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Amroha News: वीडियो कॉल खोलेगी परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों की पोल
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अमरोहा। परिषदीय स्कूलों में शिक्षण कार्य में लापरवाही और शिक्षकों की मनमानी पर अब मूल्यांकन प्रकोष्ठ अंकुश लगाएगा। नामित पांच सदस्य प्रतिदिन कम से कम दस स्कूल में वीडियो कॉल कर शिक्षकों की उपस्थिति, शिक्षण कार्य समेत अन्य जानकारी की जांच कर रिपोर्ट देंगे। गर्मियों की छुट्टी के बाद स्कूल खुलते ही इस पर सक्रियता दिखाई जाएगी।
जिले में संचालित 1266 परिषदीय स्कूलों में बेहतर शिक्षा व्यवस्था के लिए समय समय पर सुधार किया जा रहा है। अब शिक्षकों पर मूल्यांकन प्रकोष्ठ नजर रखेगा। इससे मनमानी करने वाले शिक्षकों की पोल खुलेगी। साथ ही शिक्षा व्यवस्था और बच्चों की उपस्थिति में सुधार होगा। विभाग का मानना है कि यह निगरानी शिक्षा व्यवस्था सुधार में काफी मददगार साबित होगी। बीएसए गीता वर्मा ने बताया कि विभाग ने निपुण लक्ष्य पूरा करने के लिए स्कूलों का औचक ऑनलाइन निरीक्षण करने की योजना बनाई है। जिससे शैक्षिक कार्य का मूल्यांकन किया जा सके। इसके साथ ही शिक्षकों की लापरवाही पर अंकुश लगाने के लिए डायट प्राचार्य की निगरानी में दो वरिष्ठ प्रवक्ता व तकनीकी सहायक की संयुक्त टीम गठित की गई है। मूल्यांकन प्रकोष्ठ के सदस्य प्रतिदिन कम से कम दस स्कूलों का ऑनलाइन अवलोकन वीडियो कॉल के जरिए करेंगे। वीडियो कॉल पर शिक्षकों की उपस्थिति, समय सारिणी के अनुसार कौन सा विषय पढ़ाया जा रहा है, संदर्शिका, निर्देशिका, शिक्षण योजना का पालन की स्थिति, टीएलएम प्रयोग की स्थिति, गणित व विज्ञान किट प्रयोग की स्थिति, रिमीडियल टीचिंग प्रभाव, निपुण भारत योजना की स्थिति,उपस्थित छात्र संख्या समेत निर्धारित 20 बिंदु की जांच कर रिपोर्ट देना होगा। एसआरपी व एआरपी की ओर से सहयोगात्मक पर्यवेक्षण व सहयोग की निगरानी तथा अनुश्रवण किया जाएगा। टीम प्रधानाध्यापकों, शिक्षक, शिक्षामित्र व अनुदेशकों के क्रियाशील मोबाइल नंबरों पर तीन बार अलग-अलग कार्य दिवस में वीडियो काल कर निगरानी करेगी। फोन रिसीव नहीं करने की दशा में कार्रवाई की संस्तुति करेगी।
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जिले में संचालित 1266 परिषदीय स्कूलों में बेहतर शिक्षा व्यवस्था के लिए समय समय पर सुधार किया जा रहा है। अब शिक्षकों पर मूल्यांकन प्रकोष्ठ नजर रखेगा। इससे मनमानी करने वाले शिक्षकों की पोल खुलेगी। साथ ही शिक्षा व्यवस्था और बच्चों की उपस्थिति में सुधार होगा। विभाग का मानना है कि यह निगरानी शिक्षा व्यवस्था सुधार में काफी मददगार साबित होगी। बीएसए गीता वर्मा ने बताया कि विभाग ने निपुण लक्ष्य पूरा करने के लिए स्कूलों का औचक ऑनलाइन निरीक्षण करने की योजना बनाई है। जिससे शैक्षिक कार्य का मूल्यांकन किया जा सके। इसके साथ ही शिक्षकों की लापरवाही पर अंकुश लगाने के लिए डायट प्राचार्य की निगरानी में दो वरिष्ठ प्रवक्ता व तकनीकी सहायक की संयुक्त टीम गठित की गई है। मूल्यांकन प्रकोष्ठ के सदस्य प्रतिदिन कम से कम दस स्कूलों का ऑनलाइन अवलोकन वीडियो कॉल के जरिए करेंगे। वीडियो कॉल पर शिक्षकों की उपस्थिति, समय सारिणी के अनुसार कौन सा विषय पढ़ाया जा रहा है, संदर्शिका, निर्देशिका, शिक्षण योजना का पालन की स्थिति, टीएलएम प्रयोग की स्थिति, गणित व विज्ञान किट प्रयोग की स्थिति, रिमीडियल टीचिंग प्रभाव, निपुण भारत योजना की स्थिति,उपस्थित छात्र संख्या समेत निर्धारित 20 बिंदु की जांच कर रिपोर्ट देना होगा। एसआरपी व एआरपी की ओर से सहयोगात्मक पर्यवेक्षण व सहयोग की निगरानी तथा अनुश्रवण किया जाएगा। टीम प्रधानाध्यापकों, शिक्षक, शिक्षामित्र व अनुदेशकों के क्रियाशील मोबाइल नंबरों पर तीन बार अलग-अलग कार्य दिवस में वीडियो काल कर निगरानी करेगी। फोन रिसीव नहीं करने की दशा में कार्रवाई की संस्तुति करेगी।
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