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Amroha News: करोड़ों के ग्राम सचिवालयों पर अव्यवस्था का ताला
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अमरोहा। ग्रामीणों सहूलियत के लिए बने ग्राम सचिवालयों में ताले लटके हुए हैं, जबकि पंचायत सचिव नदारद रहते हैं। हाल यह है कि ग्राम सचिवालयों में न तो हलका लेखपाल व सचिव बैठ रहे हैं और न ही हलका सिपाही, एएनएम, आशा व आंगनबाड़ी वर्कर। ऐसे में ग्रामीण अपनी समस्याओं को लेकर ब्लॉक, तहसील व जिला मुख्यालय का चक्कर लगाने को मजबूर हैं। ऐसे में ग्रामीण साइबर कैफे का रुख करते हैं। ब्लॉक व तहसील के चक्कर काटते हैं।
अमरोहा जनपद में 597 ग्राम पंचायत हैं। सभी ग्राम पंचायतों में ग्राम सचिवालय बनाए गए हैं। इसके लिए शासन की ओर से पंचायत सहायकों की नियुक्ति की गई है। अधिकारियों की लापरवाही के चलते सचिवालयों पर ताला लटका हुआ है। इतना ही नहीं अधिकांश सचिवालयों में न तो कंप्यूटर की व्यवस्था की गई है और न फर्नीचर की। बृहस्पतिवार को पंचायत सचिवालयों के हालातों की पड़ताल की। इस दौरान नौगांवा क्षेत्र के हादीपुर गांव में बने ग्राम सचिवालय में ताला लटकता मिला। जबकि खेतापुर गांव में सचिवालय बंद मिला। कैलसा क्षेत्र के पापड़ी व दबका और मंडी धनौरा के कमेलपुर गांव के सचिवालय में ताला लटकता मिला। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत सचिवालय यदा-कदा ही खुलता है और ब्लॉक स्तरीय कामों के लिए शहर जाना पड़ता है।
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बंद रहते हैं ग्राम पंचायत सचिवालय, ग्रामीणों को नहीं मिल रहा लाभ
हसनपुर। क्षेत्र में ग्राम सचिवालयों की स्थिति ठीक नहीं है। अधिकतर ग्राम सचिवालय बंद रहते हैं। पंचायत सहायक इसमें बैठते तक नहीं। जिससे ग्रामीणों की अधिकांश समस्याओं को निस्तारण नहीं हो पाता। उन्हें ब्लाक का चक्कर लगाना पड़ता है। ग्राम पंचायत फतेहपुर अधेक में ग्राम सचिवालय पर कई दिन से ताला लटक रहा है। वहीं ग्राम गारबपुर उर्फ रुस्तमपुर, ओगपुरा व साथलपुर में ग्राम सचिवालयों पर हमेशा ताला लटका रहता है। ग्रामीणों के मुताबिक यहां कोई नहीं बैठता। गांव के लोग सुविधा का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। शिकायत के बावजूद भी अधिकारियों द्वारा इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जाता। ग्रामीणों का कहना है कि राशन कार्ड बनवाना हो या पेंशन आदि से जुड़ा कोई कार्य हो, उन्हें कराने के लिए ब्लॉक के तहसील कार्यालय के चक्कर काटने पड़ते हैं।
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फौदापुर में पंचायत सचिवालय पर भी लटकता मिला ताला
गजरौला। ब्लॉक की ग्राम पंचायत फौदापुर में पंचायत सचिवालय बनाया गया। यहां पर पंचायत सहायक की तैनाती की गई। जिससे ग्रामीणों को अपने कार्य कराने के लिए ब्लॉक के चक्कर न लगाने पड़ें। वह गांव के पंचायत सचिवालय में जाकर पंचायत सहायक से अपने काम करा सकें। लेकिन शुक्रवार की सुबह साढ़े 11 बजे पंचायत सचिवालय पर ताला लटका हुआ था। ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत सहायक कभी कभार आता है।
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ग्रामीणों को ये मिलनी है सहूलियत
- वृद्धा, निराश्रित महिला, दिव्यांग पेंशन के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा
- जन्म-मृत्यु पंजीकरण के लिए आवेदन व प्रमाणपत्र
- आय, जाति, मूल निवास प्रमाणपत्र के लिए आवेदन
- खतौनी की जानकारी व नकल प्राप्त करने की सुविधा
- ग्राम पंचायत व अन्य मामले की ऑनलाइन शिकायत की सुविधा
- ग्राम पंचायत से जुड़ी अन्य सरकारी योजनाओं के लिए आवेदन की सुविधा
- गांव से जुड़ी सभी सरकारी योजनाओं की जानकारी की सुविधा
- आवास संबंधी, शौचालय संबंधी शिकायत की सुनवाई
- परिवार रजिस्टर की नकल की सुविधा
- पंचायत के आधारभूत आंकड़ों और सुविधाओं की जानकारी मिल सकेगी
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अमरोहा जनपद में 597 ग्राम पंचायत हैं। सभी ग्राम पंचायतों में ग्राम सचिवालय बनाए गए हैं। इसके लिए शासन की ओर से पंचायत सहायकों की नियुक्ति की गई है। अधिकारियों की लापरवाही के चलते सचिवालयों पर ताला लटका हुआ है। इतना ही नहीं अधिकांश सचिवालयों में न तो कंप्यूटर की व्यवस्था की गई है और न फर्नीचर की। बृहस्पतिवार को पंचायत सचिवालयों के हालातों की पड़ताल की। इस दौरान नौगांवा क्षेत्र के हादीपुर गांव में बने ग्राम सचिवालय में ताला लटकता मिला। जबकि खेतापुर गांव में सचिवालय बंद मिला। कैलसा क्षेत्र के पापड़ी व दबका और मंडी धनौरा के कमेलपुर गांव के सचिवालय में ताला लटकता मिला। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत सचिवालय यदा-कदा ही खुलता है और ब्लॉक स्तरीय कामों के लिए शहर जाना पड़ता है।
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बंद रहते हैं ग्राम पंचायत सचिवालय, ग्रामीणों को नहीं मिल रहा लाभ
हसनपुर। क्षेत्र में ग्राम सचिवालयों की स्थिति ठीक नहीं है। अधिकतर ग्राम सचिवालय बंद रहते हैं। पंचायत सहायक इसमें बैठते तक नहीं। जिससे ग्रामीणों की अधिकांश समस्याओं को निस्तारण नहीं हो पाता। उन्हें ब्लाक का चक्कर लगाना पड़ता है। ग्राम पंचायत फतेहपुर अधेक में ग्राम सचिवालय पर कई दिन से ताला लटक रहा है। वहीं ग्राम गारबपुर उर्फ रुस्तमपुर, ओगपुरा व साथलपुर में ग्राम सचिवालयों पर हमेशा ताला लटका रहता है। ग्रामीणों के मुताबिक यहां कोई नहीं बैठता। गांव के लोग सुविधा का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। शिकायत के बावजूद भी अधिकारियों द्वारा इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जाता। ग्रामीणों का कहना है कि राशन कार्ड बनवाना हो या पेंशन आदि से जुड़ा कोई कार्य हो, उन्हें कराने के लिए ब्लॉक के तहसील कार्यालय के चक्कर काटने पड़ते हैं।
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फौदापुर में पंचायत सचिवालय पर भी लटकता मिला ताला
गजरौला। ब्लॉक की ग्राम पंचायत फौदापुर में पंचायत सचिवालय बनाया गया। यहां पर पंचायत सहायक की तैनाती की गई। जिससे ग्रामीणों को अपने कार्य कराने के लिए ब्लॉक के चक्कर न लगाने पड़ें। वह गांव के पंचायत सचिवालय में जाकर पंचायत सहायक से अपने काम करा सकें। लेकिन शुक्रवार की सुबह साढ़े 11 बजे पंचायत सचिवालय पर ताला लटका हुआ था। ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत सहायक कभी कभार आता है।
ग्रामीणों को ये मिलनी है सहूलियत
- वृद्धा, निराश्रित महिला, दिव्यांग पेंशन के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा
- जन्म-मृत्यु पंजीकरण के लिए आवेदन व प्रमाणपत्र
- आय, जाति, मूल निवास प्रमाणपत्र के लिए आवेदन
- खतौनी की जानकारी व नकल प्राप्त करने की सुविधा
- ग्राम पंचायत व अन्य मामले की ऑनलाइन शिकायत की सुविधा
- ग्राम पंचायत से जुड़ी अन्य सरकारी योजनाओं के लिए आवेदन की सुविधा
- गांव से जुड़ी सभी सरकारी योजनाओं की जानकारी की सुविधा
- आवास संबंधी, शौचालय संबंधी शिकायत की सुनवाई
- परिवार रजिस्टर की नकल की सुविधा
- पंचायत के आधारभूत आंकड़ों और सुविधाओं की जानकारी मिल सकेगी