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दुष्कर्मी पिता को उम्रकैद के बाद ग्रामीणों ने मनाई खुशी, पुलिस सम्मानित
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नाबालिग बेटी से दुष्कर्म के आरोपी पिता को मात्र छह दिन के भीतर उम्रकैद की सजा मिलने के बाद पीड़िता के ग्रामीणों ने खुशी मनाई। थाने पहुंचकर थानाध्यक्ष और विवेचक को सम्मानित किया। ग्रामीणों ने मिठाई बांटी। जनपद पुलिस व न्यायिक अधिकारियों का आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों ने बेटियों के साथ अत्याचार करने वालों पर ऐसे ही सख्त कार्रवाई करते रहने की अपील की।
डिडौली कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में रहने वाले 50 वर्षीय व्यक्ति ईंट भट्ठा मजदूर के खिलाफ चौदह वर्षीय बेटी के साथ दुष्कर्म करने के आरोप की एफआईआर 14 जून को दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने उसी दिन आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मामले की विवेचना डिडौली कोतवाली के एसएसआई सुक्रमपाल सिंह राणा ने की। उन्होंने छह दिन में विवेचना पूरी कर 22 जून को अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया। अगले दिन 23 जून को यह मुकदमा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष (पॉक्सो एक्ट प्रथम) अवधेश कुमार सिंह की अदालत में पहुंचा। पहले ही दिन अदालत ने मामले में सुनवाई शुरू कर मुकदमे को ट्रायल पर ले लिया। इस मामले में न्यायालय ने छह दिन के भीतर दुष्कर्मी पिता को उम्रकैद की सजा सुनाई और 53 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। अभियोजन पक्ष की तरफ से विशेष लोक अभियोजक (एडीजीसी) बसंत सिंह सैनी ने जोरदार पैरवी की थी। यह सजा उत्तर प्रदेश में जहां नजीर बनी, वहीं पिता-पुत्री के रिश्ते को शर्मसार करने वाले दोषी पिता को सजा मिलने के बाद पीड़िता के ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई। लिहाजा बुधवार को तमाम ग्रामीण एकत्र होकर डिडौली कोतवाली पहुंचे। यहां थानाध्यक्ष सुनील मलिक और विवेचक सुक्रमपाल राणा को फूल-माला पहनाकर सम्मानित किया और मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया। इस दौरान ग्रामीणों ने पुलिस, अभियोजन और न्यायिक अधिकारियों को आभार व्यक्त किया।
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डिडौली कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में रहने वाले 50 वर्षीय व्यक्ति ईंट भट्ठा मजदूर के खिलाफ चौदह वर्षीय बेटी के साथ दुष्कर्म करने के आरोप की एफआईआर 14 जून को दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने उसी दिन आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मामले की विवेचना डिडौली कोतवाली के एसएसआई सुक्रमपाल सिंह राणा ने की। उन्होंने छह दिन में विवेचना पूरी कर 22 जून को अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया। अगले दिन 23 जून को यह मुकदमा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष (पॉक्सो एक्ट प्रथम) अवधेश कुमार सिंह की अदालत में पहुंचा। पहले ही दिन अदालत ने मामले में सुनवाई शुरू कर मुकदमे को ट्रायल पर ले लिया। इस मामले में न्यायालय ने छह दिन के भीतर दुष्कर्मी पिता को उम्रकैद की सजा सुनाई और 53 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। अभियोजन पक्ष की तरफ से विशेष लोक अभियोजक (एडीजीसी) बसंत सिंह सैनी ने जोरदार पैरवी की थी। यह सजा उत्तर प्रदेश में जहां नजीर बनी, वहीं पिता-पुत्री के रिश्ते को शर्मसार करने वाले दोषी पिता को सजा मिलने के बाद पीड़िता के ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई। लिहाजा बुधवार को तमाम ग्रामीण एकत्र होकर डिडौली कोतवाली पहुंचे। यहां थानाध्यक्ष सुनील मलिक और विवेचक सुक्रमपाल राणा को फूल-माला पहनाकर सम्मानित किया और मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया। इस दौरान ग्रामीणों ने पुलिस, अभियोजन और न्यायिक अधिकारियों को आभार व्यक्त किया।
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