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Amroha News: दिखी नजदीक जब मंजिल तो यारों...
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अमरोहा। जगदीश सरन हिंदू डिग्री काॅलेज में कवि सम्मलेन व मुशायरा आयोजित हुआ। जिसमें शायरों ने अपने-अपने कलाम पेश करके खूब वाहवाही हासिल की।
अमरोहा देहली कल्चरल सोसाइटी की ओर से साहू जगदीश सरन, अभिनंदन कुमार जैन, राम गुप्ता की याद में एक कवि सम्मेलन व मुशायरे का आयोजन किया गया। ओवैस मुस्तफा रिजवी को शाहविलायत अवार्ड से नवाजा गया। नौशा अमरोहवी ने कहा...तीरगी के ये साये डस न लें कहीं तुमको, रोशनी जो देते हैं वो दिए बुझाते हो। डॉ. जमशेद कमाल ने यू कहा...अगर मैं तैर के दरिया को पार कर जाता, तो खाली हाथ लिए नाव वाला घर जाता। सैयद शिबान कादरी ने ऐसे कहा...कहेंगे आज के बच्चे किसी दिन, मोबाइल खा गया बचपन हमारा। हुमांयु हैदर ने पढ़ा...उनके मैं हुस्न की तारीफ तो कर दूं लेकिन, उनमें कुछ और गुरूर आने का अंदेशा है। अनुराग मिश्रा ने ऐसे पढ़ा...दिखी नजदीक जब मंजिल तो यारों, हमारे पांव पत्थर हो गए हैं। मूसी रजा ने यू पढ़ा...ऑनलाइन दीन जैसा चाहिए ले लीजिए, मीडिया ले आया है मजहब को भी बाजार तक। लियाकत अमरोहवी ने कहा...बख्शें हैं जमाने से एजाज मुझे जितने, तुम पा ही नहीं सकते कितने ही जन्म ले लो। इनके अलावा प्रो. नाशिर नकवी, कायम अमरोहवी,शानदार अमरोहवी, सतेंद्र धारीवाल आदि ने अपने-अपने कलाम पेश किए। चीफ प्रॉक्टर डॉ. नवनीत विश्नोई ने सभी का आभार जताया। मंच पर प्राचार्य डॉ. वीर वीरेंद्र सिंह, डाॅ. सत्यवीर सिंह व कमर नकवी रहे।
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अमरोहा देहली कल्चरल सोसाइटी की ओर से साहू जगदीश सरन, अभिनंदन कुमार जैन, राम गुप्ता की याद में एक कवि सम्मेलन व मुशायरे का आयोजन किया गया। ओवैस मुस्तफा रिजवी को शाहविलायत अवार्ड से नवाजा गया। नौशा अमरोहवी ने कहा...तीरगी के ये साये डस न लें कहीं तुमको, रोशनी जो देते हैं वो दिए बुझाते हो। डॉ. जमशेद कमाल ने यू कहा...अगर मैं तैर के दरिया को पार कर जाता, तो खाली हाथ लिए नाव वाला घर जाता। सैयद शिबान कादरी ने ऐसे कहा...कहेंगे आज के बच्चे किसी दिन, मोबाइल खा गया बचपन हमारा। हुमांयु हैदर ने पढ़ा...उनके मैं हुस्न की तारीफ तो कर दूं लेकिन, उनमें कुछ और गुरूर आने का अंदेशा है। अनुराग मिश्रा ने ऐसे पढ़ा...दिखी नजदीक जब मंजिल तो यारों, हमारे पांव पत्थर हो गए हैं। मूसी रजा ने यू पढ़ा...ऑनलाइन दीन जैसा चाहिए ले लीजिए, मीडिया ले आया है मजहब को भी बाजार तक। लियाकत अमरोहवी ने कहा...बख्शें हैं जमाने से एजाज मुझे जितने, तुम पा ही नहीं सकते कितने ही जन्म ले लो। इनके अलावा प्रो. नाशिर नकवी, कायम अमरोहवी,शानदार अमरोहवी, सतेंद्र धारीवाल आदि ने अपने-अपने कलाम पेश किए। चीफ प्रॉक्टर डॉ. नवनीत विश्नोई ने सभी का आभार जताया। मंच पर प्राचार्य डॉ. वीर वीरेंद्र सिंह, डाॅ. सत्यवीर सिंह व कमर नकवी रहे।