2020 तक फैक्टरी क्षेत्र यूपीसीडा के अधीन था। जिसे नगर पालिका को हस्तांतरित कर दिया गया। नगर पालिका के अधीन आने पर औद्योगिक इकाइयों से संपत्ति कर के रूप में जो धनराशि प्राप्त होती थी। उसकी 60 फीसदी धनराशि फैक्टरी इलाके में जबकि 40 प्रतिशत धनराशि से नगर क्षेत्र में विकास कार्य कराए जाने का प्रावधान था। इसके संचालन के लिए एक समिति गठित थी। डीएम समिति के अध्यक्ष होते थे। जो धनराशि प्राप्त हो गई थी, उससे ही काम कराए जाएंगे। इसके बाद पालिका फैक्टरी इलाके में कोई काम नहीं कराएगी। क्योंकि, फैक्टरी इलाका बीते साल सितंबर में यूपीसीडा ने वापस ले लिया। इसलिए पालिका संपत्ति कर भी नहीं वसूल सकेगी।