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Amroha News: माता को भोग लगाकर की सुख-समृद्धि की कामना
Sat, 27 Sep 2025 11:09 PM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Sat, 27 Sep 2025 11:09 PM IST
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अमरोहा। शारदीय नवरात्र में शुक्रवार को माता के चौथे स्वरूप कूष्मांडा देवी की पूजा-अर्चना की गई। भक्तों ने माता को भोग लगाकर परिवार की सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना की। भजनों से माता की आराधना की। सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। शाम के समय महिलाओं ने मंदिरों में भजन-कीर्तन कर देवी मां का गुणगान किया।
शुक्रवार सुबह से ही मां कूष्मांडा की पूजा अर्चना करने के लिए मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। शहर के ऐतिहासिक वासुदेव तीर्थ स्थल, प्राचीन दुर्गा मंदिर, चामुंडा मंदिर, बाबा गंगानाथ मंदिर, चौरासी घंटे वाला मंदिर, विरासत वाला मंदिर, कामनाथ मंदिरों पर भक्त पूजा करने पहुंचे। इस दौरान मां के जयकारे से माहौल गूंजता रहा।
पंडित आशुतोष त्रिवेदी ने बताया कि नवरात्र के पांचवें दिन शनिवार को मां दुर्गा के स्वरूप मां स्कंदमाता की उपासना की जाएगी। भगवान स्कंद (कार्तिकेय) की माता होने के कारण देवी के इस पांचवें स्वरूप को स्कंदमाता के नाम से जाना जाता है। भगवान स्कंद कुमार कार्तिकेय नाम से भी जाने जाते हैं। ये प्रसिद्ध देवासुर संग्राम में देवताओं के सेनापति बने थे। इनका वाहन मयूर है।
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शुक्रवार सुबह से ही मां कूष्मांडा की पूजा अर्चना करने के लिए मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। शहर के ऐतिहासिक वासुदेव तीर्थ स्थल, प्राचीन दुर्गा मंदिर, चामुंडा मंदिर, बाबा गंगानाथ मंदिर, चौरासी घंटे वाला मंदिर, विरासत वाला मंदिर, कामनाथ मंदिरों पर भक्त पूजा करने पहुंचे। इस दौरान मां के जयकारे से माहौल गूंजता रहा।
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पंडित आशुतोष त्रिवेदी ने बताया कि नवरात्र के पांचवें दिन शनिवार को मां दुर्गा के स्वरूप मां स्कंदमाता की उपासना की जाएगी। भगवान स्कंद (कार्तिकेय) की माता होने के कारण देवी के इस पांचवें स्वरूप को स्कंदमाता के नाम से जाना जाता है। भगवान स्कंद कुमार कार्तिकेय नाम से भी जाने जाते हैं। ये प्रसिद्ध देवासुर संग्राम में देवताओं के सेनापति बने थे। इनका वाहन मयूर है।
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